Chief editor-neeraj pandey आज दिनांक 31 मार्च 2026 को कलेक्टर द्वारा आयोजित टीएल मीटिंग में नल-जल योजना को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। मीटिंग में कलेक्टर ने सीईओ जनपद पंचायत को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि जिन पंचायतों में नल-जल योजना के बिल लंबित हैं, उनकी वसूली हर हाल में सुनिश्चित की जाए। 👉 खास बात यह है कि जिन बिलों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या विवाद है, वहां कम से कम 50% राशि जमा कराना अनिवार्य होगा। 👉 50% से कम राशि किसी भी स्थिति में मान्य नहीं होगी। इसके साथ ही कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिए हैं कि— ⚠️ यदि बिल जमा नहीं किया जाता है, तो संबंधित कनेक्शन काट दिए जाएंगे। अब प्रशासन ने यह भी तय किया है कि— 📌 हर माह पंचायत स्तर पर बकाया बिलों की नियमित वसूली की जाएगी। इस पूरी व्यवस्था को लागू कराने की जिम्मेदारी जे.ई. और ए.ई. अधिकारियों को सौंपी गई है, जिन्हें सख्ती से इसका पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 👉 ऐसे में अब साफ है कि नल-जल योजना में लापरवाही बरतने वालों पर प्रशासन की नजर कड़ी हो गई है और आने वाले समय में कार्रवाई भी तेज हो सकती है...
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Showing posts from March, 2026
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महगांव का जहरीला सच कटनी जिले की विजय राघवगढ जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाला महगांव ग्राम पंचायत… आज विकास नहीं, बल्कि विनाश की कहानी बयां कर रहा है। जहाँ एक ओर मजदूर दिन-रात मेहनत कर अपनी जिंदगी चलाने की कोशिश कर रहे हैं… वहीं दूसरी ओर उद्योगों से निकलता जहरीला धुआं और धूल उनकी सांसों को धीरे-धीरे छीन रहा है। “आय नहीं बढ़ रही… लेकिन सांसें जरूर घट रही हैं…” जी हाँ, महगांव में हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि दिन में भी धुंध जैसी स्थिति बनी रहती है। यह धुंध धूल मौसम की नहीं, बल्कि उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषण की है। ग्राम पंचायत के सरपंच ने खुलकर बताया कि उन्होंने कई बार इन प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों का विरोध किया… लेकिन इन उद्योगों की पहुंच इतनी ऊँची है कि स्थानीय स्तर पर उनकी आवाज दबा दी जाती है। इतना ही नहीं… क्षेत्र के विधायक संजय पाठक ने भी इस गंभीर मुद्दे को उठाया… लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि… 👉 मजदूरों की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं 👉 न सेफ्टी शूज 👉 न ग्लव्स 👉 न मास्क 👉 और न ही सिर की सुरक्षा के उपकरण यानी मजदूरों को सीधे मौत ...
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Chief editor-neeraj pandey कटनी जिले से एक बड़ा प्रशासनिक सवाल सामने आ रहा है, जहाँ आबकारी विभाग में वर्षों से जमे अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। मामला यह है कि कटनी के आबकारी विभाग में कुछ बाबू और कर्मचारी ऐसे हैं, जो पिछले 8 से 10 वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं। जबकि शासन की ट्रांसफर पॉलिसी के अनुसार सामान्यतः 3 से 5 वर्षों के भीतर स्थानांतरण किया जाना चाहिए। इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय मीडिया में भी कई बार खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद न तो जिला प्रशासन ने कोई ठोस कदम उठाया है और न ही मध्य प्रदेश शासन की ओर से कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने आई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि— जब ट्रांसफर नीति स्पष्ट है, 👉 और लंबे समय से एक ही जगह पदस्थ रहना नियमों के खिलाफ माना जाता है, तो फिर आखिर इन कर्मचारियों का ट्रांसफर क्यों नहीं हो रहा? सूत्रों की मानें तो लंबे समय तक एक ही जगह पदस्थ रहने से प्रशासनिक पारदर्शिता और निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े होते हैं। अब देखना यह होगा कि— क्या जिला प्रशासन इस मामले को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करेगा? या फिर...
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Chief editor-neeraj pandey कटनी। नगर निगम कटनी द्वारा लगाए जा रहे कथित चक्रवर्ती ब्याज, जिसे आम जनता “जजिया कर” के नाम से भी पुकार रही है, अब बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। इस मामले को लेकर आज आम आदमी पार्टी ने खुलकर विरोध का ऐलान कर दिया है। पार्टी के जिला अध्यक्ष सेंगर ने तीखे शब्दों में नगर निगम पर निशाना साधते हुए कहा कि यह टैक्स पूरी तरह जनविरोधी है और इससे सीधे-सीधे आम जनता पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा — “यदि नगर निगम कटनी इस तथाकथित ‘जजिया कर’ को तुरंत वापस नहीं लेता, तो आम आदमी पार्टी सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी। इसके बाद भी यदि प्रशासन नहीं जागा, तो हम हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।” पार्टी का कहना है कि यह चक्रवर्ती ब्याज आम नागरिकों के साथ अन्याय है और इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कटनी की जनता को “लूटने” की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इस मुद्दे को लेकर जन आंदोलन तेज किया जाएगा। अब देखने वाली बात यह होगी कि नगर निगम कटनी इस विरोध के बाद क्या रुख अपनाता है, और क्या इस...
