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  स्वार्थ की राजनीति: विकास कार्यों को ढाल बनाकर आदिवासी सरपंच को नीचा दिखाने का घिनौना प्रयास ​   कैलवारा खुर्द (कटनी) ​लोकतंत्र और पंचायती राज व्यवस्था में सरपंच और उपसरपंच को पंचायत के विकास रथ के दो पहिए माना जाता है, जिन्हें कंधे से कंधा मिलाकर गांव की उन्नति के लिए काम करना चाहिए। लेकिन कटनी जिले की ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द में उल्टी गंगा बहती नजर आ रही है। यहाँ अपने निजी स्वार्थों और राजनीतिक कुंठा से ग्रसित होकर उपसरपंच भूषण (भूरा) पाठक द्वारा लगातार वर्तमान आदिवासी सरपंच की छवि धूमिल करने और उन्हें नीचा दिखाने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। ​ तथ्य बनाम भ्रामक प्रचार: एक छोटे पुलिया विवाद का सच ​हाल ही में तथाकथित पत्रकारों और सोशल मीडिया के माध्यम से एक वीडियो वायरल करवाकर गांव के विकास कार्यों पर फर्जी आरोप गढ़े गए। लेकिन जब हमारी टीम ने धरातल पर जाकर सच्चाई की पड़ताल की, तो मामला बिल्कुल अलग निकला: ​ पुलिया का निर्माण:   लगभग 8 से 9 महीने पूर्व महज 20 से 22 हजार रुपये की छोटी लागत से एक पुलिया बनाई गई थी। ​ असली वजह: किन्हीं असामाजिक/शरारती तत्...
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MPWLC कटनी में प्रशासनिक पहेली: नए अधिकारी ने लिया चार्ज, फिर भी एक ही दफ़्तर में जमाए हैं पुराने साहब! ​ विशेष संवाददाता | कटनी ​मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन (MPWLC) के कटनी क्षेत्रीय कार्यालय में इन दिनों एक अजीबोगरीब प्रशासनिक स्थिति बनी हुई है, जो अब चर्चा और कौतूहल का विषय बन चुकी है। कार्यालय में नए कृषि अधिकारी आर. ए. मिश्रा ने आधिकारिक रूप से पूर्ण प्रभार ग्रहण कर लिया है और कॉरपोरेशन का पूरा कार्यभार संभालते हुए अपने कामकाज की शुरुआत भी कर दी है। लेकिन इस बदलाव के बीच सबसे बड़ा और यक्ष प्रश्न यह खड़ा हो गया है कि पूर्व अधिकारी योगेंद्र सिंह सेंगर को अब तक स्थानांतरित क्यों नहीं किया गया? ​जब नए अधिकारी ने नियमत: पदभार ग्रहण कर लिया है और व्यवस्था सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है, तब पुराने अधिकारी को बिना किसी आधिकारिक चार्ज के उसी कार्यालय में क्यों बिठाए रखा गया है? यह स्थिति न सिर्फ प्रशासनिक नियमों पर सवाल खड़े करती है, बल्कि विभाग की मंशा पर भी संदेह का घेरा बनाती है। ​ बिना प्रभार के क्यों बैठे हैं पूर्व अधिकारी? ​सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के अन...
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                                              सांकेतिक चित्र  ​ सलैया एथेनॉल प्लांट'मजबूत' प्रबंधन या पर्दों के पीछे छिपे गहरे राज? प्रबंधन हो तो ऐसा: सलेया एथेनॉल प्लांट, जहाँ हादसों और खामोशी की दीवारें हैं सबसे 'तगड़ी' मजदूर के दोनों पैर कटने की घटना से लेकर 'काला पानी' बहने तक... प्लांट के भीतर क्या-क्या छिपा है? सूत्रों के हवाले से सनसनीखेज खुलासे। ​  ब्यूरो रिपोर्ट कटनी / सलैया: औद्योगिक विकास और कल-कारखाने किसी भी क्षेत्र की प्रगति का पैमाना होते हैं, लेकिन जब सुरक्षा और पारदर्शिता के मानक ताक पर रख दिए जाएं, तो वही कारखाने स्थानीय जनता के लिए चिंता का विषय बन जाते हैं। इन दिनों कटनी जिले के सलेया स्थित एथेनॉल प्लांट अपनी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा के केंद्र में है। हालांकि, चर्चा प्लांट के उत्पादन को लेकर नहीं, बल्कि उसके भीतर के 'तगड़े मैनेजमेंट' और कथित तौर पर हर बात को दबा देने की कला को लेकर है। ​ 'तगड़ा मैनेजमेंट': जहाँ परिंदा भी पर नहीं मार सकता ​स्थ...
