Chief editor-neeraj pandey दिल्ली में कमर्शियल LPG सिलेंडर ₹3071, एक दिन में ₹993 की बढ़ोतरी—होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर संकट राजधानी दिल्ली से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में भारी उछाल ने व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। 19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर अब ₹3071 तक पहुंच गया है, वो भी सिर्फ एक दिन में ₹993 की बढ़ोतरी के साथ। 1 मई से लागू हुई इस नई कीमत ने खास तौर पर होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। गैस की कीमतों में इस अचानक उछाल से खाने-पीने के सामान की लागत सीधे तौर पर बढ़ने वाली है। व्यापारियों का कहना है कि पहले से ही महंगाई और कम ग्राहक संख्या के बीच अब इस तरह की बढ़ोतरी उनके लिए बड़ा झटका है। “इतनी बड़ी बढ़ोतरी एक साथ होना बहुत मुश्किल पैदा कर रहा है। अगर यही हाल रहा तो हमें या तो दाम बढ़ाने पड़ेंगे या कारोबार बंद करने की नौबत आ जाएगी।” जानकारों का मानना है कि कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने का असर आम जनता की जेब पर भी पड़ेगा, क्योंकि रेस्टोरेंट और होटल अपने बढ़े हुए खर्च का बोझ ग्राहकों पर डाल सकते हैं। पॉलिटिकल एंगल : ...
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Showing posts from April, 2026
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Chief editor-neeraj pandey “लगातार बढ़ती आबादी और शहरीकरण के बीच एक गंभीर संकट चुपचाप पनप रहा है… खेती की उपजाऊ ज़मीनों पर तेजी से हो रही फ्लाटिंग। यह सिर्फ आज की समस्या नहीं, बल्कि आने वाले भविष्य के लिए एक बड़ा खतरा बनती जा रही है। सवाल यह है कि अगर खेत ही नहीं बचेंगे, तो अन्न कहां कटनी सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों कृषि भूमि को छोटे-छोटे प्लॉट में बदलने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। किसान, बेहतर मुनाफे के लालच में अपनी उपजाऊ जमीनों को बेच रहे हैं और उन पर अवैध कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। खेतों को काटकर बनाए जा रहे प्लॉट मशीनों से समतलीकरण कॉलोनी के बोर्ड और सड़कों का निर्माण विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले समय में खाद्यान्न संकट गहराना तय है। एक तरफ सरकार किसानों की आय बढ़ाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर कृषि भूमि का इस तरह से खत्म होना कई सवाल खड़े करता है। “आज जमीन बेचकर पैसा मिल रहा है, लेकिन कल जब खेती नहीं बचेगी, तो हमारी आने वाली पीढ़ी क्या करेगी?” इस गंभीर समस्या को देखते हुए प्रशासन को सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। व...
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Chief editor-neeraj pandey जबलपुर बरगी डैम क्रूज हादसे पर CM मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख मुआवजा, अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर में तेज आंधी-तूफान के कारण बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह हादसा पीड़ादायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी को तत्काल प्रभावित क्षेत्र में पहुंचने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर संभाग प्रभारी एसीएस, एडीजी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस हादसे में दिवंगत नागरिकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। प्रभावित व्यक्तियों और परिवारों को हर संभव सहायता सुनिश्चित की जा रही है। लाइफ सेविंग जैकेट की व्यवस्था से बची जानें - स्थानीय प्रशासन की सहायता से रेस्क्यू फोर्स ...
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Chief editor-neerajpandey कटनी के माधव नगर क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां सरकारी भूमि के खरीद-फरोख्त का गंभीर मामला उजागर हुआ है। नियमों के विपरीत इस पूरे मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कटनी जिले के माधव नगर कैंप इलाके में शासकीय भूमि के अवैध खरीद और विक्रय का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, हरिश हार्डवेयर नामक संस्थान द्वारा कथित रूप से सरकारी भूमि को बेचा गया, जिसे कमला ज्वेलर्स द्वारा खरीदा गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि भारतीय कानून के अनुसार शासकीय भूमि का किसी भी प्रकार से खरीदना या बेचना पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसके बावजूद इस तरह का लेन-देन होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है—क्या यह सब बिना प्रशासन की जानकारी के संभव है, या फिर कहीं न कहीं लापरवाही या मिलीभगत की आशंका है? स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते इस मामले की जांच नहीं की गई, तो भविष्य में और भी इस तरह के अवैध सौदे सामने आ सकते हैं। कानूनी नजरिए से देखा जाए तो शासकीय भूमि का क्रय-विक्रय भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है...