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कटनी जिले मे पदस्थ ट्रेफिक टी आई राहुल पांडे की मुशिकले बढती दिखाई पड रही है रिपोर्ट मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में रक्षित निरीक्षक (RI) राहुल पाण्डेय के विरुद्ध गंभीर अनुशासनहीनता और नियमों के उल्लंघन के चलते विभागीय जांच और दंडात्मक कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। कटनी जिले में पदस्थ राहुल पाण्डेय पर मुख्य आरोप यह है कि उन्होंने पुलिस मुख्यालय की अनिवार्य अनुमति के बिना थाईलैंड (फुकेत) की विदेश यात्रा की। सरकारी सेवा शर्तों के तहत किसी भी पुलिसकर्मी को विदेश जाने से पहले भोपाल मुख्यालय से लिखित स्वीकृति लेना आवश्यक होता है, लेकिन पाण्डेय ने इस नियम की अनदेखी की। विभाग द्वारा स्पष्टीकरण मांगे जाने पर उन्होंने तर्क दिया कि उन्हें अनुमति मिलने के इंतजार की अनिवार्यता का ज्ञान नहीं था, हालांकि विभाग ने उनके इस स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं माना है। राहुल पाण्डेय की मुश्किलें केवल इस विदेश यात्रा तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि उनकी कार्यशैली पर पहले भी गंभीर सवाल उठते रहे हैं। जानकारी अनुसार पूर्व मे एक समाजसेवी की शिकायत पर हुई एक पुरानी गोपनीय जांच में यह प्रमाणित हुआ था कि ...
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कटनी जिले की ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द से एक सकारात्मक और प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां परंपरा और नवाचार का सुंदर संगम देखने को मिला। आइए जानते हैं पूरी खबर — जनपद पंचायत कटनी ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द में इस वर्ष भी जवारा विसर्जन का कार्यक्रम बड़े ही धूमधाम और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ। ग्राम के सरपंच आदिवासी छुट्टू कोल और वार्ड क्रमांक 2 के पंच नीरज पांडे के नेतृत्व में यह आयोजन निर्विरोध और निर्विवाद रूप से सम्पन्न हुआ। खास बात यह रही कि पिछले तीन वर्षों से यहां एक अनोखा नवाचार किया जा रहा है। जवारा विसर्जन के लिए विशेष रूप से बनाए गए कुंड में ही सभी जवारे विसर्जित किए जाते हैं, जिससे न केवल परंपरा का सम्मान होता है, बल्कि स्वच्छता और व्यवस्था भी बनी रहती है। ग्रामीणों की प्रतिक्रिया ग्रामवासियों ने इस नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि इससे गांव में अनुशासन और स्वच्छता बनी रहती है, और त्योहार का आनंद भी दोगुना हो जाता है। कार्यक्रम के दौरान पूरे गांव में साफ-सफाई, लाइटिंग और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी तरह से सुनिश्चित की गई थीं। आयोजन के दौरान किसी भी प...
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कटनी जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां शासकीय जमीन पर अवैध कब्जों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित लाल पहाड़ी अब भू माफियाओं के निशाने पर है। मध्यप्रदेश के कटनी जिले के बरगवा क्षेत्र में स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे की लाल पहाड़ी इन दिनों सुर्खियों में है। यह वही पहाड़ी है जो पूरी तरह शासकीय भूमि मानी जाती है, लेकिन अब धीरे-धीरे यह जमीन भू माफियाओं के कब्जे में जाती नजर आ रही है। लगातार यहां अवैध कब्जे किए जा रहे हैं और पक्के निर्माण भी तेजी से खड़े हो रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जिस सड़क से रोजाना प्रशासनिक अधिकारी और जिम्मेदार विभागों के कर्मचारी गुजरते हैं, उसी के किनारे हो रहे इस खुलेआम अतिक्रमण पर किसी की नजर नहीं पड़ रही या यूं कहें कि नजरअंदाज किया जा रहा है। “अगर ऐसे ही चलता रहा तो कुछ ही समय में पूरी लाल पहाड़ी प्राइवेट लोगों के कब्जे में चली जाएगी… प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।” स्थानीय लोगों का कहना है कि राजस्व विभाग की लापरवाही और अनदेखी के चलते भू माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।अब सवाल यह उठता है कि क्या प्र...
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ग्राम पंचायतों और PRI प्रतिनिधियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का विशेष पंजीकरण अभियान अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। जानकारी के मुताबिक, इस अभियान के तहत 31 मार्च 2026 तक सभी पात्र असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार की इस योजना के तहत श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु के बाद हर महीने ₹3000 की पेंशन दी जाएगी, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। इस योजना की खास बात यह है कि इसमें योगदान बहुत ही कम है—सिर्फ ₹55 प्रति माह से शुरुआत की जा सकती है। योजना के लिए पात्रता की बात करें तो इसमें 18 से 40 वर्ष तक के ऐसे श्रमिक शामिल हो सकते हैं, जिनकी मासिक आय ₹15,000 तक है। पंजीकरण के लिए श्रमिक पंचायत भवन या अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर आसानी से नामांकन करा सकते हैं। इसके साथ ही, ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध है। इच्छुक लाभार्थी आधिकारिक वेबसाइट maandhan.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। प्रशासन ने सभी ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र ...
