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Showing posts from July, 2026
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​ कटनी पुलिस महकमे में हड़कंप: डीएसपी नेहा पच्चीसिया पर अवैध वसूली के आरोप, आरक्षक निलंबित, 3 थानों का प्रभार छीना ​ कटनी। मध्यप्रदेश के कटनी जिले में पुलिस महकमे से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। DSP नेहा पच्चीसिया पर वाहन चेकिंग के दौरान एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी से कथित रूप से अवैध वसूली करने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक (SP) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरक्षक/चालक को निलंबित कर दिया है, वहीं डीएसपी के कार्यक्षेत्र में बड़ा बदलाव करते हुए उनसे तीन प्रमुख थानों का प्रभार वापस ले लिया गया है। ​ क्या है पूरा मामला? ​रिपोर्ट के अनुसार, ट्रांसपोर्ट व्यवसायी महेंद्र कुमार जैन ने 22 जुलाई को पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत की थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वाहन चेकिंग के दौरान उनकी हाईवा गाड़ी को रोककर ₹30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई। आरोप के मुताबिक, मौके पर ही ₹25 हजार नगद लिए गए और शेष ₹5 हजार अगले दिन चालक के माध्यम से वसूल किए गए। व्यवसायी ने अपने दावों और आरोपों के समर्थन में पुलिस को कुछ साक्ष्य (प्रमाण) भी सौंपे हैं। ​ ( नोट: यह वर्तमान में शिकायतकर...
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​कटनी  सड़कों का 'सिस्टम' ध्वस्त: जिला कलेक्टर कार्यालय के गेट पर गड्ढे, कटाये घाट मोड़  के गड्ढे कही बन न जाये  हादसों के स्पॉट ​ कटनी। शहर की सड़कों की हालत दिन-ब-दिन बद से बदतर होती जा रही है। विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत यह है कि न केवल आम मोहल्ले और अवैध कॉलोनियां, बल्कि प्रशासनिक अमले के ठीक नाक के नीचे की सड़कें भी खस्ताहाल हो चुकी हैं। विभागीय अनदेखी का आलम यह है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा घटित हो सकता है। ​ कलेक्टर कार्यालय का गेट ही गवाह, फिर भी प्रशासन बेखबर ​ताज्जुब की बात तो यह है कि जिस प्रशासनिक भवन से पूरे जिले की व्यवस्थाएं संचालित होती हैं, उसी जिला कलेक्टर कार्यालय के मुख्य गेट पर सड़कें उधड़ चुकी हैं और गहरे गड्ढे बन गए हैं । ​विडंबना देखिए— ​ठीक सामने लोक निर्माण विभाग (PWD) का कार्यालय है। ​बगल में जिला पंचायत एवं RES का कार्यालय स्थित है। ​रोजाना तमाम आला अधिकारी, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अमला इसी मार्ग से गुजरता है। ​इसके बावजूद इस मुख्य सड़क की बदहाली पर किसी भी जिम्मेदार अधिकारी की नजर न पड़ना, प्रशासनिक संवेदनहीनता को ...
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नशे से दूरी, फिर भी गंतव्य वही: क्या सिर्फ स्कूली आयोजनों से थमेगा 'ज़हर' का कारोबार? ​ विशेष रिपोर्ट | कटनी ​ ‘नशे से दूरी, है बहुत जरूरी’ —यह नारा इन दिनों जिले के तमाम सरकारी और निजी स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक चौराहों पर लगे होर्डिंग्स पर जगमगा रहा है। शासन-प्रशासन की ओर से युवाओं और विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई जा रही है, रैलियां निकाली जा रही हैं और निबंध-चित्रकला प्रतियोगिताओं के जरिए इस संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का दावा किया जा रहा है। ​लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या इन अभियानों का ज़मीनी यथार्थ उतना ही गुलाबी है जितना रिपोर्टों में नज़र आता है? ​कागज़ों में जनजागरूकता, सड़कों पर 'सुविधा' ​कटनी जिले के आंकड़े अभियान की हकीकत बयां करने के लिए काफी हैं। जिले में लगभग 63 आधिकारिक लाइसेंसी शराब दुकानें संचालित हैं। सरकारी आंकड़ों से इतर, ज़मीनी हकीकत यह भी है कि गाँव-गाँव और मोहल्ले-मोहल्ले लगभग 400 से 500 अवैध पैकारियाँ धड़ल्ले से चल रही हैं। ​जहाँ एक तरफ स्कूलों के बंद कमरों और परिसरों में बच्चों को नशे के नुकसान गिनाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ...
