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Showing posts from June, 2026
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​ विशेष रिपोर्ट: कागजों पर साफ, हकीकत में 'हरी-भरी' कटनी नदी ​ लाखों स्वाहा, फिर भी जलकुंभी का 'साम्राज्य'; क्या सिर्फ बजट ठिकाने लगाने का जरिया बन गई है जीवनदायिनी? ​ कटनी। कहने को तो कटनी नदी इस शहर की जीवनदायिनी है, लेकिन आज इसकी बदहाली पर आंसू बहाने वाला कोई नहीं है। कटनी नगर निगम हर साल नदी की सफाई के नाम पर लाखों रुपयों का बजट 'पानी' की तरह बहा देता है। बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, पोकलेन मशीनें उतरती हैं, और फोटो सेशन भी होते हैं। लेकिन नतीजा? ढाक के तीन पात! आज भी कटनी नदी पानी से नहीं, बल्कि हरी-भरी जलकुंभी के भारी अंबार से पटी पड़ी है। ​जनता का सवाल सीधा है— क्या सफाई सिर्फ सरकारी फाइलों और बयानों तक ही सीमित है? क्या इस जलकुंभी का कोई स्थाई इलाज नहीं है? ​ तस्वीर झूठ नहीं बोलती: नदी या घास का मैदान? ​यदि आप आज कटनी नदी के पुल से नीचे झांकेंगे, तो आपको यह पहचानना मुश्किल हो जाएगा कि यह कोई बहती हुई नदी है या खेल का मैदान। जलकुंभी की मोटी परत ने नदी का दम घोंट रखा है। ​ सूरज की किरणें तरसीं: जलकुंभी के कारण पानी के भीतर ऑक्सीजन का स्तर लगातार ...
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  विशेष संपादकीय ​ लोकतंत्र का चौथा स्तंभ: समस्या उठाना हमारा धर्म, समाधान करना व्यवस्था का कर्म ​ विशेष रिपोर्ट ​आज के दौर में पत्रकारिता के सामने कई चुनौतियां हैं, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती जनता की उम्मीदों और व्यवस्था की उदासीनता के बीच संतुलन बनाए रखना है। अक्सर देखने में आता है कि जब कोई पत्रकार किसी भ्रष्टाचार, स्थानीय जन समस्या या सामाजिक बुराई को उजागर करता है, तो समाज का एक तबका या खुद पीड़ित ही कुछ समय बाद यह सवाल दाग देते हैं— "खबर चलने के बाद आखिर बदला क्या?" ​यह सवाल जितना तीखा है, पत्रकारिता की मूल आत्मा को समझने के लिए उतना ही जरूरी भी है। आज यह स्पष्ट करने का समय आ गया है कि एक पत्रकार की भूमिका समाज में क्या है और उसकी सीमाएं कहां तक हैं। ​समस्या का समाधान करना प्रशासन का काम, पत्रकार का नहीं ​ साफ शब्दों में कहें तो पत्रकारों का काम किसी समस्या को खुद दूर करना नहीं है। पत्रकार का मूल कर्तव्य केवल जन मुद्दों, भ्रष्टाचार और व्यवस्था की कमियों को उजागर करना है। ​संविधान और प्रशासनिक व्यवस्था में कार्रवाई करने का अधिकार और शक्ति केवल जिम्मेदार अधिकारियों ...