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chief editor-neeraj pandey दीवारों तक सिमटा ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’, जमीनी हकीकत नदारद कटनी/विजयराघवगढ जहां एक ओर “जल गंगा संवर्धन अभियान” के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। विजयराघवगढ़ विकासखंड के ग्राम देवराकला में अभियान के तहत दीवार लेखन तो किया गया, लेकिन यह महज औपचारिकता बनकर रह गया। ग्रामीणों का कहना है कि दीवारों पर नारे लिखने से जल संकट का समाधान नहीं होने वाला। गांव में आज भी कई जल स्रोत उपेक्षा का शिकार हैं, जिनकी सफाई और पुनर्जीवन के लिए कोई ठोस कदम नजर नहीं आ रहा। छात्रों से नारे लिखवाकर प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली, जबकि वास्तविक जरूरत जल संरचनाओं के सुधार और रखरखाव की है। ‘जल है अनमोल’ जैसे संदेश दीवारों तक सीमित रह गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर न तो जल संरक्षण की कोई प्रभावी योजना दिख रही है और न ही उसका क्रियान्वयन। ग्रामीणों का आरोप है कि ऐसे अभियानों में सिर्फ दिखावा ज्यादा और काम कम होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या केवल दीवार लेखन से जल संरक्षण संभव है, या फिर यह अभियान भी अन्य योजनाओं की तरह...
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*एक विभाग… तीन-तीन प्रभार! उद्योग विभाग में कुर्सी का खेल या नियमों की धज्जियां?* कटनी -जिले का एकमात्र उद्योग विभाग इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। यहां हालात ऐसे बना दिए गए हैं कि एक ही विभाग को वर्तमान में दो-दो लोग ‘प्रभार’ के नाम पर चला रहे हैं, जिससे पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा हो गया है। सूत्रों के मुताबिक उद्योग विभाग में पदस्थ प्रबंधक ज्योति सिंह चौहान के छुट्टी जाने के उपरांत उसी विभाग में पदस्थ तृतीय श्रेणी कर्मचारी सहायक प्रबंधक राजेश पटेल से जब इस संबंध में बात की गई, तो उन्होंने बताया कि प्रबंधक ज्योति सिंह चौहान ने द्वितीय श्रेणी कर्मचारी जैन मैडम को प्रभार सौंपा है। लेकिन कहानी यहीं पलट जाती है… जब जैन मैडम से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने साफ कहा कि प्रबंधक मैडम छुट्टी पर हैं। और जब उनसे यह सवाल किया गया कि “ऐसे में प्रभार किसके पास है?”,तो दो टूक शब्दों में जवाब मिला । “वर्तमान में प्रभार सहायक प्रबंधक राजेश पटेल के पास है।” अब बड़ा सवाल यह है कि—. आखिर एक ही समय में दो अलग-अलग प्रभार की कहानी क्यों? जब विभाग में वरिष्ठ कर्मचारी म...
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Chief editor-neeraj pandey बेखौप रेत का हो रहा अवैध उत्खनन ओवरलोड वाहनों से सड़कें भी हो रही खराब शासन को राजस्व का भी नुकसान कटनी-– जिले के बड़वारा-बरही क्षेत्र में अवैध रेत खनन का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा। प्रशासनिक कार्रवाई के दावों के बावजूद रेत माफिया बेखौफ होकर दिन-रात सड़कों पर ओवरलोड हाईवा दौड़ा रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि जब ठेका अवधि समाप्त हो चुकी है, तो आखिर ये रेत कहां से निकल रही है और किसकी सरपरस्ती में यह काला कारोबार फल-फूल रहा है?सूत्रों के मुताबिक बड़वारा और बरही के कई इलाकों में अवैध उत्खनन लगातार जारी है। रात के अंधेरे से लेकर दिनदहाड़े तक बालू से लदे ओवरलोड वाहन सड़कों को रौंदते नजर आ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग मानो आंखें मूंदे बैठा है। इस अवैध कारोबार से शासन को राजस्व की भारी क्षति पहुंच रही है, वहीं सड़कें भी ओवरलोड वाहनों से दम तोड़ रही हैं।सबसे बड़ा सवाल खनिज विभाग की भूमिका पर उठ रहा है। लगातार शिकायतें, कार्रवाई के दावे और मौके पर सक्रिय माफिया—ये सब कहीं न कहीं विभागीय मिलीभगत की ओर इशारा कर रहे हैं। चर्चा है कि खनिज विभाग और रेत माफियाओं ...
