Chief editor-neeraj pandey
कटनी में खुलेआम बिक रहा कैश पान मसाला / गुटखा, लेकिन सवाल यह है कि आखिर किसकी निगरानी में यह लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है?
शहर की कई दुकानों पर धड़ल्ले से बिक रहे कैश पान मसाला को देखकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पैकेट पर न तो इसमें मिले अवयवों का स्पष्ट उल्लेख दिखाई देता है, न ही इसके निर्माण की तारीख और एक्सपायरी डेट का ठीक से जिक्र किया गया है। इतना ही नहीं, पैकेट पर लाइसेंस नंबर तक का उल्लेख स्पष्ट रूप से नहीं दिख रहा, जो किसी भी खाद्य या तंबाकू उत्पाद के लिए बेहद जरूरी होता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पैकेट पर इतनी अहम जानकारियां ही नहीं हैं, तो आखिर यह उत्पाद किस आधार पर बाजार में बेचा जा रहा है?
इतना ही नहीं, पैकेट पर इसकी कीमत 18 रुपये लिखी हुई दिखाई दे रही है, लेकिन दुकानों पर इसे 20 रुपये में बेचा जा रहा है। जबकि नियम साफ कहते हैं कि किसी भी उत्पाद को एमआरपी से अधिक कीमत पर बेचना कानून का उल्लंघन है। इसके बावजूद खुलेआम यह खेल जारी है और जिम्मेदार विभाग शायद आंखें मूंदे बैठे हैं।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग और स्थानीय प्रशासन को इस पूरे मामले की जानकारी नहीं है, या फिर सब कुछ जानबूझकर अनदेखा किया जा रहा है?
कटनी के नागरिकों का कहना है कि इस तरह के संदिग्ध उत्पाद न केवल लोगों की जेब पर बोझ डाल रहे हैं बल्कि स्वास्थ्य के साथ भी बड़ा खिलवाड़ कर रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर कब तक चुप्पी साधे रहता है, या फिर जांच कर ऐसे उत्पादों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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