ग्राउंड रिपोर्ट: कटनी
कैलवारा खुर्द अंडरब्रिज बना 'नर्क का द्वार': बारिश होते ही उत्पन्न। हो जाती है विषम परिस्थितिया बदहाली पर जिला प्रशासन मौन
कटनी। विकास के बड़े-बड़े दावों और कागजी योजनाओं के बीच कटनी जिले का कैलवारा खुर्द अंडरब्रिज आज बदहाली की एक ऐसी तस्वीर पेश कर रहा है, जिसे देखकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। हल्की सी बारिश होते ही यह अंडरब्रिज तालाब में तब्दील हो जाता है और राहगीरों के लिए किसी 'नर्क के द्वार' जैसा साबित होने लगता है।
रेलवे लाइन चालू, लेकिन जनता की राह बंद
रेलवे ने अपना काम पूरा कर लिया, पटरियां बिछ गईं, ट्रायल सफल रहे और ट्रेनों की आवाजाही भी बेधड़क शुरू हो चुकी है। लेकिन इस पूरे निर्माण के बाद जनता को जिस सहूलियत की उम्मीद थी, वह अब दलदल में तब्दील हो चुकी है। अंडरब्रिज के दोनों ओर (लगभग 200 मीटर इस पार और 200 मीटर उस पार) की सड़क इस कदर बदहाल है कि वहां से पैदल निकलना तो दूर, दोपहिया और चारपहिया वाहनों का गुजरना भी जान जोखिम में डालने जैसा है। पूरी सड़क कीचड़ और गहरे गड्ढों से पट चुकी है।
जलजमाव और जानलेवा कीचड़ से जनजीवन बेहाल
बारिश का पानी अंडरब्रिज में इस कदर भर जाता है कि कई फीट तक जलभराव हो जाता है। रोजमर्रा के काम से निकलने वाले ग्रामीण, स्कूल जाने वाले बच्चे और दफ्तरों के लिए निकलने वाले लोग रोजाना इस बदहाली को झेलने पर मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जरा सी चूक से गाड़ियां कीचड़ में फंस जाती हैं या जलभराव के कारण बंद पड़ जाती हैं।
"हर बार बारिश में हमारी स्थिति दयनीय हो जाती है। अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला। ऐसा लगता है कि प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार है।"
— स्थानीय राहगीर
जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ता जिला प्रशासन
स्थानीय ग्रामीणों और समाजसेवियों द्वारा जिला प्रशासन को कई बार लिखित और मौखिक रूप से इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है। लेकिन आज दिनांक तक धरातल पर किसी प्रकार की कोई ठोस कार्यवाही देखने को नहीं मिली है। सवाल यह उठता है कि क्या निर्माण के समय ड्रेनेज (पानी निकासी) और पहुंच मार्ग (Approach Road) की गुणवत्ता की जांच नहीं की गई थी?
वाह रे कटनी जिला प्रशासन! एक तरफ स्वच्छ और सुगम कटनी की बात की जाती है, तो दूसरी तरफ कैलवारा का यह अंडरब्रिज प्रशासनिक अनदेखी और गैर-जिम्मेदाराना रवैये की जीती-जागती मिसाल बना हुआ है।
जनहित में प्रशासन से सीधे सवाल:
- क्या रेलवे और स्थानीय प्रशासन के समन्वय की कमी का खमियाजा आम जनता भुगतेगी?
- बारिश से पहले पानी निकासी और सड़क मरम्मत के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए गए?
- आखिर कब जागेगा जिला प्रशासन और कब मिलेगी कैलवारा वासियों को इस 'नर्क' से मुक्ति?

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