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Chief editor-neeraj pandey कटनी जिले की जीवनदायिनी कही जाने वाली कटनी नदी आज अपने ही अस्तित्व के लिए जूझती नजर आ रही है। कभी स्वच्छ जलधारा के रूप में बहने वाली यह नदी अब जलकुंभी और गंदगी के बोझ तले दम तोड़ती दिखाई दे रही है। हालात यह हैं कि नदी का असली स्वरूप कहीं खो गया है, और ऊपर से सिर्फ हरियाली का दिखावा नजर आता है। हैरानी की बात यह है कि एक तरफ करोड़ों रुपये सौंदर्यीकरण के नाम पर खर्च किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सफाई व्यवस्था पूरी तरह शून्य नजर आती है। सीढ़ियां, घाट और किनारे तो बना दिए गए, लेकिन नदी के भीतर की हालत बद से बदतर होती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह नदी सिर्फ कागजों में ही रह जाएगी। सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन सिर्फ दिखावे पर ध्यान दे रहा है, या वास्तव में नदी को बचाने के लिए कोई गंभीर योजना है? अब देखने वाली बात यह होगी कि जिम्मेदार अधिकारी इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेते हैं, और क्या कटनी की यह जीवनदायिनी नदी फिर से अपनी पुरानी पहचान वापस पा सकेगी या नहीं।
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कटनी जिले में अवैध/ वैध शराब के कारोबार ने अब खतरनाक रूप ले लिया है। जगह-जगह खुल रही पैकारियाँ प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर रही हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि अब दारू की डिमांड दूध से भी ज्यादा बढ़ती नजर आ रही है। ताज़ा मामला सामने आया है कैंप माधव नगर क्षेत्र से, जहाँ हैरान कर देने वाली स्थिति देखने को मिली है। यहाँ दो पैकारियों को बिल्कुल आमने-सामने या यूँ कहें कि आजू-बाजू ही संचालित होने की खुली छूट दे दी गई है। नतीजा—हर दिन विवाद, हर दिन तनाव और हर दिन किसी बड़ी अनहोनी का खतरा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन पैकारियों के कारण क्षेत्र का माहौल पूरी तरह बिगड़ चुका है। आए दिन ग्राहकों के बीच झगड़े होते हैं, गाली-गलौज आम बात हो गई है और बच्चों व महिलाओं के लिए बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसकी मिलीभगत से यह अवैध कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है? क्या आबकारी विभाग को इसकी भनक नहीं, या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है? अगर समय रहते इस पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह विवाद किसी भी दिन बड़ी घटना का रूप ले सकता है। अब देखना यह होगा कि प्रशा...
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“ग्राम पंचायतों की रीढ़ माने जाने वाले सचिव आज खुद ही सिस्टम की लापरवाही के शिकार हो गए हैं… तीन-तीन महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण उनकी हालत बेहद खराब हो चुकी है… आखिर क्यों मजबूर हैं ये कर्मचारी? देखिए ये खास रिपोर्ट ग्राम पंचायत स्तर पर काम करने वाले सचिवों की स्थिति इन दिनों बेहद दयनीय बनी हुई है। तीन माह से वेतन नहीं मिलने के कारण सचिव आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। घर चलाना हुआ मुश्किल, बच्चों की फीस भरना चुनौती बन गया है, और रोजमर्रा के खर्चों ने इनकी कमर तोड़ दी है। “जो सचिव गांवों के विकास की योजनाएं संभालते हैं… आज वही अपने परिवार का पेट पालने के लिए संघर्ष कर रहे हैं!” लगातार अधिकारियों के चक्कर काटने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। सचिवों का आरोप है कि उन्हें केवल आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन वेतन जारी करने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हो रही। ,सचिवो का कहना है कि “हम तीन महीने से बिना वेतन काम कर रहे हैं… घर चलाना मुश्किल हो गया है… अगर जल्द भुगतान नहीं हुआ तो दिक्कते और बढ सकती है “अब सवाल ये है कि क्या सरकार और प्रशासन इन सचिवों की पीड...