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  कटनी जिले मे डल रही सीवर लाइन बनी जिलेवासियो के लिये सिरदर्द सीवर लाइन मे हो रहे गुणवत्ता हीन  कार्य खडे कर रहे कई गंभीर सवाल  कटनी। (विशेष रिपोर्ट) ​शहर के सुनहरे भविष्य और ‘विकास’ के नाम पर बिछाई जा रही नगर निगम की सीवर लाइन आज शहरवासियों के लिए सबसे बड़ी आफत बन चुकी है। प्रशासनिक दावों की मानें तो सीवर लाइन से शहर का कायाकल्प हो रहा है, लेकिन धरातल पर एक आम नागरिक की जिंदगी हिचकोलों और धूल-मिट्टी के बीच सिमट कर रह गई है। ​कागजों पर विकास, सड़कों पर गड्ढे ​नगर निगम की कार्यप्रणाली पर यदि एक आम आदमी की नजर से देखा जाए, तो पूरी परियोजना में लापरवाही और गुणवत्ताहीनता की परतें साफ उधड़ती नजर आ रही हैं। ​ आकार पर सवाल: जल निकासी की दीर्घकालिक जरूरतों को दरकिनार कर ऐसे छोटे पाइप डाले जा रहे हैं जो भविष्य में मामूली बारिश का दबाव भी नहीं झेल पाएंगे। ​ भ्रष्टाचार की 'डस्ट-रेत' कोटिंग: सबसे गंभीर मामला सीवर लाइन खोदने के बाद गड्ढों को बंद करने की प्रक्रिया में सामने आ रहा है। पाइप डालने के बाद सड़कों की प्रॉपर बेस-पैकिंग और कंक्रीट मरम्मत करने के बजाय, ठेकेदार केवल डस...
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  कटनी RTO में 'जय-वीरू' के दम पर चल रहा खेल! AAP जिलाध्यक्ष अनिल सिंह सेंगर ने खोला राज ​ कटनी। कटनी आरटीओ (RTO) कार्यालय को लेकर पिछले कुछ दिनों से मीडिया में चल रही 'जय और वीरू' की खबरों पर अब राजनीति गर्मा गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के जिला अध्यक्ष अनिल सिंह सेंगर ने इस मामले पर बड़ा खुलासा करते हुए आरटीओ प्रशासन और बिचौलियों के गठजोड़ पर तीखा हमला बोला है। ​ 'जय और वीरू' काल्पनिक नाम नहीं अनिल सिंह सेंगर ने स्पष्ट किया कि मीडिया संस्थानों द्वारा जो खबरें दिखाई जा रही थीं कि 'कटनी RTO जय और वीरू के भरोसे चल रहा है', वे बिल्कुल सत्य हैं। उन्होंने कहा, "जय और वीरू कोई काल्पनिक किरदार नहीं हैं। असल में कटनी आरटीओ का पूरा संचालन 'एक तिवारी' और 'एक खान बंधु' के हाथों में है। यही दोनों कटनी आरटीओ के असली कर्ता-धर्ता बने हुए हैं।" ​ 'धनकुबेर' पूर्व आरटीओ का हाथ होने का आरोप आप जिलाध्यक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम के तार साल 2022 के बहुचर्चित मामलों से जोड़ते हुए बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन कथित जय-वीरू को जबलपुर के...