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"जब कलम से ही उठे सवाल, तो सच की राह कौन दिखाए? " कटनी जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पत्रकारिता जगत के भीतर ही विवाद गहराता नजर आ रहा है। आमतौर पर पत्रकार एक-दूसरे के अधिकारों की रक्षा और समर्थन के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग है। क्या है मामला मध्यप्रदेश के कटनी में इन दिनों पत्रकारों के बीच एक अनोखा विवाद जन्म ले रहा है। जानकारी के अनुसार, कुछ वरिष्ठ पत्रकारों ने जिले के कलेक्टर को शिकायत सौंपते हुए नवीन और सक्रिय पत्रकारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सूत्रों के मुताबिक, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नए पत्रकार बिना उचित मान्यता और नियमों का पालन किए कार्य कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, युवा और सक्रिय पत्रकारों का कहना है कि यह कदम उनके अधिकारों को दबाने और उनकी आवाज को कमजोर करने की कोशिश है। तथ्य और विश्लेषण : पत्रकारिता में मान्यता का एक निर्धारित सिस्टम होता है, जिसे राज्य जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी किया जाता है। कई छोटे और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े पत्रकारों को अब तक आधिकारिक मान्यता नहीं मिल पाई है, लेकिन वे जमीनी स्तर पर ...
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Chief editor-neeraj pandey दिनांक 24/03/2026 को श्रीमान वनमंडलाधिकारी महोदय कटनी श्री गर्वित गंगवार एवं एसडीओ महोदय श्री सुरेश बरोले के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के तत्वधान में मेरा बाघ मेरा विद्यालय थीम पर स्कूली बच्चों के संवेदीकरण हेतु मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी एवं जू का भ्रमण कराया गया। वन परिक्षेत्र रीठी के सांदीपनी विद्यालय के 25 छात्र छात्राओं तथा कटनी वन परिक्षेत्र के सी डब्ल्यू एस एन छात्रावास के 25 दिव्यांग छात्रों को भ्रमण कराया गया। कटनी वन परिक्षेत्र अधिकारी कार्तिकेय भट्ट ( IFS) एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी रीठी महेश पटेल ने बताया कि स्कूली बच्चों को जंगली जीवो के प्रत्यक्ष दर्शन कराकर वन्य प्राणियों एवं वन के प्रति जागरूक किया गया । सांदीपनी विद्यायल के प्राचार्य श्री हेमराज कारपेंटर, संजय कुशवाहा, प्रतिभा जैन, निधि पटेल एवं सहायक वार्डन अविनाश कुमार तिवारी की सहभागिता रही वन विभाग से वन रक्षक सनोद कोल, हरेंद्र काछी, कमलेश लारिया, भीम कोल उपस्थित रहे l
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*श्री राम जन्मोत्सव की नौवीं विशाल शोभायात्रा में असाटी समाज अग्रणी होकर स्वागत और चलित दिव्य जीवंत झांकी का करेगा आयोजन* *असाटी वैश्य समाज विकास समिति की कार्यकारिणी की बैठक संदीप के निवास पर संपन्न* कटनी (22 मार्च)- श्री हिंदू उत्सव समिति कटनी के नेतृत्व में शनिवार 28 मार्च को आयोजित रामनवमी के पावन पर्व पर श्री राम जन्मोत्सव की नौवीं विशाल शोभायात्रा में असाटी वैश्य समाज विकास समिति द्वारा अग्रणी होकर जुलूस का ऐतिहासिक हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया जाएगा। कार्यक्रम के सफल एवं सुचारु संचालन हेतु असाटी वैश्य विकास समिति की कार्यकारिणी की बैठक अध्यक्ष श्री शैलेंद्र असाटी की अध्यक्षता में आयोजित कर रूपरेखा तैयार की गई। संदीप असाटी के निवास पर आयोजित बैठक में कार्यकारिणी के सदस्यों ने अपने-अपने सुझावों को प्रस्तुत कर कार्यक्रम को भव्य तरीके से मनाए जाने की बात रखी। 9 वीं विशाल शोभायात्रा के स्वागत जुलूस के लिए सभी पदाधिकारी एवं सामाजिक बंधु और मातृ शक्तियां एक ड्रेस कोड में सपरिवार सम्मिलित होकर पुष्प वर्षा और महाप्रसाद वितरण करेंगे। प्रभु श्री राम की पूजा अर्चना एवं आराधना के उपर...
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Chief editor-neeraj pandey सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार जिले मे बहुतायत मात्रा मे आ रहा नकली खोवा और पनीर स्वास्थ्य पर डाल रहे बुरा प्रभाव मध्य प्रदेश के कटनी जिले सहित कई जिलों में एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है… सवाल दूध से जुड़े उत्पादों की गुणवत्ता और वास्तविकता पर। जब खुद दूध का उत्पादन कम बताया जा रहा है, तो आखिर बाजार में इतना ज्यादा खोया, पनीर, दही और मठा कहां से आ रहा है? क्या कहीं मिलावटी या नकली उत्पादों का खेल तो नहीं चल रहा? आइए देखते हैं ये खास रिपोर्ट। कटनी जिले के साथ-साथ आसपास के कई जिलों में इन दिनों डेयरी उत्पादों की भरमार देखी जा रही है। बाजार में खुलेआम खोया, पनीर, दही और मठा बड़ी मात्रा में बिक रहा है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि स्थानीय स्तर पर दूध उत्पादन उतना नहीं है, जितना इन उत्पादों की खपत और उपलब्धता दिखाई दे रही है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि जब दूध ही पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है, तो आखिर ये डेयरी उत्पाद तैयार कैसे हो रहे हैं? क्या इनमें सिंथेटिक या मिलावटी सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है? स्थानीय लोगों का कहना ह...