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Chief editor-neeraj pandey महिला आरक्षण बिल 2023 लागू करो,अभी करो-महिला कांग्रेस। “पोस्ट कार्ड” भेज कर प्रधानमंत्री के नाम अभियान की शुरुआत की गई। कटनी।अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा एवं प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी के निर्देश पर महिला कांग्रेस प्रदेश महासचिव सौम्या राँधेलिया के नेतृत्व में महिला आरक्षण बिल अधिनियम लागू करो अभी करो अभियान की शुरुआत हुई।सौम्या ने बताया कि इस अभियान के तहत कटनी के प्रत्येक वार्ड से महिलाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पोस्ट कार्ड भेजकर महिलाओ द्वारा आरक्षण वर्तमान की 543 लोकसभा सीटों में लागू करने की मांग की जा रही है।आज मुख्य डाक घर के समक्ष महिलाओं द्वारा पोस्टकार्ड अभियान की शुरुआत की गई।सभी महिलाओं ने पोस्टकार्ड में “33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करो अभी करो” , एसटी,एस सी,ओबीसी,वर्ग की महिलाओं को आरक्षण में तुरंत शामिल किए जाने की माँग शामिल है।महिला कांग्रेस ने बताया कि देश की भाजपा सरकार महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन बिल पास कर देश की महिलाओं के साथ धोका करने का काम किया है,एवं देश में एक झूंठ भ्रम फैलाया जा रहा है जबकि...
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Chief editor-neeraj pandey राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर जिला पंचायत सभागार में आयोजित गरिमामयी कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिसके पश्चात अतिथियों ने अपने उद्बोधन में पंचायतों की भूमिका एवं ग्रामीण विकास को लेकर विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अशोक कुमार विश्वकर्मा जी ने अपनी प्रभावशाली उपस्थिति एवं जनहितैषी सोच से सभी का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने क्षेत्र की जमीनी समस्याओं को मजबूती के साथ उठाते हुए ग्रामीण विकास, सड़क, पेयजल, शिक्षा एवं मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को लेकर गंभीरता से अपनी बात रखी। उनके द्वारा पंचायतों के विकास एवं आमजन की समस्याओं के समाधान हेतु किए जा रहे निरंतर प्रयासों की उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने सराहना की। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता मेहरा जी, जिला पंचायत सीईओ हरमनप्रीत कौर जी, जिले भर के सरपंच, सचिव एवं विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे। बैठक में मुख्यम...
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Chief editor-neeraj pandey ग्राम पंचायत पिपरौध: दबंगई के चलते आम रास्ता बंद, ग्रामीणों को लगाना पड़ रहा 1 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर कटनी -ग्राम पंचायत पिपरौध से एक गंभीर मामला सामने आया है जहां ग्रामीणो के द्वारा यह आरोप लगाया गया है कि रसूखदार द्वारा आम रास्ता बंद कर दिया गया है। गामीणो से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुकेश कारडा नामक व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक मार्ग को अवरुद्ध कर दिए जाने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्थिति यह है कि जिस दूरी को ग्रामीण मिनटों में तय कर लेते थे, अब उन्हें उसके लिए **1 किलोमीटर** का लंबा चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्राम सभा ने प्रस्ताव पारित कर जताया कड़ा विरोध इस मनमानी के खिलाफ पिपरौध के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। हाल ही में आयोजित **ग्राम सभा** में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया, जहाँ सर्वसम्मति से रास्ता बंद करने के कृत्य की निंदा की गई। ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता वर्षों से आवागमन के लिए उपयोग किया जा रहा था, जिसे अचानक बंद कर दिया गया है। वरिष्ठ कार्यालयों को भेजी गई शिकायत ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए पं...
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Chief editor-neeraj pandey कटनी जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ समर्थन मूल्य पर हो रही गेहूं खरीदी में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। मामला है काटी अमाड़ी केंद्र का, जहाँ किसानों के साथ खुलेआम छल किए जाने की बात सामने आई है । कटनी जिले के काटी अमाड़ी खरीदी केंद्र में नियमों को ताक पर रखकर गेहूं खरीदी किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। किसानों का आरोप है कि केंद्र प्रभारी अनमोल डुबे के नेतृत्व में निरीक्षण के नाम पर मनमानी की जा रही है। बताया जा रहा है कि जहाँ एक ओर शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार खरीदी होनी चाहिए, वहीं दूसरी ओर किसानों से प्रति बोरी अतिरिक्त वजन लिया जा रहा है। किसानों का कहना है कि 50 किलो की जगह उनसे 700 से 800 ग्राम तक ज्यादा गेहूं लिया जा रहा है, जो सीधे-सीधे उनके साथ आर्थिक शोषण है। सूत्रो से यह भी जानकारी मिली है की 30 रुपये प्रति क्वीन्टल तोलाई ली जा रही है पहले से ही अनियमितता की जांच अनुविभागीय अधिकारी द्वारा की जा रही है फिर भी धडल्ले से चल रहा है खरीदी का खेला लोगो का यह भी कहना है की “हम लोग दूर-दूर...
