जनपद पंचायत कटनी में वर्षों से जमे रोजगार सहायक, तबादलों पर प्रशासन की चुप्पी
जनपद पंचायत कटनी में वर्षों से जमे रोजगार सहायक, तबादलों पर प्रशासन की चुप्पी
आखिर क्या है मजबूरी
जनपद पंचायत कटनी की ग्राम पंचायतों में एक गंभीर सवाल उठ रहा है। सवाल यह कि आखिर 12 से 15 वर्षों से एक ही पंचायत में जमे रोजगार सहायकों के तबादले क्यों नहीं हो रहे? नियम, निर्देश और शिकायतें—सब कुछ होने के बावजूद प्रशासन आखिर क्यों आंखें मूंदे बैठा है?
सूत्रों के अनुसार जनपद पंचायत कटनी की कई ग्राम पंचायतों में रोजगार सहायक एक दशक से भी अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं। जबकि शासन के नियमों के मुताबिक निश्चित समयावधि के बाद स्थानांतरण अनिवार्य होना चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगे।
लेकिन हकीकत यह है कि ये रोजगार सहायक न केवल सरपंचों को ठेंगा दिखा रहे हैं, बल्कि प्रशासनिक आदेशों की भी खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं। स्थानीय सरपंचों का कहना है कि उन्होंने कई बार शिकायतें कीं, लिखित आवेदन दिए, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सरपंचो का कहना है की
“हमने कई बार जनपद और जिला स्तर पर शिकायत की, लेकिन हर बार फाइल दबा दी जाती है। रोजगार सहायक मनमानी कर रहे हैं।”
सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से एक ही जगह जमे रहने के कारण कुछ रोजगार सहायकों पर मिलीभगत, गड़बड़ी और मनरेगा जैसे कार्यों में अनियमितताओं के आरोप भी लगते रहे हैं। बावजूद इसके, न जांच होती है और न ही तबादला।
अब सवाल यह उठता है कि क्या इन रोजगार सहायकों को राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है? या फिर जनपद पंचायत कटनी का प्रशासन जानबूझकर कार्रवाई से बच रहा है?
सवाल प्रशासन से
जनपद पंचायत कटनी में रोजगार सहायकों के तबादलों का मामला अब केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि व्यवस्था पर बड़ा सवाल बनता जा रहा है। देखना होगा कि प्रशासन कब नींद से जागता है

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