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Chief editor-neeraj pandey सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार कटनी जिले के आबकारी विभाग में लंबे समय से जमे कर्मचारियों को लेकर अब बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। वर्षों से एक ही जगह पर पदस्थ बाबू और कर्मचारियों के ट्रांसफर नहीं होने से पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। कटनी आबकारी विभाग में कई ऐसे कर्मचारी और बाबू हैं, जो पिछले 8 से 10 सालों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं। सामान्यतः सरकारी नियमों के अनुसार समय-समय पर ट्रांसफर और कार्यस्थल परिवर्तन होना चाहिए, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और किसी प्रकार की अनियमितता की आशंका न हो। लेकिन यहां स्थिति इसके उलट दिखाई दे रही है। सूत्रों की मानें तो विभाग में लंबे समय से जमे कर्मचारियों के कारण कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है और कई तरह की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्या कारण है कि वर्षों से जमे इन कर्मचारियों पर ट्रांसफर की कार्रवाई नहीं हो रही? क्या यह प्रशासनिक लापरवाही है या फिर इसके पीछे कोई और वजह छिपी हुई है? स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही जगह पर लंबे समय तक पद...
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Chief editor-neeraj pandey जबलपुर से एक सकारात्मक और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने वाली खबर सामने आ रही है, जहां श्री विश्वकर्मा महासंघठन मध्य प्रदेश द्वारा एक भव्य विश्वकर्मा युवक-युवती परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया। श्री विश्वकर्मा महासंघठन मध्य प्रदेश के तत्वावधान में जबलपुर में आयोजित इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में समाज के युवक-युवतियों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के युवाओं को एक मंच प्रदान करना और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में सार्थक पहल करना रहा। इस अवसर पर वक्ताओं ने समाज में एकता, आपसी सहयोग और समरसता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के परिचय सम्मेलन न केवल रिश्तों को जोड़ने का कार्य करते हैं, बल्कि समाज को संगठित और सशक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। “ऐसे आयोजन समाज के युवाओं को सही दिशा देने के साथ-साथ परिवारों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में सहायक होते हैं।” कार्यक्रम में शामिल लोगों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया। आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को न...
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सूत्रो के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार कटनी के पिपरोध और निवार मे आदिवासी भूमि पर चल रहा है बड़ा खेला कटनी जिले से एक बड़ी और गंभीर खबर सामने आ रही है, जहां पिपरोध और निवार क्षेत्र में आदिवासी जमीनों के कथित अवैध हस्तांतरण का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि पिछले कई वर्षों से नियमों को ताक पर रखकर आदिवासी भूमि को गैर आदिवासियों के नाम किया गया है मध्य प्रदेश के कटनी जिले के पिपरोध और निवार क्षेत्र में आदिवासी जमीनों को लेकर बड़ा खेल सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, कई जमीनों का ट्रांसफर बिना सक्षम अधिकारियों की अनुमति के ही गैर आदिवासियों के नाम कर दिया गया। बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला वर्षों से चलता आ रहा है, जिसमें राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। नियमों के मुताबिक आदिवासी भूमि को गैर आदिवासी के नाम ट्रांसफर करने के लिए कड़े प्रावधान हैं और उच्च स्तर की अनुमति आवश्यक होती है। लेकिन आरोप है कि इन नियमों को नजरअंदाज करते हुए फर्जी दस्तावेजों और मिलीभगत से यह खेल खेला गया। स्थानीय लोगो का कहना है “लोगो का कहना ...
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कैश गुटखा की गुणवत्ता पर उठते कयी गंभीर सवाल कटनी जिले में इन दिनों एक गंभीर मामला सामने आ रहा है, जहां बाजार में खुलेआम बिक रहे “कैस पान मसाला गुटखा” की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इस उत्पाद पर ना तो स्पष्ट वैधानिक चेतावनी अंकित है और ना ही निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट का कोई उल्लेख। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग अब तक खामोश नजर आ रहा कटनी शहर के विभिन्न पान दुकानों और किराना स्टोर्स में “कैस गुटखा” आसानी से उपलब्ध है। लेकिन जब इस उत्पाद की पैकेजिंग पर नजर डाली जाती है, तो कई जरूरी जानकारियां गायब मिलती हैं। न तो इसमें उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक स्वास्थ्य चेतावनी स्पष्ट रूप से लिखी गई है और ना ही निर्माण और समाप्ति तिथि का कोई जिक्र है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के उत्पाद उनके स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ कर रहे हैं। “जब हमें यह ही नहीं पता कि उत्पाद कब बना और कब खराब होगा, तो हम कैसे भरोसा करें?” — यह सवाल अब हर उपभोक्ता के मन में उठ रहा है। जानकारी के मुताबिक, “कैस गुटखा” दिल्ली के पते से संचालित बताया जा रहा है, जबकि इसका स्टॉ...
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Chief editor-neeraj pandey मध्य प्रदेश में कभी आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शुरू की गई “जन सुनवाई” अब खुद सवालों के घेरे में नजर आ रही है। कटनी जब पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान थे, तब उन्होंने लोगों की शिकायतों को सीधे प्रशासन तक पहुंचाने के लिए हर मंगलवार “जन सुनवाई” की व्यवस्था शुरू की थी। उद्देश्य साफ था — जनता की समस्या, तुरंत समाधान। लेकिन अब हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। जिले के कलेक्टर कार्यालय में हर मंगलवार फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचते हैं, लेकिन आरोप है कि इन शिकायतों का निराकरण समय पर नहीं हो रहा। कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जहां लोग महीनों नहीं बल्कि सालों से चक्कर काट रहे हैं। ऐसा ही एक मामला ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द से सामने आया है। 👉 यहां के वर्तमान सरपंच छुटटू कोल ने करीब आठ महीने पहले जन सुनवाई में शिकायत दर्ज कराई थी। 👉 शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पूर्व सरपंच माधुरी पाठक द्वारा वर्ष 2016-17 में फर्जी तरीके से लाखों रुपये की राशि निकाली गई। लेकिन हैरानी की बात ये है कि— पहली शिकायत के छह महीने बाद भी कोई क...