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​ बड़वारा सहकारी समिति की गुप्त भर्ती पर उठे सवाल, रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने के आरोप ​ सहकारी समिति की भर्ती पर सवालों का तूफान! साहब! जिले के कलेक्टर अनजान या फिर बेबस? ​ रिश्तेदारी के दम पर मिली नौकरी? भाई-भतीजावाद अपनाते हुए सेल्समैनों की नियुक्ति पर बवाल! ​ प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित बड़वारा की भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल ​ RTI के बाद भी नहीं मिली जानकारी ​ निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्यवाही की मांग ​ कटनी कटनी जिले की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित बड़वारा में हाल ही में हुई भर्तियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का पालन नहीं किया गया तथा रिश्तेदारी और प्रभाव के आधार पर नियुक्तियां किए जाने की आशंका है। (इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।) ​शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि यदि इन नियुक्तियों में निर्धारित नियमों, विज्ञापन, चयन प्रक्रिया और मेरिट का पालन नहीं किया गया, तो इससे योग्य अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित हुए हैं तथा सहकारी संस्था की निष्पक्षता पर प्रश्न खड़े होते...
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  आखिर किसकी सरपरस्ती में जारी है लखन पटेल का पंचमुखी वेयरहाउस मे भृष्टाचार का तांडव ​ स्थान: बड़वारा / कटनी (म.प्र.) दिनांक: 28 जुलाई 2026 मुख्य विषय: पंचमुखी वेयरहाउस बसाड़ी मूंग खरीदी केंद्र में चल रही मनमानी, तौल घोटाला एवं प्रशासनिक सांठगांठ ​ मुख्य सुर्खियां  ​ पंचमुखी वेयरहाउस बसाड़ी में विक्रेता लखन पटेल की चल रही मनमानी; आखिर क्यों मौन है प्रशासन? ​ कागजों पर देवेन्द्र पटेल, पर कुर्सी पर कब्जा लखन का: भाकिंयु के औचक निरीक्षण में खुली धांधली की पोल! ​ पिछले साल कार्रवाई के बाद भी बेखौफ! सवाल- कौन है इस दागी विक्रेता का गॉडफादर? ​ बड़वारा/कटनी। तहसील बड़वारा अंतर्गत पंचमुखी वेयरहाउस बसाड़ी मूंग खरीदी केंद्र में भ्रष्टाचार, मनमानी और किसानों के शोषण का एक हैरान करने वाला मामला उजागर हुआ है। 27 जुलाई को भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) कटनी के पदाधिकारियों द्वारा किए गए औचक निरीक्षण ने केंद्र में चल रहे फर्जीवाड़े की पूरी कलाई खोलकर रख दी है। ​ 1. कागजों में कोई और, तौल पर दागी का कब्जा ​विभाग द्वारा प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस खरीदी केंद्र का व...
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​ विशेष रिपोर्ट: मध्याह्न भोजन में धांधली और राशन की कालाबाजारी, बीआरसी की कार्यशैली पर उठे सवाल ​ स्थान: कटनी (मध्य प्रदेश) ​ कटनी। जिले की कई ग्राम पंचायतों में संचालित स्व-सहायता समूहों के माध्यम से सरकारी योजनाओं की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, स्कूलों में नौनिहालों के लिए आने वाले मध्याह्न भोजन (MDM) के राशन में बड़े पैमाने पर हेरफेर कर उसे खुले बाजार में बेचे जाने का गंभीर मामला सामने आया है। ​किचन शेड खाली, समूह संचालकों के घरों में सरकारी गल्ले का 'अवैध' स्टोर ​नियमों के मुताबिक मध्याह्न भोजन का राशन और किराना सामग्री स्कूल परिसर स्थित किचन शेड या निर्धारित स्थान पर रखी जानी चाहिए। लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। ​आरोप है कि स्व-सहायता समूह के संचालक या उनका संचालन करने वाले प्रभावशाली व्यक्ति पूरे राशन और किराने के सामान को अपने निजी घरों में अवैध रूप से स्टोर करके रखते हैं। 'ऑन डिमांड' व्यवस्था के नाम पर रोजाना महज नाममात्र का सामान—जैसे एक पाव तेल, थोड़ा सा आटा या चावल और किराना—खाना बनाने के लिए भेजा जाता ह...
