स्वार्थ की राजनीति: विकास कार्यों को ढाल बनाकर आदिवासी सरपंच को नीचा दिखाने का घिनौना प्रयास कैलवारा खुर्द (कटनी) लोकतंत्र और पंचायती राज व्यवस्था में सरपंच और उपसरपंच को पंचायत के विकास रथ के दो पहिए माना जाता है, जिन्हें कंधे से कंधा मिलाकर गांव की उन्नति के लिए काम करना चाहिए। लेकिन कटनी जिले की ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द में उल्टी गंगा बहती नजर आ रही है। यहाँ अपने निजी स्वार्थों और राजनीतिक कुंठा से ग्रसित होकर उपसरपंच भूषण (भूरा) पाठक द्वारा लगातार वर्तमान आदिवासी सरपंच की छवि धूमिल करने और उन्हें नीचा दिखाने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। तथ्य बनाम भ्रामक प्रचार: एक छोटे पुलिया विवाद का सच हाल ही में तथाकथित पत्रकारों और सोशल मीडिया के माध्यम से एक वीडियो वायरल करवाकर गांव के विकास कार्यों पर फर्जी आरोप गढ़े गए। लेकिन जब हमारी टीम ने धरातल पर जाकर सच्चाई की पड़ताल की, तो मामला बिल्कुल अलग निकला: पुलिया का निर्माण: लगभग 8 से 9 महीने पूर्व महज 20 से 22 हजार रुपये की छोटी लागत से एक पुलिया बनाई गई थी। असली वजह: किन्हीं असामाजिक/शरारती तत्...