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Chief editor-neeraj pandey रख-रखाव के अभाव मे बहुत जल्द खंडहर मे तबदील होने को तैयार करोडो की लागत से बना कटनी RTO भवन जहाँ एक ओर सरकार आम जनता को बेहतर सुविधाएं देने के दावे करती है, वहीं दूसरी ओर उन्हीं दावों की हकीकत बयां करता यह दृश्य सामने आया है। यह है कटनी का आरटीओ भवन, जिस पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन आज यह भवन अपनी बदहाली पर आंसू बहाता नजर आ रहा है। दीवारों से उखड़ता प्लास्टर, जगह-जगह जमी गंदगी, जर्जर होती संरचना और रखरखाव की पूरी तरह से अनदेखी—यह तस्वीर किसी खंडहर की लगती है, लेकिन यह एक महत्वपूर्ण शासकीय कार्यालय है, जहां रोज़ाना सैकड़ों लोग अपने जरूरी कामों के लिए पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस भवन की मरम्मत और देखरेख नहीं की गई, तो वह दिन दूर नहीं जब यह इमारत भी पुराने राजाओं की गढ़ी की तरह इतिहास का हिस्सा बनकर रह जाएगी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर करोड़ों रुपये की लागत से बने इस भवन की जिम्मेदारी किसकी है? क्या संबंधित विभाग इस ओर ध्यान देगा या फिर यह इमारत यूं ही धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होती रहेगी? अब देखना यह ...
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जब पत्रकार ही करने लगे पत्रकारों की शिकायत… जब पत्रकार ही रचने लगें पत्रकारों को फंसाने की साजिश… जब कलम के सिपाही ही खींचने लगें एक-दूसरे की टांग… तो आखिर सच का आईना कौन दिखाएगा? क्या ये लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के लिए खतरे की घंटी है? आइए, देखते हैं ये खास रिपोर्ट… पत्रकारिता… जिसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है। जिसका काम है सच को सामने लाना, समाज को जागरूक करना और सत्ता से सवाल करना। लेकिन जब यही पत्रकार एक-दूसरे के खिलाफ खड़े होने लगें, तो सवाल उठना लाज़मी है कि आखिर इस पेशे की दिशा क्या हो रही है? पत्रकारों के आपसी विवाद, शिकायतें, आरोप-प्रत्यारोप के विजुअल हाल के समय में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहाँ पत्रकार ही पत्रकारों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा रहे हैं। कहीं व्यक्तिगत द्वेष, तो कहीं प्रतिस्पर्धा की होड़… और कहीं नाम और पहचान की लड़ाई—इन सबने पत्रकारिता की गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञ/वरिष्ठ पत्रकारो का कहना है कि “पत्रकारों के बीच मतभेद होना सामान्य है, लेकिन जब यह व्यक्तिगत दुश्मनी और साजिश में बदल जाए, तो इसका सीधा असर समाज और मीडिया की विश्वसन...
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ग्राम हथकुरी में अवैध बीड़ी कारोबार जोरो पर प्रशासन की चुप्पी पर उठे कयी सवाल रीठी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हथकुरी में अवैध बीड़ी कारोबार का बड़ा मामला सामने आया है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, गांव निवासी संदीप साहू, पिता बालगोविंद साहू, द्वारा लंबे समय से बिना किसी वैध दस्तावेज के बीड़ी का अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा है जिसमे बीड़ी निर्माण और भंडारण शामिल है बताया जा रहा है कि बीड़ी निर्माण और भंडारण के लिए आवश्यक लाइसेंस, जीएसटी पंजीयन, तेंदूपत्ता उपयोग की अनुमति सहित अन्य वैधानिक दस्तावेज इनके पास उपलब्ध नहीं हैं। इसके बावजूद भी लगातार बड़े पैमाने पर कारोबार जारी है। सूत्रों के अनुसार, यहां 20 से 50 लाख तक बीड़ी स्टॉक हमेशा मौजूद रहता है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब यह कारोबार वर्षों से संचालित हो रहा है, तो संबंधित विभाग—पुलिस और वन विभाग—अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं कर पाए? इस पूरे मामले में कई गंभीर कानूनों का उल्लंघन सामने आता है जानकारो के अनुसार भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 – धोखाधड़ी एवं छल के माध्यम से...