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​ कटनी आरटीओ में 'जय-वीरू' का 'शोले' राज: सरकारी दफ्तर, प्राइवेट कमान और हादसों का खेल! ​ विशेष खोजी रिपोर्ट कटनी। सरकारी महकमों में फाइलों को आगे बढ़ाने के लिए बाबू और अफसरों की जरूरत होती है, लेकिन कटनी के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) का गणित कुछ अलग ही है। यहाँ आरटीओ का पहिया सरकारी बाबुओं से नहीं, बल्कि 'जय' और 'वीरू' नाम के दो कथित प्राइवेट किरदारों के दम पर घूम रहा है। विश्वसनीय सूत्रों और जनचर्चाओं की मानें तो इस दफ्तर में आरटीओ संतोष पाल की मर्जी से ज्यादा, इन दो अवैध प्राइवेट व्यक्तियों का सिक्का चलता है। बिना नियुक्ति पत्र और बिना किसी पदस्थापना के, ये दोनों शख्स पूरे परिवहन विभाग की कमान संभाले हुए हैं। आखिर क्या है इन 'जय-वीरू' का राज और क्यों आरटीओ साहब इन पर मेहरबान हैं? आइए परत-दर-परत समझते हैं। ​ सरकारी कुर्सी, प्राइवेट रिमोट: आखिर क्या है मजबूरी? ​सबसे बड़ा और यक्ष प्रश्न यही है कि कटनी आरटीओ संतोष पाल को इन दो बाहरी और अवैध व्यक्तियों की इतनी बैसाखी क्यों थामनी पड़ रही है? ​ अवैध वसूली का नेटवर्क: सूत्रों का दावा है ...
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​ कैलवारा खुर्द में रचेगी इतिहास प्रभु जगन्नाथ रथ यात्रा, 16 जुलाई को गूंजेंगे जयकारे ​ कल हुई अहम बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय, 5 जुलाई को होगी अगली रणनीति तय ​ कैलवारा खुर्द (विशेष प्रतिनिधि)। ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द में आगामी 16 जुलाई 2026 को ऐतिहासिक  भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा पूरी भव्यता और श्रद्धा के साथ निकाली जाएगी। इस महाआयोजन को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। हालांकि कैलवारा में श्री जगन्नाथ रथ यात्रा का इतिहास बहुत पुराना और गौरवशाली रहा है, लेकिन इस वर्ष की रथ यात्रा को अभूतपूर्व बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। ​ तैयारियों को लेकर हुई अहम बैठक ​रथ यात्रा के सफल और सुचारू संचालन को लेकर कल (27 जून) ग्राम पंचायत में एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में यात्रा की रूपरेखा, सुरक्षा व्यवस्था, और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। ​ बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित रहे: ​ श्री भरतलाल तिवारी (अध्यक्ष, जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट) ​ श्री रघुनाथ दुबे ​ श्री संदीप दुबे ​ श्री केशव पाठक ​ श्री ...
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 उबरा के वार्ड क्रमांक 07 में कई दिनों से बिजली गुल, भीषण गर्मी में ग्रामीण परेशान बरही (कटनी)। बरही विद्युत वितरण केंद्र अंतर्गत ग्राम उबरा के वार्ड क्रमांक 07 में पिछले कई दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के अन्य वार्डों में बिजली आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है, लेकिन वार्ड क्रमांक 07 में अब तक बिजली बहाल नहीं हो सकी है। आखिर समस्या क्या है, इसका स्पष्ट कारण भी विभाग की ओर से नहीं बताया गया है। बिजली नहीं होने से पेयजल व्यवस्था प्रभावित हो गई है। घरों में पानी की उपलब्धता बाधित होने के साथ-साथ दैनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। वहीं भीषण गर्मी और रात के समय बिजली नहीं रहने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार बरही विद्युत मंडल के अधिकारियों एवं संबंधित जेई से फोन पर संपर्क कर समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया। उनका कहना है कि विभाग की ओर से संतोषजनक जवाब भी नहीं दिया जा रहा है, जिससे ...
