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Showing posts from September, 2026

मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल का कारनामा, गधे का भी जारी कर दिया नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट

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मध्यप्रदेश में गधे के नाम पर बना नर्सिंग सर्टिफिकेट, MPNRC की ऑनलाइन व्यवस्था पर उठे सवाल ​  मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल का कारनामा, गधे का भी जारी कर दिया नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट स्थान: भोपाल संवाददाता ​ भोपाल। मध्यप्रदेश में नर्सिंग शिक्षा और नर्सिंग कॉलेजों से जुड़े विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसी बीच मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल (MPNRC) की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रणाली की बड़ी लापरवाही और बदहाली उजागर हुई है। काउंसिल द्वारा 'DONKEY MPNRC' के नाम से बाकायदा एक वैध नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया है। ​ सर्टिफिकेट में दर्ज अजीबोगरीब जानकारियां: सोशल मीडिया और मीडिया जगत में वायरल हुए इस पंजीयन प्रमाण पत्र (Certificate of Registration) के अनुसार: ​ अभ्यर्थी का नाम: DONKEY MPNRC ​ पिता/पति का नाम: DONKEY FATHER ​ संस्थान: भोपाल नर्सिंग कॉलेज, भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर ​ संबद्ध विश्वविद्यालय: मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी, जबलपुर ​ पंजीयन संख्या (Registration No.): AI-74561, DII-73911 ​ वैधता क...
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कटनी MPWLC: 12 हजार की सैलरी, करोड़ों का साम्राज्य... जानिए कैसे एक आउटसोर्स कर्मचारी बन बैठा 'महा-रसूखदार' ​   कटनी ​माह का वेतन महज 12 से 14 हजार रुपये, पद – आउटसोर्स कर्मचारी। लेकिन ठाट-बाट ऐसे कि बड़े-बड़े रसूखदार और धनकुबेर भी पानी भरते नजर आएं। हम बात कर रहे हैं कटनी मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (MPWLC) में पदस्थ एक ऐसे आउटसोर्स कर्मचारी की, जो अपनी सीमित आय और छोटी सी नौकरी के दम पर आज करोड़ों की काली कमाई के साम्राज्य पर कुंडली मारे बैठा है। ​सूत्रों से मिली चौंकाने वाली जानकारी के अनुसार, कटनी में पदस्थ इस कर्मचारी ने महज 12 से 13 सालों की अपनी नौकरी के दौरान न केवल अकूत लखपति-करोड़पति होने का तमगा हासिल कर लिया है, बल्कि उसके काले कारनामों की जड़ें काफी गहरी फैली हुई हैं। ​ करीबियो  के नाम का 'आड़' और करोड़ों की पार्टनरशिप ​सूत्र बताते हैं कि इस आउटसोर्स कर्मचारी ने जांच एजेंसियों और कानून की नजरों से बचने के लिए बेहद चालाकी से भ्रष्टाचार का जाल बुना। इसने अपने करीबियो को ढाल बनाते हुए उनके नाम पर कई मालवाहक ट्रकों की खरीद-फरोख्त की ...
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​ महामहिम राष्ट्रपति  के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन: LPG वितरकों ने मांगों को लेकर खोला मोर्चा, 6 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की दी चेतावनी ​ स्थान: कटनी (म.प्र.) दिनांक: 29 सितंबर 2026 ​एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (LPG Distributors Association) के बैनर तले भारत सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम) के वितरकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर महामहिम राष्ट्रपति जी के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ​वितरकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो वे चरणबद्ध आंदोलन करते हुए 6 अक्टूबर 2026 से देशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। ​ चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा: ​एसोसिएशन द्वारा तय किए गए विरोध प्रदर्शन के कार्यक्रम इस प्रकार हैं: ​ 1 सितंबर 2026 से: वितरक काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। ​ 5 अक्टूबर 2026: 'नो मनी नो इंडेंट' (No Money No Indent) यानी तेल कंपनियों को राशि जमा न करने का निर्णय। ​ 6 अक्टूबर 2026 से: नई दिल्ली स्थित जंत...