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  ग्राउंड रिपोर्ट: कटनी ​ कैलवारा खुर्द अंडरब्रिज बना 'नर्क का द्वार':  बारिश होते ही उत्पन्न। हो जाती है विषम परिस्थितिया बदहाली पर जिला प्रशासन मौन ​ कटनी। विकास के बड़े-बड़े दावों और कागजी योजनाओं के बीच कटनी जिले का कैलवारा खुर्द अंडरब्रिज आज बदहाली की एक ऐसी तस्वीर पेश कर रहा है, जिसे देखकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। हल्की सी बारिश होते ही यह अंडरब्रिज तालाब में तब्दील हो जाता है और राहगीरों के लिए किसी 'नर्क के द्वार' जैसा साबित होने लगता है। ​ रेलवे लाइन चालू, लेकिन जनता की राह बंद ​रेलवे ने अपना काम पूरा कर लिया, पटरियां बिछ गईं, ट्रायल सफल रहे और ट्रेनों की आवाजाही भी बेधड़क शुरू हो चुकी है। लेकिन इस पूरे निर्माण के बाद जनता को जिस सहूलियत की उम्मीद थी, वह अब दलदल में तब्दील हो चुकी है। अंडरब्रिज के दोनों ओर (लगभग 200 मीटर इस पार और 200 मीटर उस पार) की सड़क इस कदर बदहाल है कि वहां से पैदल निकलना तो दूर, दोपहिया और चारपहिया वाहनों का गुजरना भी जान जोखिम में डालने जैसा है। पूरी सड़क कीचड़ और गहरे गड्ढों से पट चुकी है। ​ जलजमाव और जा...
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​ गुड़ा कला वेयरहाउस में धांधली: सस्पेंशन के बाद भी लखन पटेल का रसूख कायम, खाद्य विभाग की मेहरबानी पर उठे गंभीर सवाल ​ दिनांक: 25 जुलाई 2026 स्थान: गुड़ा कला (विलायत कला), कटनी (म.प्र.) ​ कटनी। जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की कार्यशैली एक बार फिर कटघरे में है। मामला गुड़ा कला (विलायत कला) स्थित लक्ष्य वेयरहाउसिंग एंड एग्रो सर्विसिंग खरीदी केंद्र का है, जहां अनैतिक आचरण, तौल में गड़बड़ी और गंभीर अनियमितताओं के आरोपों में घिरे खरीदी प्रभारी लखन पटेल का दबदबा थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व में निलंबित (सस्पेंड) होने के बावजूद लखन पटेल को दोबारा मूंग और उड़द खरीदी केंद्र की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इस फैसले ने प्रशासनिक निष्पक्षता और विभागीय साख पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ​गेहूं के बाद अब मूंग-उड़द खरीदी पर 'कब्जा' ​गेहूं उपार्जन के दौरान हुए विवादों और शिकायतों के बाद लखन पटेल को निलंबित किया गया था। लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि निलंबन के बावजूद केंद्र पर उनका प्रभाव कम नहीं हुआ। नियमों को ताक पर रखकर अधिकारियों से "गुप्त सेटिंग" के बल पर वे अब म...
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​  जन-आक्रोश के आगे झुकी सत्ता: क्या केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा भारतीय लोकतंत्र की नई संजीवनी है? ​ जंतर-मंतर से उठी युवाओं की आवाज ने फिर साबित किया—लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि है। ​   कटनी  ​पिछले कुछ दिनों से देश की राजधानी के ऐतिहासिक जंतर-मंतर समेत राज्यों के विभिन्न हिस्सों में गूंजता युवाओं का गुस्सा आखिरकार रंग लाया। देश भर में जारी व्यापक छात्र प्रदर्शनों और जन-आक्रोश के दबाव में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस राजनीतिक घटनाक्रम ने न केवल देश की भावी शिक्षा नीति पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के अस्तित्व और उसकी ताकत पर एक नई बहस को जन्म दिया है। ​लोकतंत्र की असली परीक्षा: सवाल बनाम जवाबदेही ​हालिया घटनाक्रमों को अगर लोकतांत्रिक नजरिए से देखा जाए, तो युवाओं का यह प्रदर्शन केवल किसी एक नीति या परीक्षा का विरोध नहीं था, बल्कि यह व्यवस्था से जवाबदेही मांगने का एक सशक्त जरिया था। ​यदि जन-आक्रोश के बावजूद सत्ता शीर्ष पर बैठे जिम्मेदार चेहरा अपने पद पर बने रहते, तो यकीनन दुनिया क...