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*कटनी: आदिवासी जमीन की 'बेंनामी' खरीद-फरोख्त का बड़ा खुलासा, भू-माफियाओं के खिलाफ FIR की मांग* कटनी। जिले के तहसील कटनी अंतर्गत पटवारी हल्का कैलवारा खुर्द में आदिवासी जमीन को धोखाधड़ी और कूटरचना के जरिए हड़पने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पत्रकारों द्वारा नजूल तहसीलदार को सौंपे गए एक शिकायती पत्र में भू-माफिया गिरोह द्वारा सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर कर करोड़ों की जमीन कौड़ियों के दाम 'बेंनामी' लेनदेन के जरिए कब्जाने के आरोप लगाए गए हैं। क्या है पूरा मामला ? शिकायत के अनुसार, खसरा नंबर 461/6 (रकबा 0.2830 हेक्टेयर) की भूमि जो मूलतः धनी राम पिता छोटेलाल कोल (आदिवासी) के नाम दर्ज थी, उसे दिनांक 11/01/2023 को रामकिशोर पिता हीरालाल कोल द्वारा कथित रूप से 26 लाख रुपये में खरीदने का रिकॉर्ड दर्शाया गया है। शिकायत में उठाए गए गंभीर सवाल : शिकायती पत्र में इस पूरे सौदे को फर्जी और आपराधिक साजिश बताते हुए निम्नलिखित बिंदु उठाए गए हैं: * संदेहास्पद खरीदार: कथित खरीदार रामकिशोर एक गौशाला में मात्र 1500 रुपये मासिक वेतन पर काम करता है। ऐसे में उसकी 26 लाख रुपये की आर्थिक क्षमता प...
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Chief editor-neeraj pandey कटनी जिले में तेजी से बढ़ रही अवैध कॉलोनियों का जाल अब एक बड़ी चिंता का विषय बनता जा रहा है। खेती की उपजाऊ जमीन पर धड़ल्ले से प्लॉटिंग की जा रही है, और प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। अगर यही हाल रहा, तो आने वाले समय में लोगों के पास रहने के लिए मकान तो होंगे, लेकिन खाने के लिए अनाज नहीं बचेगा। कटनी जिले के ग्रामीण और आसपास के इलाकों में इन दिनों खेती की जमीन तेजी से खत्म होती नजर आ रही है। किसानों को लालच देकर या मजबूरी में उनकी जमीनें खरीदी जा रही हैं, और फिर बिना किसी वैध अनुमति के उन्हें छोटे-छोटे प्लॉट में बांटकर बेचा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले जहां खेतों में हरियाली नजर आती थी, अब वहां कंक्रीट के ढांचे खड़े हो रहे हैं। अवैध कॉलोनियों का यह विस्तार न सिर्फ पर्यावरण के लिए खतरा है, बल्कि भविष्य में खाद्य संकट की ओर भी इशारा करता है। “आज हम अपनी जमीन बेच रहे हैं, लेकिन आने वाली पीढ़ी क्या खाएगी? यह सोचने वाली बात है।” 🏢 प्रशासन पर सवाल: सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रशासन इस पर सख्ती क्यों नहीं दिखा रहा? बिना नक्शा पास हुए...
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आज बात करेंगे एक ऐसे मुद्दे की, जो सीधे जनता की जेब और प्रदेश के भविष्य से जुड़ा है — मध्य प्रदेश सरकार पर बढ़ता कर्ज ताज़ा उपलब्ध रिपोर्ट (RBI व मीडिया रिपोर्ट्स) के अनुसार: 👉 मध्य प्रदेश सरकार पर कुल कर्ज लगभग ₹5.31 लाख करोड़ (5,31,000 करोड़ रुपये) तक पहुँच चुका है (मार्च 2026 के अनुमान तक) � साल दर साल बढ रहा कर्ज 2025 में यह करीब ₹4.8 लाख करोड़ था � 2026 तक बढ़कर ₹5.31 लाख करोड़ हो गया यानी सिर्फ एक साल में लगभग ₹50,000 करोड़ से ज्यादा बढ़ोतरी � ➡️ अभी मध्य प्रदेश पर कुल कर्ज ≈ 5 से 5.3 लाख करोड़ रुपये ➡️ यह लगातार हर साल बढ़ रहा है 👉 मध्य प्रदेश पर कर्ज का आंकड़ा 5 लाख करोड़ के पार 👉 हर साल तेज़ी से बढ़ रहा है सरकारी बोझ 👉 क्या आने वाले समय में बढ़ेगा टैक्स या घटेंगी सुविधाएं? मध्य प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश सरकार पर कुल कर्ज बढ़कर करीब 5.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। यह आंकड़ा न सिर्फ चिंताजनक है, बल्कि यह भी दिखाता है कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। अगर पिछले क...