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Chief editor-neeraj pandey दिनांक 15 / 04 / 2026 को कटनी वन मंडल अधिकारी श्री गर्वित गंगवार के मार्गदर्शन में विभागीय कार्यों की आधुनिक तकनीकी दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से ड्रोन संचालन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में वन मंडल की कुल 06 रेंजों से अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित हुए। उपस्थित रेंजें बहोरीबंद रेंज ढीमरखेड़ा रेंज रीठी रेंज विजयराघौगढ़ रेंज बरही रेंज कटनी रेंज प्रशिक्षण का उद्देश्य वन क्षेत्र निगरानी हेतु ड्रोन का उपयोग अवैध कटाई एवं अतिक्रमण मॉनिटरिंग वनाग्नि निगरानी एवं त्वरित सर्वेक्षण डिजिटल मैपिंग एवं GIS आधारित कार्य प्रणाली प्रशिक्षण विवरण प्रतिभागियों को ड्रोन के संचालन, सुरक्षा मानकों, उड़ान पूर्व तैयारी, लाइव मॉनिटरिंग तथा डेटा संग्रहण की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। समस्त परीक्षेत्र में ड्रोन की उपलब्धता होने से कुल 6 ड्रोन के माध्यम से प्रशिक्षण में फील्ड डेमो एवं कक्षा आधारित तकनीकी सत्र दोनों आयोजित किए गए। प्रशिक्षण प्रदान करने वाले अधिकारी श्री सुरेश बरोले SDO श्री अक्षय सिंह, GIS एक्सपर्ट सभी प्रति...
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Chief editor-neeraj pandey *कटनी के बड़वारा: नारी शक्ति वंदन अभियान के तहत जरूरतमंद महिलाओं व बच्चों को सामग्री वितरित* जिला कटनी की तहसील बड़वारा स्थित ग्राम पंचायत भवन में बारडोली वेलफेयर सोसायटी द्वारा एक सराहनीय सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। नारी शक्ति वंदन अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में गरीब एवं निर्धन बुजुर्ग महिलाओं को साड़ियां, पेटीकोट, जूते तथा लेडीज चप्पलों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने लाभ प्राप्त किया। संस्था के अध्यक्ष रामलखन (आर.एल.) चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि सोसायटी द्वारा बड़वारा क्षेत्र के लगभग 100 बच्चों को गोद लिया गया है। इन बच्चों को नियमित रूप से दूध, बिस्कुट एवं अन्य पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही वर्ष में 8–10 बार बच्चों के परिवारों को राशन सामग्री भी वितरित की जाती है, ताकि जरूरतमंद परिवारों को निरंतर सहयोग मिल सके। इसी क्रम में ग्राम पंचायत भवन बड़वारा एवं मदारी टोला में स्कूल पोषण एवं शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों में अध्ययनरत बच्चों के परिवारों तथा गरीब महिलाओं को ...
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Chief editor-neeraj pandey वनरक्षक हर्केश गुर्जर की स्मृति में आयोजित की गई,शोक सभा जिन्होंने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया। कटनी वनमंडल कार्यालय सहित वनमंडल के अंतर्गत आने वाले सभी रेंज कार्यालयों में आज सायं 5 बजे शोक सभा का आयोजन किया गया। यह शोक सभा हाल ही में शहीद हुए वनरक्षक हर्केश गुर्जर की स्मृति में आयोजित की गई, जिन्होंने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया। कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि हर्केश गुर्जर का बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा तथा उनका साहस और कर्तव्यनिष्ठा सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। शोक सभा में उपस्थित सभी लोगों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही, अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने और वन कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम का समापन दिवंगत आत्मा की शांति के ...
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Chief editor-neeraj pandey टीईटी परीक्षा को लेकर देशभर में विरोध—शिक्षक संगठनों का उग्र रुख, क्या है पूरा मामला? आज हम बात कर रहे हैं टीईटी यानी शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर बढ़ते विवाद की, जहां एक ओर सरकार इसे शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का माध्यम बता रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षक और अभ्यर्थी इसके खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। टीईटी, यानी Teacher Eligibility Test, एक ऐसी परीक्षा है जिसे देशभर में सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा निर्धारित नियमों के तहत, इस परीक्षा को पास करना हर शिक्षक के लिए जरूरी है। इस परीक्षा का उद्देश्य शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता और दक्षता सुनिश्चित करना है, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। लेकिन यही परीक्षा अब विवादों के घेरे में आ गई है। विरोध के प्रमुख कारण : शिक्षक संगठनों और अभ्यर्थियों का कहना है कि— बार-बार टीईटी परीक्षा देना पड़ता है, जिससे मानसिक और आर्थिक बोझ बढ़ता है। पहले से कार्यरत अतिथि शिक्षक और संविदा शिक्षकों के लिए यह नियम अनुचित माना जा रहा है। परीक्षा का ...