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​ कागज़ों तक सीमित पुस्तक परिवहन, निजी खर्चे पर पुस्तकें ढोने को मजबूर शिक्षक ​ कटनी में शिक्षा विभाग के भ्रष्टाचार पर जिला पंचायत सदस्य ने उठाए सवाल ​ DPC और BRC की मिलीभगत के आरोप, स्क्रीनशॉट भी आए सामने ​ नियमों की धज्जियां उड़ाकर 15 साल से जमे हैं पसंदीदा जनशिक्षक कटनी (विशेष संवाददाता)। एक तरफ देश भर में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग उठ रही है, वहीं दूसरी तरफ कटनी जिले से शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर हो रहे गड़बड़झाले की खबर सामने आई है। मामला प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं के विद्यार्थियों के लिए आने वाली निःशुल्क पुस्तकों के परिवहन घोटाले से जुड़ा है। आरोप है कि कागज़ों पर परिवहन का खेल चलाकर शासन के लाखों रुपयों की लूट की जा रही है। ​ 27 लाख का टेंडर, फिर भी शिक्षक कर रहे परिवहन ​जिला पंचायत सदस्य मोहिनी देवी पांडे ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत कटनी को लिखित शिकायत सौंपकर इस घोटाले का पर्दाफाश किया है। शिकायती पत्र के अनुसार: ​राज्य शिक्षा केंद्र के नियमानुसार निःशुल्क पुस्तकों का परिवहन ठेकेदार के माध्यम से सीधे प्रत्येक विद्यालय तक किया जा...
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​ कटनी में आदिवासी भूमि के अवैध हस्तांतरण पर कानूनी घमासान: बिना कलेक्टर अनुमति के फर्जीवाड़े का आरोप ​ विशेष रिपोर्ट | कटनी (म.प्र.) ​ कटनी। म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 के नियमों को दरकिनार कर आदिवासी भूमि के अवैध नामांतरण और बंटवारे का एक गंभीर मामला सामने आया है। तृतीय व्यवहार न्यायाधीश (कनिष्ठ खंड), कटनी के न्यायालय में दाखिल याचिका के अनुसार, कलेक्टर की पूर्व अनुमति के बिना अनुसूचित जनजाति (ST) की भूमि गैर-आदिवासी के पक्ष में अंतरित करने और फर्जी संबंधों का सहारा लेकर नियम विरुद्ध आदेश पारित कराने का आरोप लगाया गया है। ​ मामले के मुख्य बिंदु: ​ न्यायालय: तृतीय व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खंड, कटनी (म.प्र.) ​ वादी: वीरेंद्र जैन एवं अन्य (पूर्व निर्वाचित सरपंच व समाजसेवी) ​ प्रतिवादी: अमित कुमार दोदवानी एवं अन्य ​ क्या है पूरा विवाद? ​वादी पक्ष (वीरेंद्र जैन एवं अन्य) ने सी.पी.सी. के आदेश 1 नियम 8 के तहत न्यायालय के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करते हुए आरोप लगाया है कि: ​ कलेक्टर अनुमति का उल्लंघन: म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 के प्रावधानों के अनुसार, अनुसूचित जनजाति की भू...