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Chief editor-neeraj pandey आखिर क्यो नही खोला गया दोबारा लाड़ली बहना पोर्टल नयी पात्र लाड़ली बहना पोर्टल खुलने का कर रही आजभी इन्तजार पूछ ती है पात्र महिलाए मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। नई पात्र बहनों को योजना का लाभ दिलाने की उम्मीदें अब टूटती नजर आ रही हैं। आरोप है कि सरकार ने योजना का पोर्टल दोबारा नहीं खोलकर उन बहनों के साथ छलावा किया है, जो इस योजना में शामिल होने की प्रतीक्षा कर रही थीं। प्रदेश में लाखों महिलाएं लाड़ली बहना योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता का लाभ लेने की उम्मीद लगाए बैठी थीं। कई ऐसी महिलाएं हैं जो किसी कारणवश पहले चरण में आवेदन नहीं कर पाई थीं और उन्हें उम्मीद थी कि सरकार जल्द ही पोर्टल दोबारा खोलेगी ताकि वे भी इस योजना से जुड़ सकें। लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी पोर्टल नहीं खोला गया, जिससे नई पात्र बहनों में निराशा और नाराजगी बढ़ती जा रही है। महिलाओं का कहना है कि सरकार ने योजना की घोषणा तो बड़ी उम्मीदों के साथ की थी, लेकिन नई पात्र महिलाओं को शामिल करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठ...
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Chief editor-neeraj pandey कटनी जिले में सड़क निर्माण को लेकर एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों के संरक्षण में बन रही सड़क में भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है। मामला जुजावल ग्राम को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सड़क का है, जो कि मुख्य मार्ग से जुजावल ग्राम तक बनाई जा रही है। बताया जा रहा है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रही इस सड़क का निर्माण कार्य हाल ही में शुरू हुआ है। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस ठेकेदार को यह निर्माण कार्य दिया गया है, वह बेहद घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर रहा है। सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही गिट्टी और अन्य सामग्री की गुणवत्ता बहुत ही निम्न स्तर की बताई जा रही है। इतना ही नहीं, सड़क की समतल करने और बेस तैयार करने में भी घटिया मलबे का उपयोग किए जाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सब कुछ पीडब्ल्यूडी के निरीक्षण करने वाले इंजीनियरों की जानकारी में हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस...
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Chief editor-neeraj pandey कटनी में खुलेआम बिक रहा कैश पान मसाला / गुटखा, लेकिन सवाल यह है कि आखिर किसकी निगरानी में यह लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है? शहर की कई दुकानों पर धड़ल्ले से बिक रहे कैश पान मसाला को देखकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पैकेट पर न तो इसमें मिले अवयवों का स्पष्ट उल्लेख दिखाई देता है, न ही इसके निर्माण की तारीख और एक्सपायरी डेट का ठीक से जिक्र किया गया है। इतना ही नहीं, पैकेट पर लाइसेंस नंबर तक का उल्लेख स्पष्ट रूप से नहीं दिख रहा, जो किसी भी खाद्य या तंबाकू उत्पाद के लिए बेहद जरूरी होता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पैकेट पर इतनी अहम जानकारियां ही नहीं हैं, तो आखिर यह उत्पाद किस आधार पर बाजार में बेचा जा रहा है? इतना ही नहीं, पैकेट पर इसकी कीमत 18 रुपये लिखी हुई दिखाई दे रही है, लेकिन दुकानों पर इसे 20 रुपये में बेचा जा रहा है। जबकि नियम साफ कहते हैं कि किसी भी उत्पाद को एमआरपी से अधिक कीमत पर बेचना कानून का उल्लंघन है। इसके बावजूद खुलेआम यह खेल जारी है और जिम्मेदार विभाग शायद आंखें मूंदे बैठे हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या खाद...
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Chief editor-neeraj pandey कटनी जिले की ग्राम पंचायत ,कैलबारा खुर्द में लंबे समय से सचिव की समस्या को लेकर उठ रहे मुद्दे पर अब प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। जिला पंचायत कटनी की सीईओ हर सिमरन प्रीत कौर ने खबर पर संज्ञान लेते हुए आज दिनांक 12 मार्च 2026 को ग्राम पंचायत कैलबारा खुर्द में अतिरिक्त सचिव प्रभारी की पदस्थापना के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत में सचिव की व्यवस्था ठीक न होने के कारण कई विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे, जिसको लेकर लगातार शिकायतें और खबरें सामने आ रही थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत सीईओ ने तत्काल निर्णय लिया और अतिरिक्त सचिव प्रभारी की नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया। इस कार्रवाई से ग्राम पंचायत के कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं ग्राम पंचायत कैलबारा खुर्द के आदिवासी सरपंच छुटटू कोल ने इस त्वरित निर्णय के लिए जिला पंचायत सीईओ हर सिमरन प्रीत कौर का आभार व्यक्त किया है। सरपंच ने कहा कि अतिरिक्त सचिव की पदस्थापना से पंचायत के लंबित कार्यों को गति मिलेगी और ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ समय पर ...
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Chief editor-neeraj pandey कटनी जिले की पंचायत व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। जिला पंचायत कटनी की टेबल से टेबल तक घूमती फाइलों की व्यवस्था अब ग्राम पंचायतों के विकास में बड़ी बाधा बनती दिखाई दे रही है। दरअसल, मामला ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द का है, जहां लंबे समय से प्रभारी सचिव की नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया अटकी हुई है। जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत कटनी द्वारा होली त्योहार से पहले ही प्रभारी सचिव भेजने के लिए प्रस्ताव और प्रतिवेदन तैयार कर जिला पंचायत कटनी को भेज दिया गया था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि वह फाइल अब भी जिला पंचायत के दफ्तर में एक टेबल से दूसरे टेबल तक घूम रही है। सूत्रों की मानें तो कुछ अधिकारी और बाबू फाइल को अपने टेबल पर ही रोके बैठे हैं। सूत्र यह भी बताते हैं कि फाइल आगे बढ़ाने के लिए कुछ “जरूरतों” की चर्चा भी दफ्तर के गलियारों में सुनाई दे रही है। हालांकि यह जरूरत क्या है, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है, लेकिन इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि यही स्थिति बनी रही तो पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल ...