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​  कटनी आरटीओ: जय और वीरू के ‘प्राइवेट कंधों’ पर सरकारी तंत्र, साहब बने दर्शक! ​ विशेष  रिपोर्ट: सरकारी दफ्तर में 'प्राइवेट सरकार' का खेल ​ कटनी। देश में सरकारी विभागों के डिजिटलाइजेशन और पारदर्शिता के दावों के बीच, कटनी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) से एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है। विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कटनी आरटीओ का पूरा दारोमदार किसी सरकारी अधिकारी या बाबू के हाथ में नहीं, बल्कि 'जय और वीरू' की तर्ज पर काम कर रहे दो रसूखदार प्राइवेट व्यक्तियों के कंधों पर टिका हुआ है। ​कहने को तो विभाग के मुखिया आरटीओ संतोष पाल हैं, लेकिन चर्चा है कि दफ्तर की असली कमान और 'रिमोट कंट्रोल' इन्हीं दो बाहरी कारिंदों के पास है। ​ सवालों के घेरे में आरटीओ संतोष पाल की भूमिका ​ इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा और गंभीर सवाल कटनी आरटीओ संतोष पाल की कार्यप्रणाली पर खड़ा हो रहा है। आखिर एक जिम्मेदार शासकीय पद पर बैठे अधिकारी की नाक के नीचे यह सब कैसे चल रहा है? ​ बड़ा सवाल: एक प्रतिबंधित और संवेदनशील शासकीय विभाग में, जहाँ आम जनता क...
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​ रीठी के कुम्हरवारा में माफिया राज हावी: अवैध रेत खनन का खेल जारी, जनसुनवाई से CM हेल्पलाइन तक की शिकायतें बेअसर ​ कटनी में दिनदहाड़े रेत का कथित अवैध उत्खनन; शासन को लाखों के राजस्व नुकसान का आरोप, प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल। ​ कटनी मध्यप्रदेश के कटनी जिले के रीठी जनपद से कथित अवैध रेत खनन का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और मुस्तैदी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राम पंचायत कुम्हरवारा में बेखौफ चल रहे इस खेल को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। शिकायतकर्ता ईश्वरी चक्रवर्ती का आरोप है कि उन्होंने जिला कलेक्टर की जनसुनवाई से लेकर, खनिज विभाग, वन विभाग, थाना कुठला और यहाँ तक कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (181) पर भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कथित खनन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि अवैध उत्खनन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। ​ नियमों को ताक पर रखकर पोकलेन और जेसीबी से खुदाई ​शिकायतकर्ता के अनुसार, रीठी तहसील के ग्राम कुम्हरवारा स्थित खसरा नंबर 373 एवं 374 की भूमि पर बिना किसी वैध खनन अनुमति, बिना रॉयल्टी और बिना पर्यावरणीय सके लंबे समय से जेसीबी और प...
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​ बड़वारा-विजयराघवगढ़ में रेत पर ‘आधी’ कार्रवाई: ट्रैक्टरों पर गिरेगा गाज, तो हाइवा को किसका ‘राज’? ​ विशेष रिपोर्ट: पुलिस की मुस्तैदी पर उठते सवाल; क्या सिर्फ छोटे मोहरों पर कार्रवाई कर पल्ला झाड़ रहा प्रशासन? ​कटनी। जिले के बड़वारा और विजयराघवगढ़ इलाके में इन दिनों अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ पुलिस और खनिज विभाग की ‘ताबड़तोड़’ कार्रवाई चर्चा में है। रोजाना सुबह-शाम ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़े जाने की खबरें सरकारी प्रेस नोट की शोभा बढ़ा रही हैं। पुलिस मुस्तैद दिख रही है, अधिकारी पीठ थपथपा रहे हैं। लेकिन इस कथित ‘सख्त’ कार्रवाई के पीछे का एक स्याह पहलू अब जनता के बीच कौतूहल और आक्रोश का विषय बन चुका है। ​सवाल सीधा है—क्या बड़वारा और विजयराघवगढ़ की नदियों का सीना सिर्फ ट्रैक्टर ही छलनी कर रहे हैं? क्या इन रास्तों से रेत से ओवरलोड होकर गुजरने वाले 'हाइवा' (भारी डंपर) गायब हो चुके हैं, या फिर उन्हें किसी ‘बड़े हाथ’ का अभयदान प्राप्त है? ​ तस्वीर का एक पहलू: सिर्फ ट्रैक्टर-ट्रॉली ही क्यों बनते हैं निशाना? ​पिछले कुछ हफ्तों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो बड़वारा और विजयराघवगढ़ में जब्त किए ग...