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Chief editor-neeraj pandey देश की राजधानी दिल्ली से इस वक्त एक बड़ी सियासी खबर सामने आ रही है, जहाँ संजय सत्येंद्र पाठक ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक, विजय राघवगढ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक दिल्ली पहुंचे, जहाँ उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की बात सामने आ रही है। हालांकि, इस मुलाकात को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। राजनीतिक जानकारों की मानें तो यह मुलाकात आने वाले समय में किसी बड़े राजनीतिक फैसले या बदलाव का संकेत हो सकती है। फिलहाल, इस बैठक को लेकर अटकलों का दौर जारी है और हर कोई इसके मायने निकालने में जुटा हुआ है। जानकारो का कहना है कि "यह एक सामान्य मुलाकात भी हो सकती है, लेकिन जिस तरह से समय और परिस्थितियाँ हैं, इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।" सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात में क्षेत्रीय विकास, संगठनात्मक मुद्दों और आगामी रणनीतियों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। हाला...
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Chief editor-neeraj pandey जनहित की सड़क पर अड़ंगा! एक फोन कॉल से रुका विकास, आदिवासियों का जीवन संकट में कटनी। जहाँ एक ओर जिले में करोड़ों रुपये खर्च कर निजी भूमि पर भी जनहित के लिए सड़कें बनाई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द में विकास कार्यों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जहां एक ओर नगर निगम द्वारा भी अवैध कॉलोनियों में भी जनता की सुविधा के लिए सीसी रोड का निर्माण किया जा रहा है, और पीडब्ल्यूडी द्वारा लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से कैलवारा खुर्द मे ही सड़कों का निर्माण किया जा रहा है—भले ही कुछ हिस्से निजी खसरे में आ रहे हों। लेकिन इसी ग्राम पंचायत के झुरही क्षेत्र में प्रस्तावित दो सड़कों का निर्माण एक विवाद के चलते अधर में लटक गया है। ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द के सरपंच छूटटू कोल ने बताया कि यहाँ पूर्व मे भी शासकीय मद से रोड बनाई जा चुकी है उसी जगह अब सी सी रोड का निर्माण होना है यह रोड वर्षो से चालू है आगे उनका कहना है कि जिस भूमि पर सड़क निर्माण प्रस्तावित है, वह खसरा जैन ट्रस्ट के नाम दर्ज दिखाई दे रहा है चौंकाने वाली बात यह है कि स्वयं जैन...
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Chief editor-neeraj pandey ग्रामीणों के रास्ते पर अवैध बाउंड्री, आवागमन बाधित — कलेक्टर से शिकायत कटनी। जिले की ग्राम पंचायत पिपरौंध अंतर्गत ग्रामीणों ने आने-जाने के मुख्य मार्ग पर अवैध कब्जा और बाउंड्री निर्माण का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर से शिकायत की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस अतिक्रमण के कारण आवागमन में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पिपरौंध में खसरा नंबर 317 से खसरा नंबर 279 तक स्थित भूमि पर राजस्व अभिलेखों में 10 फीट चौड़ा रास्ता दर्ज है, जो सिंचाई नहर तक पहुंचने का प्रमुख मार्ग है। लेकिन इस रास्ते पर आज तक किसी प्रकार का पालन नहीं किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में ग्राम पंचायत द्वारा पुलिया निर्माण कराया गया था, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलती थी। किन्तु बाद में भूमि विक्रय के दौरान उक्त रास्ते का उल्लेख किए बिना भूमि बेच दी गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि वर्तमान भू-स्वामी द्वारा सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज रास्ते पर बाउंड्री वॉल का निर्माण कर दिया गया है, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है और ग्रामीणो...