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​ कटनी: ढीमरखेड़ा के देंगवां में वन अधिकार पट्टों को लेकर गुहार, विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह ने कलेक्टर को लिखा पत्र दिनांक: 29 सितंबर 2026 ​ विशेष संवाददाता ​मध्य प्रदेश के कटनी जिले की बड़वारा (कटनी) विधानसभा क्षेत्र के ग्राम देंगवां (ग्राम पंचायत महगवां, तहसील ढीमरखेड़ा) में व्यक्तिगत वन अधिकार पट्टों के निराकरण और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर हलचल तेज हो गई है। बड़वारा विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह ने जिला कलेक्टर कटनी को औपचारिक पत्र लिखकर पात्र आदिवासियों व परंपरागत वन निवासियों को उनका हक दिलाने का आग्रह किया है। ​ क्या है पूरा मामला? ​ग्राम देंगवां के अनुसूचित जनजाति (गोंड आदिवासी) एवं अन्य परंपरागत वन निवासियों ने 'वन अधिकार अधिनियम, 2006' के तहत वन मित्र पोर्टल पर कम्पार्टमेन्ट नंबर 347 एवं 348 की भूमि के लिए व्यक्तिगत वन अधिकार के दावे प्रस्तुत किए थे। ​ग्रामीणों और दावेदारां का आरोप है कि आवश्यक दस्तावेज, साक्ष्य तथा उपखंड स्तरीय समिति की प्रक्रियाएं पूर्ण होने के बावजूद कई पात्र दावेदारों के दावों का निरकरण सही ढंग से नहीं हो सका है। कुछ दावों को बिना उचि...
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  हरदुआ स्टेशन में ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम आयोजित*  हरदुआ स्टेशन, 28 सितंबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ग्राम हरदुआ स्टेशन स्थित आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-02 में ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत श्रीमती गीता गौतम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हरदुआ केंद्र क्रमांक-02, ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत कर की। इसके बाद ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति हरदुआ के अध्यक्ष श्री अनिल गौतम ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के विचारों तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपस्थित लोगों को दी। ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति खोहरी के अध्यक्ष श्री शशीकांत पटेल ने सेवा संकल्प अभियान के उद्देश्य पर चर्चा करते हुए माताओं एवं बहनों से संवाद किया। उन्होंने पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, बच्चों के विकास तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के संबंध में जानकारी साझा की और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक किया। कार्यक्रम में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति खोहरी के सचिव श्री अजीत पटेल सहित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमत...

लोकतंत्र का चौथा स्तंभ ही बेसहारा: सवाल यह कि आखिर कब मिलेगा पत्रकारों को कानूनी सुरक्षा कवच?

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  लोकतंत्र का चौथा स्तंभ ही बेसहारा: सवाल यह कि आखिर कब मिलेगा पत्रकारों को कानूनी सुरक्षा कवच?   फाइल-फोल्डर में कैद 'पत्रकार सुरक्षा कानून' ​  लोकतंत्र का चौथा स्तंभ ही बेसहारा: सवाल यह कि आखिर कब मिलेगा पत्रकारों को कानूनी सुरक्षा कवच? ​ 1. मसौदे की जमीनी हकीकत: कहां अटका है कानून? ​भारत में पत्रकारों के लिए एक केंद्रीय 'पत्रकार सुरक्षा कानून' (Journalist Protection Act) का मसौदा वर्षों से बहस, याचिकाओं और सरकारी वचनों तक ही सीमित है। ​ केंद्रीय स्तर पर स्थिति: केंद्र सरकार के पास वर्तमान में कोई अलग या विशेष 'पत्रकार सुरक्षा अधिनियम' लागू नहीं है। राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकार मुख्य रूप से भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सामान्य श्रम कानूनों के तहत ही आते हैं। ​ राज्य स्तर पर प्रयास: ​ महाराष्ट्र: महाराष्ट्र देश का पहला ऐसा राज्य बना जिसने 2017 में 'महाराष्ट्र मीडिया पर्सन्स एंड मीडिया इंस्टीट्यूशंस (प्रिवेंशन ऑफ वायलेंस) एक्ट' पारित किया। इसके तहत पत्रकारों पर हमले को गैर-जमानती और दंडनीय अपराध बनाया गया। ​ छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ सरकार ...