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कटनी- दिनांक  27/06/26 की प्रमुख खबरे   ​1. विजयराघवगढ़ वन क्षेत्र में बड़ी क्रूरता: तालाब में जहर देकर 14 वन्यजीवों का शिकार ​कटनी जिले के विजयराघवगढ़ वन परिक्षेत्र के अंतर्गत घुघरी कांटी गांव के पास एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शिकारियों ने जंगल के एक तालाब में जहर मिला दिया, जिससे पानी पीने के कारण 12 चीतल और 2 सांभर की दर्दनाक मौत हो गई। ​ कार्रवाई: वन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए डॉग स्क्वॉड की मदद से बिनाउली गांव से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से शिकार में इस्तेमाल उपकरण और मांस बरामद हुआ है। ​2. स्लीमनाबाद में देश की सबसे बड़ी सिंचाई टनल तैयार ​विंध्य क्षेत्र के किसानों के लिए एक बड़ी और अच्छी खबर है। स्लीमनाबाद में बन रही देश की सबसे बड़ी भूमिगत सिंचाई टनल (सुरंग) बनकर तैयार हो गई है। इस टनल के माध्यम से नर्मदा का जल विंध्य के खेतों तक पहुंचेगा, जिससे जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था और कृषि परिदृश्य में बड़ा बदलाव आएगा। ​3. बहोरीबंद ITI में प्रवेश के लिए अंतिम अवसर ​शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (ITI) बहोरीब...
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​सूत्रो के हवाले से ​ कटनी आरटीओ में 'अघोषित किंगमेकर': दो प्राइवेट गुर्गे चला रहे हैं परिवहन विभाग, आरटीओ पर लग रहे गंभीर आरोप दो मे से एक पर पहले भी लग चुके है लेनदेन के गंभीर आरोप  ​ कटनी। सरकारी विभागों में बिचौलियों और 'प्राइवेट कारिंदों' का दखल कोई नई बात नहीं है, लेकिन कटनी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) से जो खबरें छनकर सामने आ रही हैं, वे बेहद चौंकाने वाली हैं। 'विश्वस्त सूत्रों' के हवाले से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, कटनी तत्कालीन  RTO के समानांतर दो ऐसे रसूखदार 'प्राइवेट' व्यक्ति सक्रिय हैं, जिन्होंने पूरे आरटीओ दफ्तर को अपने कब्जे में ले रखा है। ​हैरानी की बात यह है कि ये दोनों व्यक्ति न तो परिवहन विभाग के कर्मचारी हैं और न ही इनके पास कोई कानूनी अधिकार है। इसके बावजूद, कटनी आरटीओ का पूरा दारोमदार इन्हीं दो चेहरों के इर्द-गिर्द घूम रहा है। ​ वाहन चेकिंग से लेकर 'वसूली' तक... बिना इनकी मर्जी पत्ता भी नहीं हिलता ​सूत्रों का दावा है कि इन दोनों प्राइवेट व्यक्तियों की हैसियत आरटीओ संतोष पाल के बेहद करीबी और 'खास सिपहसालार...
