वाह रे कटनी नगर निगम! पुरानी सड़कों का दम घुटा, नए भूमिपूजन की लगी झड़ी
सीवर लाइन ने शहर को बनाया 'गड्ढा पुर': पहली ही बारिश में खुली विकास के दावों की पोल, हादसों को न्योता दे रहीं खस्ताहाल सड़कें
कटनी
कटनी नगर पालिक निगम क्षेत्र में इन दिनों 'विकास' का एक अनोखा मॉडल देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए नए-नए निर्माण कार्यों के धड़ाधड़ भूमिपूजन किए जा रहे हैं और शिलान्यास की पट्टिकाएं सजाई जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ शहर की पुरानी और मुख्य सड़कें अपना दम तोड़ रही हैं।
पूरा कटनी शहर इस वक्त सीवर लाइन के अधूरे और लापरवाही से भरे निर्माण कार्य के कारण पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है। स्थानीय नागरिकों का जीना मुहाल हो गया है, लेकिन ज़िम्मेदार तंत्र नए आयोजनों की चमक-धमक में मशगूल है।
सीवर लाइन का 'दंश': न मजबूती, न सही मरम्मत
शहर के जिस भी इलाके में सीवर लाइन की खुदाई की गई, वहां ठेकेदारों और निगम के अफ़सरों की जुगलबंदी का खामियाज़ा आम जनता भुगत रही है।
- गुणवत्ता से समझौता: पाइपलाइन डालने के बाद सड़कों की ठीक से रिपेयरिंग नहीं की गई। मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया या नाममात्र की गिट्टी-डामर पोत दी गई।
- पहली बारिश में पोल खुली: मानसून की शुरुआती बारिश ने ही नगर निगम की पोल खोलकर रख दी है। धंसी हुई सड़कें और गहरे गड्ढे राहगीरों के लिए जानलेवा मुसीबत बन चुके हैं।
- मजबूती का नामो-निशान नहीं: मानकों को दरकिनार कर किए गए घटिया रेस्टोरेशन कार्य के कारण हर 100 मीटर पर वाहन चालक हिचकोले खाने को मजबूर हैं।
चुनावी स्टंट या जनता से छलावा?
"पुराने जख्मों पर मरहम लगाने की फुर्सत नगर निगम को नहीं है, लेकिन नए विकास कार्यों की घोषणाओं और भूमिपूजन की होड़ मची हुई है। क्या ये केवल आने वाले चुनावों की बिसात बिछाने का जरिया है?"
— स्थानीय परेशान नागरिक
शहरवासियों का कहना है कि जहां सीवर लाइन के कारण रोजाना लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं, गाड़ियां खराब हो रही हैं और घंटों ट्रैफिक जाम लग रहा है, वहां मरम्मत कराने का वक्त जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के पास नहीं है। लेकिन कैमरे के सामने नारियल फोड़ने और रिबन काटने के लिए नगर निगम का अमला पलक-पावड़े बिछाए खड़ा रहता है।
जनता के तीखे सवाल:
- जवाबदेही किसकी? सीवर लाइन का घटिया काम करने वाली एजेंसियों और लापरवाह ठेकेदारों पर अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
- मेंटेनेंस का बजट कहां गया? पुराने घटिया कार्यों को सुधारे बिना नए कार्यों का ढिंढोरा पीटना कहां का न्याय है?
- हादसों का जिम्मेदार कौन? बारिश के पानी में छिपे इन गड्ढों की वजह से यदि कोई बड़ा हादसा होता है, तो उसकी जवाबदेही कौन लेगा?
निष्कर्ष:
कटनी की जनता अब यह समझ चुकी है कि ज़मीनी हकीकत से दूर कागज़ी विकास और चुनावी भूमिपूजन महज़ एक छलावा हैं। नगर निगम प्रशासन को चाहिए कि नए भूमिपूजन के मंच सजाने से पहले सीवर लाइन से छलनी हो चुकी शहर की सड़कों की सुध ले और आम जनता को इस नरकीय स्थिति से मुक्ति दिलाए।

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