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कटनी MPWLC में किसका चलता है 'सिक्का'? क्या जिला QC अधिकारी से भी बड़ा है कर्मचारी नीरज दुबे का रसूख!   सरगम वेयरहाउस को 'ब्लैकलिस्ट' करने की धमकी पर मचा हड़कंप, लिखित शिकायत के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल। ​ विशेष संवाददाता, कटनी ​मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (MPWLC) का कटनी कार्यालय इन दिनों प्रशासनिक कार्यप्रणाली से ज्यादा एक कर्मचारी के "असीमित रसूख" को लेकर चर्चाओं के केंद्र में है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर MPWLC में पदस्थ कर्मचारी नीरज दुबे कौन हैं और उनके पास ऐसी कौन-सी शक्ति है, जिसकी वजह से जिले के वेयरहाउस संचालकों में उनका खौफ देखा जा रहा है? ​ रसूख के आगे मुख्य अधिकारी भी बेबस? ​सूत्रों और स्थानीय वेयरहाउस संचालकों के बीच उठ रहे सवालों पर गौर करें तो चर्चा यह भी है कि क्या नीरज दुबे का रसूख कटनी में पदस्थ मुख्य क्वालिटी कंट्रोल (QC) अधिकारी योगेंद्र सिंह संगर से भी बड़ा हो चुका है? ​नियमों के मुताबिक, किसी भी गोदाम/वेयरहाउस में अनाज के भंडारण, गुणवत्ता जांच और तकनीकी मानकों के आधार पर कार्रवाई का अधिकार प्रशासनिक स्तर ...
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  कटनी में आबकारी विभाग की 'सहानुभूति' और अवैध पैकारियों का कारोबार ​ कटनी (विशेष संवाददाता): जिले में इन दिनों शराब के अवैध कारोबार यानी पैकारियों का जाल इस कदर फैल चुका है कि शायद ही कोई गांव या मोहल्ला इससे अछूता बचा हो। नियम-कायदों के अनुसार, लाइसेंसी शराब ठेकेदार को केवल उसी स्थान या दुकान पर शराब बेचने का कानूनी अधिकार होता है, जिसके लिए उन्हें जिला प्रशासन और आबकारी विभाग से विधिवत लाइसेंस जारी किया गया है। लेकिन धरातल पर तस्वीर बिल्कुल उलट है—ठेकेदारों के संरक्षण में शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक धड़ल्ले से अवैध पैकारियां संचालित की जा रही हैं। ​ आबकारी विभाग की खामोशी पर उठते सवाल कानूनन, शराब के अवैध भंडारण, परिवहन और अवैध बिक्री पर शिकंजा कसने की प्राथमिक एवं प्रत्यक्ष जिम्मेदारी आबकारी विभाग (Excise Department) की होती है। आबकारी कानून के तहत अवैध पैकारियों पर छापेमारी, माल ज़ब्त करना और संबंधित ठेकेदारों व एजेंटों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का पहला अधिकार और कर्तव्य इसी विभाग का है। ​लेकिन कटनी में आबकारी विभाग पूरी तरह मूकदर्शक बना बैठा है। विभाग की इस ...
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कैलवारा खुर्द आंगनवाड़ी केंद्र में 'सेवा संकल्प पखवाड़ा' के तहत 'आंगन मिलन सेवा' कार्यक्रम आयोजित ​ स्थान: कैलवारा खुर्द संवाददाता / समाचार सेवा ​ कैलवारा खुर्द: मध्य प्रदेश शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाए जा रहे 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत ग्राम पंचायत कैल्वारा खुर्द के आंगनवाड़ी केंद्र में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा और समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक पूरे प्रदेश के आंगनवाड़ी केंद्रों में 'सेवा संकल्प अभियान' चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 26 सितंबर से 05 अक्टूबर 2026 तक "आंगन मिलन सेवा" कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। ​आयोजित कार्यक्रम में बाल विकास विभाग की अधिकारी सोमवती पटेल, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मिथलेश दुबे, चंदा कुशवाहा तथा अन्य आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं स्थानीय जन प्रतिनिधि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। ​ जन प्रतिनिधियों का सम्मान और प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम में पहुंचे जन प्रतिनिधि एवं वार्ड पंच नीरज पांडे का आंगनवाड़ी का...