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​ नशे से दूरी है बहुत जरूरी 2.0: स्लोगन और यथार्थ के बीच झूलती जमीनी हकीकत ​  कटनी  ​ "नशे से दूरी है बहुत जरूरी 2.0" — यह केवल एक सरकारी नारा नहीं, बल्कि समाज को गर्त में धकेल रहे नशे के खिलाफ छिड़ी एक मुहिम का दावा है। प्रदेश भर में अभियान के दूसरे चरण का ढोल-नगाड़ों के साथ आगाज तो हो चुका है, लेकिन कटनी जिले की कड़वी सच्चाई इस स्लोगन की मंशाहों पर सीधे सवाल खड़े कर रही है। ​सवाल यह है कि क्या सरकारी कागजों में चमकता यह स्लोगन जमीनी धरातल पर हकीकत बन पाएगा? या फिर हमेशा की तरह अवैध शराब और नशीले पदार्थों का फैला जाल इसे एक बार फिर बेअसर कर देगा? ​आंकड़ों का खेल और पैकारियों का मकड़जाल ​कटनी जिले की भौगोलिक स्थिति और यहां का मौजूदा ढांचा खुद में कई विरोधाभास समेटे हुए है: ​ 63 वैध लाइसेंसी दुकानें: जिले भर में आबकारी विभाग द्वारा संचालित 63 आधिकारिक शराब दुकानें मौजूद हैं। ​ अवैध पैकारियों की भरमार: जमीनी सूत्रों और स्थानीय निवासियों की मानें तो हर वैध दुकान के साये में 8 से 10 अवैध पैकारियां धड़ल्ले से चल रही हैं। ​ गांव-गांव तक पहुंच: मुख्य दुकानों से निकलक...
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  ​ आखिर किसका संरक्षण है पूर्व मे सस्पेंड केन्द्र प्रभारी लखन पटेल को आखिर सस्पेंड होने के बाद भी पुनः क्यो दी गयी मूंग खरीदी केन्द्र की जिम्मेदारी क्या प्रभारियो की कमी हो गयी प्रशासन के पास  अधिकारियों के नाक के नीचे भ्रष्टाचार का नंगा नाच: 50 किलो की बोरी में 51.200 KG का 'डाका'! ​ कटनी (बड़वारा) दिनांक: 24 जुलाई 2026 ​"आवाज उठाओगे तो फसल रिजेक्ट कर देंगे!" — क्या यही है प्रशासनिक तंत्र का असली चेहरा? कटनी (मध्य प्रदेश): पसीना बहाकर फसल उगाने वाले अन्नदाता के पेट पर लात मारने का एक और खौफनाक और शर्मनाक खेल उजागर हुआ है! बड़वारा क्षेत्र के बसाढ़ी समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र (पंचमुखी वेयरहाउस) में किसानों से सरेआम ठगी की जा रही है। ​नियम कहते हैं कि प्रति बोरी 50 किलो तौल होनी चाहिए, लेकिन केंद्र पर तौल का कांटा 51 किलो 200 ग्राम पर ही रुक रहा है! यानी हर एक बोरी पर सीधे-सीधे 1 किलो 200 ग्राम की डकैती! ​ धांधली का गंदा खेल: विरोध किया तो सीधी धमकी! ​किसानों का आरोप है कि जब उन्होंने इस खुली लूट का विरोध किया, तो खरीदी केंद्र के प्रभारी ने अहंकार और दबंगई दि...
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    कटनी नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, जर्जर सड़कें दे रहीं हादसों को न्योता ​ विशेष रिपोर्ट कटनी  कटनी। कटनी नगर निगम की कार्यशैली और प्रशासनिक रवैये को लेकर स्थानीय निवासियों और विपक्षी दलों में भारी असंतोष व्याप्त है। एक तरफ जहां निगम की निर्णय प्रक्रिया पर तानाशाही और मनमर्जी के आरोप लग रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शहर की प्रमुख सड़कों की बदहाली आम जनता की जान पर भारी पड़ रही है। ​सत्ता व मनोनीत सदस्यों की कार्यप्रणाली पर सवाल ​हाल ही में एल्डरमैन (मनोनीत सदस्यों) की मनोनयन प्रक्रिया और निगम की आंतरिक कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि निगम में सर्वसम्मति और समानता के अधिकार की अनदेखी की जा रही है। ​इस प्रशासनिक ढर्रे पर विपक्षी दलों ने भी कड़ा रुख अपनाया है: ​ कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमित शुक्ला ने नगर निगम के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि निगम जनहित को दरकिनार कर केवल अपनी मनमर्जियों में व्यस्त है। ​ आम आदमी पार्टी (आप) जिलाध्यक्ष अनिल सिंह सेंगर ने भी नामांकनों और निगम के फैसलों में पारदर्शिता की कमी...