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26 जून 2026 को कटनी जिले और उसके आस-पास के क्षेत्रों से कई प्रमुख खबरें: ​1. विजयराघवगढ़: तालाब में जहर मिलाकर 14 वन्यजीवों का शिकार, 3 गिरफ्तार ​विजयराघवगढ़ वन परिक्षेत्र (घुघरी बीट) के जंगल में शिकारियों की बड़ी क्रूरता सामने आई है। शिकारियों ने तालाब के पानी में जहर मिला दिया, जिसे पीने से 12 चीतल और 2 सांभर की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। ​ कैसे हुआ खुलासा: गुरुवार को गश्त के दौरान वन विभाग को शव मिले। इसके बाद डॉग स्क्वॉड की मदद ली गई, जो सीधे घुघरी गांव के एक संदिग्ध के घर जा पहुंची। ​ कार्रवाई: तलाशी में वन्यजीवों के बाल, मांस और फंदे बरामद हुए। वन विभाग ने मुख्य आरोपी सुरेश चौधरी और दुर्गेश सहित कुल 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ​2. कटनी ग्रामीण (निवार/लखापतेरी): हाईवे चाकूबाजी कांड के आरोपी जेल भेजे गए ​लखापतेरी हाईवे पर हुई चाकूबाजी की घटना में निवार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है , जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश अब भी जारी है। ​3. रीठी: अकीदत के साथ मनाया गया मातमी पर्व मुहर्रम ​कटनी ग्रामीण के रीठी क्षेत्र मे...
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  ​ हाईकोर्ट की राहत का दावा भी बेअसर, आदिवासी परिवार का आशियाना जमींदोज! ​62 वर्षीय बुजुर्ग की कलेक्टर परिसर में सपरिवार आत्मदाह की चेतावनी; प्रशासन पर लगे गंभीर आरोप ​ विशेष रिपोर्ट | कटनी  ​मध्य प्रदेश के कटनी जिले से एक बार फिर 'बुलडोजर संस्कृति' पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कौड़िया में एक 62 वर्षीय आदिवासी बुजुर्ग के मकान को प्रशासनिक अमले द्वारा ढहाए जाने का सनसनीखेज मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित परिवार का दावा है कि उनके पास माननीय उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) का स्टे ऑर्डर (राहत) था, इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर कार्रवाई की गई। न्याय न मिलने पर पीड़ित ने सात दिनों के भीतर पूरे परिवार सहित कलेक्टर परिसर में आत्महत्या करने की लिखित चेतावनी दी है। ​"हाथ जोड़ती रही पत्नी, जबरन बाहर निकाल कर चलाया बुलडोजर" ​पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोप बेहद गंभीर और झकझोर देने वाले हैं। घटना के समय घर के मुखिया मौजूद नहीं थे। पीड़ित की पत्नी का आरोप है कि: ​"मैंने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने हाथ जोड़े, प...
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  कटनी जिले की 25 जून 2026 की महत्वपूर्ण खबरे ​1. अवैध अहाते पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई ​कटनी के स्टेशन रोड स्थित 'ईश्वर कृपा कॉम्प्लेक्स' में बिना अनुमति के चल रहे एक अवैध/अघोषित अहाते पर पुलिस ने रात में छापा मारा। सीएसपी नेहा पच्चीसिया के नेतृत्व में हुई इस औचक कार्रवाई से मौके पर हड़कंप मच गया। पुलिस ने वहां अवैध रूप से शराब पिलाने की व्यवस्था का भंडाफोड़ किया, कई लोगों को रंगे हाथों पकड़ा और शराब व अन्य सामग्री जब्त कर आगे की सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। ​2. पुलिसकर्मी पर हमला करने वाले आरोपियों का निकाला जुलूस ​कटनी पुलिस ने एक मुस्तैदी दिखाते हुए पुलिसकर्मी पर चाकू से हमला करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सड़क पर आरोपियों का सार्वजनिक रूप से जुलूस निकाला, जहाँ आरोपियों ने अपनी करतूत के लिए जनता के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगी। ​3. क्राइम और लूटपाट की वारदातें ​ ऑटो चालक से लूट: कटनी नगर क्षेत्र में एक युवती और दो युवकों द्वारा एक ऑटो चालक को चाकू दिखाकर डराने और ₹3,000 लूटने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने ऑटो में तोड़फोड़ भी...