आखिर कब बनेगा पत्रकार सुरक्षा कानून

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पत्रकार सुरक्षा कानून: तीन साल पुराना आदेश, एक बैठक और फिर सन्नाटा ​ विशेष संवाददाता | भोपाल ​लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर भले ही बड़े-बड़े दावे किए जाते हों, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। मध्यप्रदेश में 'पत्रकार सुरक्षा कानून' बनाने की पहल अब कागजी फाइलों और प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ती दिख रही है। ​मध्यप्रदेश शासन के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी आदेश (क्रमांक: PRE/2/0002/2023-Sec-1-24(PRE)) को तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन नतीजा आज भी ढाक के तीन पात है। ​ कागजों में उलझा आदेश ​जनसंपर्क विभाग द्वारा राज्य में कार्यरत पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक आदेश जारी किया गया था। इस आदेश के तहत एक समिति का गठन भी किया गया था। लेकिन शुरुआती कागजी प्रक्रिया के बाद यह पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला गया। समिति की महज एक बैठक हुई और उसके बाद से अब तक सन्नाटा पसरा हुआ है। ​ मुख्य बिंदु: ​ आदेश का विवरण: जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी आदेश क्रमांक PRE/2/0002/2023-Sec-1-24(PRE)। ​ तीन साल का इंतजार: कानू...

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​मनरेगा की सरकारी जमीन पर भू-माफिया की गिद्ध दृष्टि: खसरा नं. 372-373 में रातों-रात जुताई और तारबंदी, प्रशासन मौन! ​ शिकायतों और अधिकारियों की जांच के बाद भी सचिव लोकचंद जायसवाल पर रातों-रात कब्जा कराने का गंभीर आरोप; शासकीय योजनाओं की धज्जियां उड़ीं ​ कटनी। एक तरफ सरकार पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण रोजगार के लिए 'मनरेगा' योजना के तहत लाखों रुपये पानी की तरह बहा रही है, वहीं दूसरी तरफ कटनी में दबंगों और जिम्मेदारों की मिलीभगत से सरकारी संपत्तियों को ठिकाने लगाने का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। ताजा मामला खसरा क्रमांक 372 और 373 से सामने आया है, जहां मनरेगा के तहत हुए वृक्षारोपण और कंटूर ट्रेंच की भूमि पर रातों-रात जुताई करवाकर अवैध कब्जा करने का सनसनीखेज आरोप लगा है। ​ जनसुनवाई से लेकर सीईओ के निरीक्षण को ठेंगा ​शिकायतकर्ता के अनुसार, इस गंभीर अतिक्रमण की शिकायत जनसुनवाई, जिला पंचायत, एसडीएम और तहसील स्तर तक की जा चुकी है। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिला पंचायत सीईओ ने खुद मौके पर पहुंचकर निरीक्षण भी किया था। जांच के दौरान पटवारी स्तर से अवैध कब्जे को हटाने की कार्रवाई के न...
