कटनी आरटीओ: जय और वीरू के ‘प्राइवेट कंधों’ पर सरकारी तंत्र, साहब बने दर्शक! विशेष रिपोर्ट: सरकारी दफ्तर में 'प्राइवेट सरकार' का खेल कटनी। देश में सरकारी विभागों के डिजिटलाइजेशन और पारदर्शिता के दावों के बीच, कटनी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) से एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है। विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कटनी आरटीओ का पूरा दारोमदार किसी सरकारी अधिकारी या बाबू के हाथ में नहीं, बल्कि 'जय और वीरू' की तर्ज पर काम कर रहे दो रसूखदार प्राइवेट व्यक्तियों के कंधों पर टिका हुआ है। कहने को तो विभाग के मुखिया आरटीओ संतोष पाल हैं, लेकिन चर्चा है कि दफ्तर की असली कमान और 'रिमोट कंट्रोल' इन्हीं दो बाहरी कारिंदों के पास है। सवालों के घेरे में आरटीओ संतोष पाल की भूमिका इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा और गंभीर सवाल कटनी आरटीओ संतोष पाल की कार्यप्रणाली पर खड़ा हो रहा है। आखिर एक जिम्मेदार शासकीय पद पर बैठे अधिकारी की नाक के नीचे यह सब कैसे चल रहा है? बड़ा सवाल: एक प्रतिबंधित और संवेदनशील शासकीय विभाग में, जहाँ आम जनता क...