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  ​ कटनी में पुलिसिया बर्बरता: सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने पर टीआई ने निकाली खुन्नस, लॉकअप में युवक को पीटा, अमानवीय कृत्य का आरोप ​ खास बातें: ​ माधवनगर थाना प्रभारी संजय दुबे पर अवैध हिरासत और 'थर्ड डिग्री' देने के गंभीर आरोप। ​ पीड़ित चाय विक्रेता का आरोप— लॉकअप में बेरहमी से पीटा, ऊपर पेशाब किया और एनकाउंटर की धमकी दी। ​ एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने दिए जांच के आदेश; मानवाधिकार आयोग और डीजीपी तक पहुंची शिकायत। ​ कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले से खाकी को शर्मसार करने वाली पुलिसिया बर्बरता और तानाशाही का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ माधवनगर थाना प्रभारी (टीआई) संजय दुबे पर एक चाय विक्रेता को गैर-कानूनी ढंग से लॉकअप में बंद रखने, बेरहमी से पीटने और लॉकअप के भीतर ही अत्यंत अमानवीय व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। प्रताड़ित युवक ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुँचकर एसपी अभिनय विश्वकर्मा को लिखित शिकायत दर्ज कराई है और न्याय की गुहार लगाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने जांच के आदेश दे दिए हैं। ​ सुप्रीम कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत बनी आफत ​शि...
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​ जनसुनवाई: उम्मीदों का मेला या सिर्फ कागज़ी दिलासा? ​  आवेदनों की संख्या का ढिंढोरा, लेकिन निराकरण के आंकड़ों पर रहस्यमयी चुप्पी ​ मुख्य बिंदु: ​दूर-दराज से भाड़े के पैसे जुटाकर आते हैं फरियादी। ​अगले दिन अखबारों में छपती है सिर्फ आवेदनों की संख्या। ​नियमों के मुताबिक ७ दिनों में निराकरण और उसका प्रकाशन बेहद ज़रूरी। ​ कटनी  शासन और प्रशासन की मंशा बहुत साफ थी—एक ऐसा मंच, जहां जनता और अधिकारी आमने-सामने हों और समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट या तय समय सीमा में निपटारा हो सके। इसी मंशा के साथ शुरू हुई थी 'जनसुनवाई'। लेकिन आज हालात देखकर ऐसा लगता है कि जनसुनवाई महज़ एक प्रशासनिक औपचारिकता और दिलासा देने का केंद्र बनकर रह गई है। ​ आंकड़ों की बाज़ीगरी, हकीकत में नतीजा सिफ़र ​हर मंगलवार या जनसुनवाई के दिन मीडिया में बड़े-बड़े आंकड़ों के साथ खबरें प्रकाशित होती हैं कि "आज जनसुनवाई में आए इतने सौ आवेदन" , या "कलेक्टर ने सुनीं इतनी समस्याएं" । लेकिन इन आवेदनों का अगले सात दिनों में क्या हुआ? कितने पीड़ितों को न्याय मिला और कितने आवेदनों का 'संतुष्टिपूर्ण'...