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  कटनी वेयरहाउस संचालकों ने भोपाल में दर्ज कराई शिकायत: क्यूसी अधिकारी और आउटसोर्स कर्मचारी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, अध्यक्ष संजय नगाइच ने दिया सख्त कार्रवाई का आश्वासन ​ विशेष समाचार रिपोर्ट (कटनी / भोपाल) ​मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन (MPWLC) के कटनी जिला कार्यालय में पदस्थ अधिकारियों की कार्यशैली और कथित भ्रष्टाचार को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कटनी जिले के वेयरहाउस संचालकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भोपाल पहुंचकर MPWLC के अध्यक्ष संजय नगाइच से मुलाकात की और अपनी समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। ​ प्रताड़ना और धमकी के गंभीर आरोप ​प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि कटनी MPWLC कार्यालय में कार्यरत क्वालिटी कंट्रोलर (QC) अधिकारी योगेंद्र सिंह सेंगर और आउटसोर्स कुशल श्रमिक नीरज दुबे लंबे समय से वेयरहाउस संचालकों को अनावश्यक रूप से परेशान कर रहे हैं। संचालकों के अनुसार, अनर्गल तरीके से धन अर्जन करने और मानको के नाम पर प्रताड़ित करने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। ​वेयरहाउस मालिकों का कहना है कि वे इस संबंध में पूर्व में कटनी कलेक्टर को भी ज्ञापन सौंप चुके ह...
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    विधायक संदीप जायसवाल ने पेश की संवेदना और मानवता की मिसाल, मूक-बधिर व दिव्यांग बच्चों का किया सम्मान ​ मुड़वारा विधायक संदीप जायसवाल ने कहा — "सच्ची राजनीति केवल विकास की नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति की सेवा और संवेदना की होती है।" ​विशेष संवाददाता ​स्थानीय विधायक जी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जनसेवा का असली अर्थ केवल इंफ्रास्ट्रक्चर और भौतिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग के प्रति संवेदना और मानवता बनाए रखना ही सच्ची राजनीति की पहचान है। ​हाल ही में आयोजित एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक कार्यक्रम के दौरान माननीय विधायक जी ने मूक-बधिर एवं दिव्यांग बच्चों के बीच पहुँचकर उन्हें सम्मानित किया और उनके साथ आत्मीय पल बिताए। विधायक जी का बच्चों के प्रति यह अटूट स्नेह और संवेदनशीलता देखकर कार्यक्रम में मौजूद हर व्यक्ति भावविभोर हो उठा। ​ समावेशिता और सेवा का दिया संदेश ​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक जी ने कहा कि ये बच्चे समाज का अभिन्न अंग हैं और इनकी सेवा एवं सम्मान करना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने उपस्थित लोगों और समाज के प्रबु...
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विशेष समाचार रिपोर्ट / संपादकीय  ​ जब 'पंचायत दर्पण' से गांव पारदर्शी हो सकते हैं, तो शहरों के करोड़ों के PWD, PHE और नगर निगम के काम 'गुमनाम' क्यों? ​ सबसे छोटी प्रशासनिक इकाई 'ग्राम पंचायत' में पाई-पाई का हिसाब ऑनलाइन, लेकिन बड़ी निर्माण एजेंसियों के अरबों रुपयों के बजट और खर्च आज भी आम जनता की पहुंच से दूर; उठने लगी पारदर्शी पोर्टल की मांग। ​विशेष  ​भोपाल/रायपुर: "सूचना का अधिकार" और "डिजिटल इंडिया" के इस दौर में जब गांव का एक सामान्य नागरिक अपने मोबाइल पर एक क्लिक करके यह देख सकता है कि उसकी ग्राम पंचायत को 'पंचायत दर्पण' पोर्टल (या ई-ग्राम स्वराज) के माध्यम से किस काम के लिए कितना पैसा मिला और उसमें से कितना खर्च हुआ, तब यह सवाल उठना लाजिमी है कि शहरों और राज्यों का ढांचा खड़ा करने वाली बड़ी-बड़ी एजेंसियां इस पारदर्शिता से दूर क्यों हैं? ​लोक निर्माण विभाग (PWD), लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE), नगर निगम (Municipal Corporation) और ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा (RES) जैसे विभाग हर साल हजारों-करोड़ों रुपये सार्वजनिक निर्माण और नागरि...