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    ताले में कैद उम्मीदें: क्या चार साल बाद खुलेगा लाड़ली बहना का पोर्टल, या यह सिर्फ एक सियासी पैंतरा है? ​ विशेष संवाददाता भोपाल, मध्य प्रदेश ​मध्य प्रदेश की राजनीति में जिस योजना ने सबसे बड़ा भूचाल लाया और सत्ता की चाबी एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी के हाथों में सौंपी, वह थी – 'मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना'। मई 2023 में शुरू हुई इस योजना को राज्य की महिलाओं के लिए एक गेम-चेंजर के रूप में पेश किया गया था। लेकिन इस योजना के साथ एक ऐसा विरोधाभास जुड़ा है जो लोकतंत्र और प्रशासनिक न्याय पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सवाल यह है कि आखिर जो बहनें शुरुआती दौर में किन्हीं तकनीकी कारणों, दस्तावेजों की कमी या जागरूकता के अभाव के चलते इस दायरे से छूट गईं, उनके लिए इस योजना के दरवाजे हमेशा के लिए बंद क्यों कर दिए गए? ​लगभग चार साल का वक्त बीतने को है, और पोर्टल पर लगे ताले जस के तस हैं। क्या शासन कभी इनकी सुध लेगा? क्या छूटे हुए परिवारों के नुकसान की भरपाई संभव है? आइए गहराई से टटोलते हैं इस राजनीतिक और सामाजिक पहेली को। ​ सवाल नंबर 1: चार साल से पोर्टल पर ताला क्यों? क्या एक बार ...
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  पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर आर-पार के मूड में 'द जर्नलिस्ट एसोसिएशन कटनी', मुख्यमंत्री के नाम सौंपेंगे ज्ञापन   राष्ट्रीय संगठन मंत्री  म नोज सिंह परिहार, संभाग प्रभारी नीरज पांडे और जिलाध्यक्ष महेंद्र गुड्डू सोनी और एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारियो सहित  किया ऐलान; 15 अक्टूबर को सौपा जायेगा ज्ञापन  "पत्रकार सुरक्षा कानून लागू हो, पत्रकारों पर हमले और धमकियाँ बंद हों" कटनी (मध्य प्रदेश) विशेष संवाददाता ​ कटनी। देश और प्रदेश में निष्पक्ष पत्रकारिता को सुरक्षित माहौल देने और पत्रकारों पर हो रहे हमलों व धमकियों के सिलसिले पर पूर्ण विराम लगाने की मांग को लेकर 'द जर्नलिस्ट एसोसिएशन कटनी' ने बड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन 15 अक्टूबर को कटनी जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक अहम ज्ञापन सौंपेगा। ​इस बात का औपचारिक ऐलान द जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री  मनोज सिंह परिहार , संभाग प्रभारी नीरज पांडे और जिला अध्यक्ष महेंद्र गुड्डू सोनी ने संयुक्त रूप से किया है। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया ...
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पत्रकारों ने DM के सामने उठाया सड़क के गड्ढों का मुद्दा, HR हेड ने लिया संज्ञान; शुरू हुई मरम्मत, दशहरा उत्सव की सुरक्षा पर भी प्रशासन सख्त* * कैमोर* अदाणी एसीसी दशहरा उत्सव को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता दिखाई है। दशहरा मैदान में उमड़ने वाली संभावित भारी भीड़ और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए कलेक्टर (DM) एवं पुलिस अधीक्षक (SP) ने सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। वहीं, पत्रकारों द्वारा सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों का मुद्दा उठाए जाने के बाद अदाणी एसीसी प्रबंधन के HR हेड ने संज्ञान लेते हुए सड़क की मरम्मत का काम शुरू करा दिया है। इससे सड़क से गुजरने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। *पत्रकारों ने उठाई जनहित की आवाज, प्रबंधन ने शुरू कराया मरम्मत कार्य* कैमोर में सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढे वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए थे। खासकर दोपहिया वाहन चालकों और रात के समय आवागमन करने वाले लोगों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ था। आगामी दशहरा उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं, दर्शकों और वाहनों की आवाजाही बढ़ने की संभाव...
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इन्फ्लुएंसर्स गरबा नाइट में जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा की गरिमामयी उपस्थिति, शहर की प्रतिष्ठित हस्तियों ने बढ़ाई आयोजन की रौनक कटनी। शहर के सत्याजोत मैरिज गार्डन, नदी पार कटनी में 12 अक्टूबर 2026 को आयोजित भव्य इन्फ्लुएंसर्स गरबा नाइट कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं जिला शिक्षा समिति अध्यक्ष श्री अशोक विश्वकर्मा जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर शहर के अनेक प्रतिष्ठित नागरिकों, सोशल मीडिया क्रिएटर्स, युवाओं एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने सहभागिता कर कार्यक्रम की रौनक बढ़ाई। कार्यक्रम में श्री अशोक विश्वकर्मा जी की उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उन्होंने आयोजन से जुड़े सदस्यों एवं सोशल मीडिया टीम के लोगों से आत्मीय मुलाकात की तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजक मंडल के प्रयासों की सराहना की। इस आयोजन ने शहर के सोशल मीडिया क्रिएटर्स को एक मंच पर आने और अपनी रचनात्मकता एवं प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया। गरबा की रंगारंग प्रस्तुतियों, पारंपरिक संस्कृति और उत्साहपूर्ण माहौल ने कार्यक्रम को यादगार बनाया। आयोजन के माध्यम से भारतीय संस...