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Chief editor-neeraj pandey कटनी नगर निगम एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहाँ राजस्व कर संग्रहकर्ता राजकुमार गुप्ता पर नियमों को ताक पर रखकर काम करने और रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला इंदिरा गांधी वार्ड नंबर 04 का है, जहाँ के निवासी अजय पटेल ने अपनी मेहनत की कमाई से मकान बनवाया और विधिवत भवन कर निर्धारण के लिए 27 मार्च 2023 को नगर निगम कटनी में आवेदन दिया था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि लगभग तीन साल बीत जाने के बाद भी उनके भवन कर का निर्धारण नहीं किया गया। आवेदक अजय पटेल का आरोप है कि नगर निगम के टैक्स कलेक्टर राजकुमार गुप्ता द्वारा फाइल आगे बढ़ाने के लिए 20 हजार रुपये नगद की मांग की जा रही है। यदि आवेदक के आरोप सही हैं तो यह सीधे-सीधे सरकारी व्यवस्था में भ्रष्टाचार की बू को दर्शाता है। सवाल यह भी उठता है कि आखिर 27 मार्च 2023 को दिया गया आवेदन आज तक लंबित क्यों पड़ा रहा? क्या जानबूझकर फाइल रोककर आवेदक पर दबाव बनाया जा रहा था? लगातार परेशान होकर आखिरकार अजय पटेल ने 10 मार्च 2026 की जनसुनवाई में नगर निगम आयुक्त महोदया से न्याय की गुहार लगाई है। अब देखने वाली ब...
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Chief editor-neeraj pandey कटनी जिला पंचायत की सुस्त कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। मामला ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द का है, जहाँ सचिव के अभाव में पंचायत का कामकाज ठप पड़ता नजर आ रहा है। हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार अधिकारियों को जानकारी होने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। कटनी जिले की ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द इन दिनों जिला पंचायत की सुस्त प्रणाली का खामियाजा भुगत रही है। बताया जा रहा है कि प्रभारी सचिव सुलेखा गुप्ता ने बिना किसी उच्चाधिकारी के आदेश के पंचायत का प्रभार छोड़ दिया। इतना गंभीर मामला होने के बावजूद जिला पंचायत के सीईओ द्वारा अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। सूत्रों के मुताबिक इस पूरे मामले की जानकारी जनपद पंचायत सीईओ को भी दी गई, जिसके बाद उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए एक नोटिस तो जारी किया। लेकिन सवाल यह उठता है कि नोटिस के बाद आखिर कार्रवाई कहाँ अटक गई? जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द में नए सचिव की प्रभारी पदस्थापना के लिए प्रतिवेदन होली से पहले ही जिला पंचायत भेज दिया गया था। लेकिन लगभग बारह दिन बीत जाने ...
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Chief editor-neeraj pandey चरवाहों और ग्राम वन समिति सदस्यों के सम्मेलन का हुआ आयोजन आज दिनांक 10/03/26 को वन मण्डलाधिकारी कटनी श्री गर्वित गंगवार के निर्देशन में एवं श्री सुरेश बरोले एस डी ओ कटनी ( पश्चिम) के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र रीठी के कुम्हरवारा में चरवाहों /समिति सदस्यों का सम्मेलन किया गया | जिसमें वन परिक्षेत्र अधिकारी महेश पटेल द्वारा वन्य प्राणी की सुरक्षा ,चराई ,अग्नि सुरक्षा ,अतिक्रमण की रोकथाम एवं मुखबिर तंत्र के सुदृढ़ करने पर विस्तार से चर्चा की गई | साथ ही एकलव्य योजना, फसल हानि, पशु हानि,जन घायल एवं अन्य शासन की योजना के बारे जानकारी दी | आयोजन में कुम्हारवारा, घुड़हर, घुड़हरी, इमलाज, घुघरा, घिनौची, के ग्राम वन समिति अध्यक्ष एवं सदस्य एवं जनपद सदस्य कमलेश कोल एवं संतोष बर्मन उपस्थित रहे। वन विभाग से परिक्षेत्र सहायक बिलहरी दिनेश पटेल, परिक्षेत्र सहायक रमपुरा गजेंद्र नाग, वन रक्षक सुरेश सिंह, जहांगीर ध्रुवे, कृष्णकांत गर्ग, सुखवंती सिंह, अनिल यादव, शाश्वत शिवहरे उपस्थित रहे।
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Chief editor-neeraj pandey एपस्टीन मामले में हुई मौतों पर कैंडल मार्च एवं श्रद्धांजलि सभा। हरदीप पूरी के इस्तीफे पर अड़ी महिला कांग्रेस। कटनी।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा एवं प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया के निर्देश पर युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सौम्या राँधेलिया ने कचहरी चौक कटनी से वैश्विक स्तर पर हुए अमानवीय कृत्य एप्स्टीन फाइल्स में हुई निर्दोष बच्चियों की हत्या के विरोध में कैंडल मार्च निकाला एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर दरन्दगी का शिकार हुई मासूम बच्चियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।बड़ी संख्या में महिला नेत्रियों एवं कांग्रेस जनों ने हाँथों के मोमबत्ती एवं भाजपा सरकार में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी स्टीफ़ा दो की तख्तियां हाँथ में लेकर मार्च निकाला।सौम्या राँधेलिया ने बताया कि वैश्विक स्तर पर अत्यंत निंदनीय एपस्टीन फ़ाइल्स के खुलने से मानवता शर्मसार हुई है,उसमे भारत के केंद्रीय मंत्री हरदीप पूरी का कई बार ज़िक्र आया है और उनकी संलिप्तता के प्रमाण प्राप्त हुए है परंतु उसके बाद भी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वार...
