Chief editor-neeraj pandey
कटनी नगर निगम एक बार फिर सवालों के घेरे में है।
यहाँ राजस्व कर संग्रहकर्ता राजकुमार गुप्ता पर नियमों को ताक पर रखकर काम करने और रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं।
मामला इंदिरा गांधी वार्ड नंबर 04 का है, जहाँ के निवासी अजय पटेल ने अपनी मेहनत की कमाई से मकान बनवाया और विधिवत भवन कर निर्धारण के लिए 27 मार्च 2023 को नगर निगम कटनी में आवेदन दिया था।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि लगभग तीन साल बीत जाने के बाद भी उनके भवन कर का निर्धारण नहीं किया गया।
आवेदक अजय पटेल का आरोप है कि नगर निगम के टैक्स कलेक्टर राजकुमार गुप्ता द्वारा फाइल आगे बढ़ाने के लिए 20 हजार रुपये नगद की मांग की जा रही है।
यदि आवेदक के आरोप सही हैं तो यह सीधे-सीधे सरकारी व्यवस्था में भ्रष्टाचार की बू को दर्शाता है। सवाल यह भी उठता है कि आखिर 27 मार्च 2023 को दिया गया आवेदन आज तक लंबित क्यों पड़ा रहा? क्या जानबूझकर फाइल रोककर आवेदक पर दबाव बनाया जा रहा था?
लगातार परेशान होकर आखिरकार अजय पटेल ने 10 मार्च 2026 की जनसुनवाई में नगर निगम आयुक्त महोदया से न्याय की गुहार लगाई है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि नगर निगम प्रशासन इस गंभीर शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है।
क्या आरोपित टैक्स कलेक्टर पर कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
कटनी की जनता अब यह जानना चाहती है कि
नगर निगम में काम नियम से होगा या फिर “रिश्वत दो और काम कराओ” की संस्कृति ही चलेगी?


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