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  ​ विशेष रिपोर्ट: ‘तेल बचाने’ के नारों के बीच सरकारी पहियों में फुंकते लाखों, कटनी से देश तक सुलगते सवाल! ​ कटनी । एक तरफ केंद्र की मोदी सरकार लगातार देशवासियों से ईंधन बचाने, पर्यावरण को सुरक्षित रखने और ग्रीन एनर्जी अपनाने की अपील कर रही है; विज्ञापन और अभियानों के जरिए जनता को बूंद-बूंद तेल की कीमत समझाई जा रही है। लेकिन दूसरी तरफ, जमीनी हकीकत इन दावों को मुंह चिढ़ाती नजर आ रही है। सूत्रों से मिली एक चौंकाने वाली जानकारी के अनुसार, कटनी नगर निगम के वाहनों ने महज एक महीने के भीतर लगभग 17 से  ₹18 लाख का ईंधन (डीजल-पेट्रोल) फूंक दिया है। ​यह आंकड़ा न सिर्फ हैरान करने वाला है, बल्कि व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी बड़े गंभीर सवाल खड़े करता है। ​ एक शहर की यह तस्वीर, तो पूरे देश का क्या होगा हाल? ​कटनी जैसे एक सीमित दायरे और आबादी वाले जिले में अगर नगर निगम की गाड़ियों का मासिक ईंधन खर्च ₹18 लाख के आसपास पहुंच रहा है, तो जरा कल्पना कीजिए कि देश के महानगरों (दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु) और हजारों अन्य नगर निगमों व नगर पालिकाओं में रोजाना 'शहरी व्यवस्था' के नाम पर कितने करोड़ ...
​ कटनी: 'सुस्ती और चुस्ती' के फेर में फंसी ग्राम पंचायतें, PHE विभाग का एक ही राग— "समय नहीं है!" ​ विशेष रिपोर्ट कटनी। सरकारें बदलती हैं, योजनाएं बदलती हैं, और दावों के बड़े-बड़े होर्डिंग्स भी बदलते हैं। लेकिन अगर कुछ नहीं बदलता, तो वह है कटनी के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग का ढर्रा। ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल और पेयजल योजनाओं को अमलीजामा पहनाने की जिम्मेदारी जिस विभाग पर है, वह इन दिनों खुद 'समय की कमी' के संकट से जूझ रहा है। आलम यह है कि विभाग की कभी भारी सुस्ती तो कभी अचानक जागी चुस्ती के बीच जिले की कई ग्राम पंचायतों के विकास कार्य अधर में लटके हैं। ​जब इस सुस्ती और लेत-लतीफी को लेकर विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से बात की जाती है, तो उनका बेहद घिसा-पीटा और गैर-जिम्मेदाराना जवाब सामने आता है— "वर्तमान में अभी हमारे पास थोड़ा समय की कमी है।" ​ बड़ा सवाल: जनता के टैक्स से सैलरी, फिर समय की कमी कैसे? ​अब सबसे बड़ा और बुनियादी सवाल यह उठता है कि क्या सरकारी तंत्र में 'समय की कमी' जैसा कोई कानूनी बहाना हो सकता है? अधिकारी और क...
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   हादसों का 'ब्लैक स्पॉट' बना लमतरा ओवरब्रिज ​ 14 जून के दर्दनाक हादसे से भी प्रशासन ने नहीं लिया सबक; क्या किसी और बड़ी तबाही का इंतजार कर रहा है जिला प्रशासन? ​ कटनी  बीती 14 जून को लमतरा ओवरब्रिज के पास बने उस अंधे मोड़ ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। चीख-पुकार, खून से सनी सड़कें और एंबुलेंस के सायरन की आवाज ने पूरे इलाके को दहला दिया था। लेकिन इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे के बीत जाने के बाद भी जमीनी हकीकत जस की तस बनी हुई है। प्रशासन की नींद अब तक नहीं खुली है और ऐसा लगता है कि जिम्मेदार अधिकारी किसी और बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं। ​## अंधा मोड़... साक्षात यमराज का घर! ​स्थानीय निवासियों और राहगीरों का कहना है कि लमतरा ओवरब्रिज के पास का यह अंधा मोड़ किसी सुसाइड पॉइंट से कम नहीं है। ​ नो साइन बोर्ड: मोड़ से पहले न तो कोई स्पीड ब्रेकर है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड। ​ अंधेरे का साम्राज्य: रात के समय यहाँ स्ट्रीट लाइट्स की मुकम्मल व्यवस्था न होने से खतरा दोगुना हो जाता है। ​ रफ्तार पर नहीं कोई लगाम: भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार इस अंधे मोड़ पर...