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chief editor-neeraj pandey युद्ध का असर मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़े भीषण युद्ध का असर अब भारत पर भी पड़ने लगा है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का सीधा असर पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई पर पड़ रहा है। युद्ध के लंबा खींचने के अंदेशा और वैश्विक संकट को देखते हुए गैस सिलिंडर के बुकिंग नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। रसोई गैस सिलेंडर की लॉकिग पीरियड अब 15 दिन की जगह 25 दिन कर दिया है। यानी अब आप एक गैस सिलेंडर बुक करने के बाद दूसरा सिलिंडर 25 दिन के बाद भी बुक कर पाएंगे। अब तक इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम में एक सिलिंडर लेने के 15 दिन बाद दूसरा सिलिंडर बुक किया जा सकता था। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से रसोई गैस सिलेंडरों की बुकिंग के नए नियम आज (शनिवार) से लागू हो गए है। मंत्रालय के नए दिशा निर्देशों के तहत अब एलपीजी गैस सिलेंडर की डिलीवरी के 25 दिन बाद ही दूसरे सिलेंडर के लिए ऑनलाइन बुकिंग करवाई जा सकेगी। इसके लिए ऑयल कंपनियों ने अपने सॉफ्टवेयर में बदलाव किया है और अब 25 दिन से पहले...
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chief editor-neeraj pandey युद्ध का असर मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़े भीषण युद्ध का असर अब भारत पर भी पड़ने लगा है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का सीधा असर पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई पर पड़ रहा है। युद्ध के लंबा खींचने के अंदेशा और वैश्विक संकट को देखते हुए गैस सिलिंडर के बुकिंग नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। रसोई गैस सिलेंडर की लॉकिग पीरियड अब 15 दिन की जगह 25 दिन कर दिया है। यानी अब आप एक गैस सिलेंडर बुक करने के बाद दूसरा सिलिंडर 25 दिन के बाद भी बुक कर पाएंगे। अब तक इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम में एक सिलिंडर लेने के 15 दिन बाद दूसरा सिलिंडर बुक किया जा सकता था। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से रसोई गैस सिलेंडरों की बुकिंग के नए नियम आज (शनिवार) से लागू हो गए है। मंत्रालय के नए दिशा निर्देशों के तहत अब एलपीजी गैस सिलेंडर की डिलीवरी के 25 दिन बाद ही दूसरे सिलेंडर के लिए ऑनलाइन बुकिंग करवाई जा सकेगी। इसके लिए ऑयल कंपनियों ने अपने सॉफ्टवेयर में बदलाव किया है और अब 25 दिन से पहले बुकिंग...
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Chief editor-neeraj pandey कटनी ज़िले में आदिवासी भूमि के कथित अवैध हस्तांतरण को लेकर एक बड़ा मामला सामने आता दिखाई दे रहा है। आरोप है कि कुछ स्थानों पर आदिवासियों की भूमि को गैर-आदिवासियों के नाम ट्रांसफर करने का सिलसिला जारी है, और इसमें अधिकारियों की कथित मिलीभगत की भी चर्चाएं सामने आ रही हैं। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, कटनी जिले के कुछ क्षेत्रों में आदिवासी वर्ग की भूमि का स्वामित्व बदलकर उसे गैर-आदिवासी लोगों के नाम दर्ज किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि इस प्रक्रिया में नियमों को दरकिनार किए जाने और कथित तौर पर मोटे लेन-देन की भी आहट मिल रही है। जानकारों का कहना है कि आदिवासी भूमि के हस्तांतरण को लेकर कानून में स्पष्ट प्रावधान हैं और बिना सक्षम अनुमति के इस तरह के ट्रांसफर को वैधानिक रूप से सही नहीं माना जाता। इसके बावजूद यदि ऐसे मामले सामने आ रहे हैं तो यह गंभीर जांच का विषय बन सकता है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो यह आदिवासी अधिकारों के साथ बड़ा अन्याय होगा। उन्होंने राज्य सरकार और प...
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Chief editor-neeraj pandey आम जनता की जेब पर एक बार फिर महंगाई की मार पड़ी है। घरेलू गैस सिलेंडर और कमर्शियल यानी हलवाई सिलेंडर के दामों में एक साथ बड़ी बढ़ोतरी कर दी गई है। इस बढ़ोतरी ने गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के साथ-साथ छोटे व्यापारियों की चिंता भी बढ़ा दी है। खबर विस्तार से तेल कंपनियों ने घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। वहीं कमर्शियल गैस सिलेंडर, जिसका उपयोग होटल, ढाबों और हलवाइयों द्वारा किया जाता है, उसके दाम में 115 रुपये 50 पैसे की तगड़ी बढ़ोतरी की गई है। नई कीमतें लागू होने के बाद अब रसोई का बजट बिगड़ना तय माना जा रहा है। पहले से ही बढ़ती महंगाई से जूझ रही जनता के लिए यह फैसला किसी झटके से कम नहीं है। गृहिणियों का कहना है कि लगातार बढ़ती गैस की कीमतों के कारण घर का बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है। वहीं हलवाई और छोटे व्यापारियों का कहना है कि कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से मिठाइयों और खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं। जनता की प्रतिक्रिया: स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार को आम जनता को राहत देने के लिए गैस सि...