Chief editor-neeraj pandey 

कटनी ज़िले में आदिवासी भूमि के कथित अवैध हस्तांतरण को लेकर एक बड़ा मामला सामने आता दिखाई दे रहा है। आरोप है कि कुछ स्थानों पर आदिवासियों की भूमि को गैर-आदिवासियों के नाम ट्रांसफर करने का सिलसिला जारी है, और इसमें अधिकारियों की कथित मिलीभगत की भी चर्चाएं सामने आ रही हैं।

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, कटनी जिले के कुछ क्षेत्रों में आदिवासी वर्ग की भूमि का स्वामित्व बदलकर उसे गैर-आदिवासी लोगों के नाम दर्ज किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि इस प्रक्रिया में नियमों को दरकिनार किए जाने और कथित तौर पर मोटे लेन-देन की भी आहट मिल रही है।

जानकारों का कहना है कि आदिवासी भूमि के हस्तांतरण को लेकर कानून में स्पष्ट प्रावधान हैं और बिना सक्षम अनुमति के इस तरह के ट्रांसफर को वैधानिक रूप से सही नहीं माना जाता। इसके बावजूद यदि ऐसे मामले सामने आ रहे हैं तो यह गंभीर जांच का विषय बन सकता है।

स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो यह आदिवासी अधिकारों के साथ बड़ा अन्याय होगा। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

फिलहाल इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार सामने आ रही शिकायतों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते मामले की जांच नहीं कराई गई तो आने वाले समय में यह एक बड़े घोटाले का रूप भी ले सकता है।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन और सरकार इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या पूरे मामले की जांच के लिए कोई विशेष टीम गठित की जाती है या नहीं।


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