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​ वाह रे कटनी नगर निगम! पुरानी सड़कों का दम घुटा, नए भूमिपूजन की लगी झड़ी ​ सीवर लाइन ने शहर को बनाया 'गड्ढा पुर': पहली ही बारिश में खुली विकास के दावों की पोल, हादसों को न्योता दे रहीं खस्ताहाल सड़कें ​कटनी   ​कटनी नगर पालिक निगम क्षेत्र में इन दिनों 'विकास' का एक अनोखा मॉडल देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए नए-नए निर्माण कार्यों के धड़ाधड़ भूमिपूजन किए जा रहे हैं और शिलान्यास की पट्टिकाएं सजाई जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ शहर की पुरानी और मुख्य सड़कें अपना दम तोड़ रही हैं। ​पूरा कटनी शहर इस वक्त सीवर लाइन के अधूरे और लापरवाही से भरे निर्माण कार्य के कारण पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है। स्थानीय नागरिकों का जीना मुहाल हो गया है, लेकिन ज़िम्मेदार तंत्र नए आयोजनों की चमक-धमक में मशगूल है। ​ सीवर लाइन का 'दंश': न मजबूती, न सही मरम्मत ​शहर के जिस भी इलाके में सीवर लाइन की खुदाई की गई, वहां ठेकेदारों और निगम के अफ़सरों की जुगलबंदी का खामियाज़ा आम जनता भुगत रही है। ​ गुणवत्ता से समझौता: पाइपलाइन डालने के बाद सड़कों की ठीक से ...
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 कटनी PHE विभाग की संदेहास्पद कार्यप्रणाली: आराम फरमा रहे अधिकारी, परेशान हो रहे जनप्रतिनिधि! ​   कैलवारा खुर्द कटनी में टंकी बनकर तैयार, पर बोर के नाम पर अधिकारी 4 महीने से दे रहे सिर्फ 'तारीख पर तारीख' ​ कटनी। सरकार हर घर जल पहुंचाने का दावा कर रही है, लेकिन कटनी के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण धरातल पर स्थितियां कुछ और ही बयां कर रही हैं। विभाग की संदेहास्पद कार्यप्रणाली का एक बड़ा उदाहरण कैलवारा खुर्द में देखने को मिल रहा है, जहां पानी की टंकी बनने से पहले शुरू हुआ बोरिंग का काम आज तक अधूरा पड़ा है। हालत यह है कि टंकी बनकर लगभग तैयार होने को है, लेकिन उसमें भरने के लिए पानी का स्रोत (बोर) ही गायब है। ​ एसडीओ का एक ही बहाना— 'मशीन नहीं है' ​स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का आरोप है कि जब भी इस समस्या को लेकर विभाग के अनुविभागीय अधिकारी (SDO) साकेत सुहाने से बात की जाती है, तो उनके पास केवल एक ही रटा-रटाया जवाब होता है। SDO सुहाने "एक हफ्ते में काम हो जाएगा" का भरोसा देते-देते लगभग तीन से चार महीने का समय ब...
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 *पेपर लीक के खिलाफ एवं सोनम वांगचुक के समर्थन में आम आदमी पार्टी का शांतिपूर्ण विरोध मार्च सम्पन्न* आम आदमी पार्टी, जिला कटनी द्वारा देश के प्रख्यात वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद श्री सोनम वांगचुक जी के लोकतांत्रिक संघर्ष के समर्थन तथा पेपर लीक प्रकरण में जवाबदेही तय करने एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आज एक शांतिपूर्ण विरोध मार्च आयोजित किया गया। यह मार्च रेलवे स्टेशन चौराहा, कटनी से प्रारंभ होकर अहिंसा चौक तक निकाला गया। मार्च में पार्टी ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं युवाओं के भविष्य की सुरक्षा की मांग उठाई। इस अवसर पर आम आदमी पार्टी जिला अध्यक्ष एड. अनिल सिंह सेंगर ने कहा कि, "देश के करोड़ों युवाओं का भविष्य बार-बार होने वाले पेपर लीक से बर्बाद हो रहा है। जब एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद श्री सोनम वांगचुक युवाओं के हित में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहे हैं, तब उनकी आवाज़ को दबाने के बजाय सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय होना आवश्यक है और पेपर लीक जैसी घटना...
