कैश गुटखा की गुणवत्ता पर उठते कयी गंभीर सवाल
कटनी जिले में इन दिनों एक गंभीर मामला सामने आ रहा है, जहां बाजार में खुलेआम बिक रहे “कैस पान मसाला गुटखा” की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इस उत्पाद पर ना तो स्पष्ट वैधानिक चेतावनी अंकित है और ना ही निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट का कोई उल्लेख। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग अब तक खामोश नजर आ रहा
कटनी शहर के विभिन्न पान दुकानों और किराना स्टोर्स में “कैस गुटखा” आसानी से उपलब्ध है। लेकिन जब इस उत्पाद की पैकेजिंग पर नजर डाली जाती है, तो कई जरूरी जानकारियां गायब मिलती हैं।
न तो इसमें उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक स्वास्थ्य चेतावनी स्पष्ट रूप से लिखी गई है और ना ही निर्माण और समाप्ति तिथि का कोई जिक्र है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के उत्पाद उनके स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ कर रहे हैं।
“जब हमें यह ही नहीं पता कि उत्पाद कब बना और कब खराब होगा, तो हम कैसे भरोसा करें?” — यह सवाल अब हर उपभोक्ता के मन में उठ रहा है।
जानकारी के मुताबिक, “कैस गुटखा” दिल्ली के पते से संचालित बताया जा रहा है, जबकि इसका स्टॉक कटनी में किसी स्थानीय स्टॉकिस्ट के पास मौजूद है। इसके बावजूद जिला खाद्य विभाग द्वारा अब तक किसी भी प्रकार की जांच या कार्रवाई नहीं की गई है।
आज तक कोई जांच नहीं हुई। इससे साफ लगता है कि विभाग इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा।” — स्थानीय नागरिक
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बिना मानक के बिकने वाले ऐसे गुटखा उत्पाद लोगों में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
इसके बावजूद संबंधित विभाग की निष्क्रियता कई सवाल खड़े करती है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब जागेगा खाद्य विभाग?क्या आम जनता के स्वास्थ्य के साथ इसी तरह खिलवाड़ होता रहेगा, या फिर जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कोई ठोस कदम उठाएंगे?
जनता की आवाज न्यूज कटनी
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