आखिर क्यो नही हो रही पूर्व कैलवारा खुर्द सरपंच माधुरी भूषण पाठक से भृष्टाचार की राशी की वसूली 


कटनी जिले की जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द से एक बड़ा भ्रष्टाचार का मामला सामने आ रहा है, जहाँ आदिवासियों के हक पर डाका डालने के आरोप अब प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।

मामला है ग्राम टिकरिया के  आदिवासी भवन का

जहाँ बिना भवन बने ही राशी निकाल ली गई थी पूर्व सरपंच माधुरी भूषण पाठक पर लगभग पाँच लाख रुपये के गबन का आरोप लगा था।

👉 इस मामले में दो लोगों पर रिकवरी तय हुई थी…

👉 जिसमें तत्कालीन सचिव विनोद नायक ने अपने हिस्से के लगभग ढाई लाख रुपये जमा कर दिए और अपनी नौकरी भी बचा ली…

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि

आखिर पूर्व सरपंच माधुरी पाठक से आज दिनांक तक ढाई लाख रुपये की रिकवरी क्यों नहीं हो पाई?

क्या प्रशासन जानबूझकर चुप बैठा है?

या फिर इस पूरे मामले के पीछे कोई राजनीतिक दबाव काम कर रहा है?

ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द के वर्तमान आदिवासी सरपंच छुट्टू कोल ने इस मामले को लेकर कड़ा रुख अपनाया है।

उन्होंने प्रशासन को लिखित शिकायत देकर साफ कहा है कि—

👉 यह पैसा आदिवासियों के हक का है…

👉 और इसकी वसूली हर हाल में होनी चाहिए…

लेकिन सवाल वही

जब शिकायत हो चुकी, सबूत मौजूद हैं, एक आरोपी पैसा जमा कर चुका… तो फिर दूसरा क्यों बचा हुआ है?

क्या यही है प्रशासन की निष्पक्षता?

क्या गरीब आदिवासियों के अधिकार सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए हैं?

स्थानीय लोगों का कहना है कि—

अगर आम आदमी होता, तो अब तक उस पर सख्त कार्रवाई हो चुकी होती…

लेकिन यहाँ मामला पूर्व सरपंच का है, इसलिए फाइलें ठंडी पड़ी हैं…

अब देखना यह होगा कि—

👉 प्रशासन इस मामले में कब तक कार्रवाई करता है?

👉 और क्या आदिवासियों को उनका हक मिल पाएगा या नहीं?

जनता की आवाज़ न्यूज़, कटनी

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