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    सरकारी राशन पर 'रसूख' का पहरा! ​ कैलवारा खुर्द -  सरकार बच्चों के पोषण के लिए तिजोरी खोल रही है, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द में मध्याह्न भोजन योजना (MDM) को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक पारदर्शिता की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। ​सूत्रों और स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, गांव में एमडीएम का संचालन चाहे कोई भी स्वयं सहायता समूह (SHG) कर रहा हो, लेकिन राशन दुकान से उठने वाला सरकारी गल्ला (अनाज), किराना और सब्जियां स्कूल या समूह के केंद्र पर जाने के बजाय सीधे पूर्व सरपंच माधुरी भूषण पाठक के निजी निवास पर पहुंच रही हैं। ​बच्चों का निवाला, पूर्व सरपंच का घर: आखिर क्यों? ​बड़ा सवाल यह उठता है कि जब सरकार समूहों को आत्मनिर्भर बनाने और स्कूलों में सीधे सामग्री आपूर्ति करने का दावा करती है, तो फिर कैलवारा खुर्द का पूरा एमडीएम तंत्र एक पूर्व जनप्रतिनिधि के घर के इर्द-गिर्द क्यों सिमट गया है? ​स्थानीय स्तर पर यह चर्चा का विषय है कि क्या समूह केवल कागजों पर काम कर रहे हैं और परदे के पीछे से पूरी कमा...
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​ दोगली नीतियां: एक तरफ राजस्व का लालच, दूसरी तरफ नशामुक्ति का ढोंग! ​ विशेष रिपोर्ट कटनी। 'नशे से दूरी, है बहुत जरूरी'— यह वह चमकीला नारा है जिसे सरकारी विज्ञापनों, दीवारों और जागरूकता रैलियों में चमकाने के लिए हर साल लाखों-करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा दिए जाते हैं। लेकिन जब जमीनी हकीकत का रुख करें, तो यह नारा महज एक कागजी औपचारिकता नजर आता है। कटनी जिले में पैर पसार चुका अवैध शराब का काला कारोबार और सरकार की दोहरी नीतियां इस बात का जीता-जागता सबूत हैं। ​ 63 लाइसेंसी दुकानें, और उनके साए में 600 से ज्यादा अवैध 'पैकारियां' ​सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कटनी जिले में करीब 63 लाइसेंसी शराब दुकानें स्वीकृत हैं। नियम कहते हैं कि शराब सिर्फ इन्हीं चुनिंदा काउंटरों से बेची जा सकती है। लेकिन हकीकत इसके ठीक उलट है। सूत्रों और जमीनी हकीकत की मानें तो हर एक लाइसेंसी दुकान की शह पर उसके आस-पास लगभग 10 अवैध 'पैकारियां' (अवैध बिक्री केंद्र) धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं। ​गणित साफ है— अगर 63 दुकानें हैं, तो जिले के गांवों, कस्बों और गलियों में ऐसा अनुमान है कि लगभग  600...
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​ मुख्यमंत्री से शिकायत: जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के अधिकारियों पर गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग ​ कटनी। कटनी स्थित जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर पद का दुरुपयोग, अभद्र व्यवहार, सूचना के अधिकार (RTI) की जानकारी देने में कथित लापरवाही तथा पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों को लेकर 'द जर्नलिस्ट एसोसिएशन' के राष्ट्रीय संगठन मंत्री एवं पत्रकार मनोज सिंह परिहार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को विस्तृत शिकायत भेजकर उच्चस्तरीय जांच एवं दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ​शिकायत के  मुख्य बिंदु  ​ 1. RTI की जानकारी देने में कथित लापरवाही ​शिकायत पत्र के अनुसार, आवेदक ने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र में पदस्थ अधिकारियों की नियुक्ति से संबंधित जानकारी 'सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005' के तहत मांगी थी। आरोप है कि मांगी गई जानकारी पूर्ण रूप से उपलब्ध नहीं कराई गई और विभाग द्वारा केवल आंशिक दस्तावेज ही दिए गए। ​ 2. अपील के दौरान अभद्र व्यवहार और मारपीट का आरोप ​शिकायत...