Chief editor-neeraj pandey
कटनी जिला पंचायत की सुस्त कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। मामला ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द का है, जहाँ सचिव के अभाव में पंचायत का कामकाज ठप पड़ता नजर आ रहा है। हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार अधिकारियों को जानकारी होने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
कटनी जिले की ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द इन दिनों जिला पंचायत की सुस्त प्रणाली का खामियाजा भुगत रही है। बताया जा रहा है कि प्रभारी सचिव सुलेखा गुप्ता ने बिना किसी उच्चाधिकारी के आदेश के पंचायत का प्रभार छोड़ दिया। इतना गंभीर मामला होने के बावजूद जिला पंचायत के सीईओ द्वारा अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है।
सूत्रों के मुताबिक इस पूरे मामले की जानकारी जनपद पंचायत सीईओ को भी दी गई, जिसके बाद उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए एक नोटिस तो जारी किया। लेकिन सवाल यह उठता है कि नोटिस के बाद आखिर कार्रवाई कहाँ अटक गई?
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द में नए सचिव की प्रभारी पदस्थापना के लिए प्रतिवेदन होली से पहले ही जिला पंचायत भेज दिया गया था। लेकिन लगभग बारह दिन बीत जाने के बाद भी उस प्रतिवेदन पर अब तक आदेश जारी नहीं हो पाया है।
अब यह सवाल खड़ा होता है कि जब जिला स्तर के कार्यालयों में ही इतनी सुस्ती होगी, तो अधीनस्थ पंचायतों के हालात क्या होंगे?
सचिव के अभाव में ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द में सफाई, नाली, सड़क और अन्य जरूरी काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। गाँव में गंदगी और बुनियादी सुविधाओं की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे ग्रामीणों में भी नाराजगी देखी जा रही है।
सरपंच ने क्या कहा
ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द के आदिवासी सरपंच छिट्टुकल ने जिला पंचायत सीईओ से हाथ जोड़कर निवेदन किया है कि जब जनपद पंचायत कटनी द्वारा प्रतिवेदन लगभग बारह दिन पहले भेज दिया गया है, तो आज तक उस पर आदेश क्यों नहीं हुआ।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि “मैं आदिवासी हूँ, इसलिए शायद मेरी बात को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।”
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला पंचायत की यह सुस्त कार्यप्रणाली ग्राम पंचायतों की व्यवस्था को ठप कर देगी, या फिर जिम्मेदार अधिकारी समय रहते इस मामले में ठोस कार्रवाई करेंगे।
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