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9 Chief editor-neeraj pandey *बारडोली वेलफेयर सोसायटी की पहल: जरूरतमंद परिवारों को राहत राशन वितरण* बारडोली वेलफेयर सोसायटी द्वारा संचालित प्री-स्कूल पोषण एवं शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत जिला कटनी के जुगियाकाप, जोवीकला और मगरधा आंगनवाड़ी केंद्रों में अध्ययनरत बच्चों के परिवारों को राहत सामग्री वितरित की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ब्लॉक समन्वयक बालमुकुंद मिश्रा तथा विशिष्ट अतिथि रामानुज पांडे उपस्थित रहे। इस दौरान गेहूं, चावल, दाल के साथ साड़ी, पेटीकोट और लेडीज़ चप्पलों का वितरण किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संगीता बर्मन, राजेश कुमार चौधरी, माया गुप्ता, कार्यक्रम अधिकारी शिवकुमार चौधरी, सेक्टर प्रभारी गणपत कोल, साधना बर्मन, माया सूर्यवंशी, रूपा बर्मन, राधा विश्वकर्मा सहित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
युवाओं के हक की लड़ाई के लिए अब सड़क पर उतरेगी युवा कांग्रेस-यश घनघोरिया
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Chief editor-neeraj pandey युवाओं के हक की लड़ाई के लिए अब सड़क पर उतरेगी युवा कांग्रेस-यश घनघोरिया पंचायत चलो अभियान के तहत विलायत कला में विशाल जनसभा,कटनी के स्थानीय युवाओं को रोजगार न मिलने और पलायन पर भड़के नेता। कटनी।मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया का कटनी जिले के विलायत कला ग्राम में प्रथम आगमन पर जोरदार स्वागत किया गया।जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद इसराइल के नेतृत्व में चलाए जा रहे पंचायत चलो अभियान के तहत रविवार को एक विशाल मंच कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस जनसभा में क्षेत्र के सैकड़ों युवाओं,महिलाओं और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।केंद्र एवं प्रदेश सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए मंच से प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकारें युवाओं के भविष्य के साथ केवल छलावा कर रही हैं,उन्होंने कहा आज का युवा उच्च शिक्षित होने के बावजूद हाथ में डिग्री लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।कमरतोड़ महंगाई ने आम जनता का जीना दूभर कर दिया है।यू एस ट्रेड डील मोदी ने दबाववश स्वीकार की है।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि युवा कांग...
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Chief editor-neeraj pandey *माधव नगर के “7 इलेवन” में फिर पकड़ा गया शराबखोरी का अवैध अड्डा, पुरानी कार्रवाई पर उठे सवाल* कटनी,शहर के माधव नगर क्षेत्र स्थित “7 इलेवन” एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां कथित रूप से शराबखोरी का अवैध अड्डा संचालित होते पकड़ा गया है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि इसी स्थान पर कुछ वर्ष पूर्व भी कार्रवाई की जा चुकी है। जानकारी के अनुसार, पूर्व में हुई कार्रवाई के दौरान आकाश सहजवानी नामक व्यक्ति पर मामला दर्ज किया गया था। इसके बावजूद, समय बीतने के साथ यहां फिर से अवैध गतिविधियां शुरू हो गईं, जो अब जाकर दोबारा सामने आई हैं। बार-बार एक ही स्थान पर कार्रवाई, निगरानी पर सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले ही सख्त और स्थायी कार्रवाई की जाती, तो इस प्रकार अवैध अड्डा दोबारा संचालित नहीं होता। लगातार एक ही स्थान पर इस तरह की गतिविधियों का सामने आना प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाता है। अब किस पर होगी कार्रवाई? ताजा कार्रवाई में मौके पर मौजूद लोगों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किए जाने...
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आखिर क्यो नही हो रही पूर्व कैलवारा खुर्द सरपंच माधुरी भूषण पाठक से भृष्टाचार की राशी की वसूली कटनी जिले की जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द से एक बड़ा भ्रष्टाचार का मामला सामने आ रहा है, जहाँ आदिवासियों के हक पर डाका डालने के आरोप अब प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। मामला है ग्राम टिकरिया के आदिवासी भवन का … जहाँ बिना भवन बने ही राशी निकाल ली गई थी पूर्व सरपंच माधुरी भूषण पाठक पर लगभग पाँच लाख रुपये के गबन का आरोप लगा था। 👉 इस मामले में दो लोगों पर रिकवरी तय हुई थी… 👉 जिसमें तत्कालीन सचिव विनोद नायक ने अपने हिस्से के लगभग ढाई लाख रुपये जमा कर दिए और अपनी नौकरी भी बचा ली… लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि — आखिर पूर्व सरपंच माधुरी पाठक से आज दिनांक तक ढाई लाख रुपये की रिकवरी क्यों नहीं हो पाई? क्या प्रशासन जानबूझकर चुप बैठा है? या फिर इस पूरे मामले के पीछे कोई राजनीतिक दबाव काम कर रहा है? ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द के वर्तमान आदिवासी सरपंच छुट्टू कोल ने इस मामले को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने प्रशासन को लिखित शिकायत देकर साफ कह...