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  द जर्नलिस्ट एसोसिएशन की पहल: आउटसोर्स कर्मचारी नीरज दुबे की मनमानी के खिलाफ एसपी से की शिकायत ​ कटनी  मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (MPWLC) कटनी कार्यालय में कवरेज के दौरान पत्रकारों के साथ हुई अभद्रता और अनाधिकृत वीडियो/फोटो बनाए जाने का मामला अब पुलिस प्रशासन के पास पहुँच गया है। 'द जर्नलिस्ट एसोसिएशन' के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुँचकर दोषी कर्मचारी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। ​ क्या है पूरा मामला? ​19 सितंबर 2026 को 'द जर्नलिस्ट एसोसिएशन' के पदाधिकारी प्रशासनिक संदर्भ में जानकारी प्राप्त करने MPWLC कटनी के कार्यालय गए थे। पत्रकारों ने वहां मौजूद अधिकारी योगेंद्र सिंह सेंगर को एक आरटीआई (RTI) आवेदन सौंपा। ​पत्रकारों का मुख्य प्रश्न यह था कि छतरपुर से कटनी स्थानांतरित होकर आए नए अधिकारी आर.ए. मिश्रा ने 9 सितंबर को जॉइनिंग तो कर ली है, लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें पूर्ण प्रभार क्यों नहीं सौंपा गया? ​ आउटसोर्स कर्मचारी की मनमानी और विवाद ​पत्रकारों द्वारा आरटीआई आवेदन सौंपने और जानकारी माँगने के दौरा...
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  कटनी MPWLC में अधिकारी और आउटसोर्स कर्मचारी के खिलाफ वेयरहाउस मालिकों का मोर्चा: भ्रष्टाचार और उगाही के गंभीर आरोप ​ विशेष समाचार रिपोर्ट  ​  कटनी MPWLC में भारी घमासान: अधिकारी योगेंद्र सिंह सेंगर और आउटसोर्स कर्मी नीरज दुबे पर लगा उगाही का आरोप, जांच एजेंसियों की चुप्पी पर उठे सवाल ​  खाली लेटर पैड पर जबरन दस्तखत कराने और घटती के नाम पर रिकवरी से परेशान वेयरहाउस मालिकों ने खोला मोर्चा; 5-7 सालों में आउटसोर्स कर्मचारी की अपार संपत्ति और विदेश यात्राओं पर जांच की मांग। ​ कटनी  ​कटनी: मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (MPWLC) का कटनी कार्यालय इस समय विवादों और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के घेरे में है। कटनी के अधिकतर वेयरहाउस मालिकों ने एकजुट होकर MPWLC के अधिकारी/क्यूसी अधिकारी योगेंद्र सिंह सेंगर और ऑफिस में पदस्थ आउटसोर्स कर्मचारी नीरज दुबे के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है। ​वेयरहाउस मालिकों का आरोप है कि उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है और योगेंद्र सिंह सेंगर के ट्रांसफर को रुकवाने के लिए उन पर खाली लेटर पैड पर जबरन दस्तखत करने ...
​ कटनी का जल क्रांति: सूखी खदानें बनीं 'पानी का किला', गर्मी में जल संकट हुआ दूर ​ विशेष रिपोर्ट कटनी ​ कटनी। जहाँ हर साल भीषण गर्मी के दस्तक देते ही देश के बड़े-बड़े शहर और ग्रामीण अंचल भीषण जल संकट की चपेट में आ जाते हैं, वहीं मध्यप्रदेश के कटनी जिले ने जल संरक्षण की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी चर्चा पूरे राज्य में हो रही है। जिले की परित्यक्त (सूखी/खाली) चूना पत्थर खदानों को 'जल संरक्षण के कुंज' में बदलकर प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शहर को भीषण गर्मी में पानी की किल्लत से पूरी तरह बचा लिया है। ​ कैसे काम करता है यह अनूठा 'वॉटर मॉडल'? ​कटनी का यह नवाचार पूरी तरह से प्राकृतिक जल पुनर्भरण (Water Recharge) और जल संग्रहण पर आधारित है: ​ अतिरिक्त जल का संचयन: वर्षा ऋतु में कटनी नदी के उफान पर आने वाले अतिरिक्त जल को बर्बाद होने से बचाकर सीधे इन विशाल खदानों की ओर मोड़ दिया जाता है। ​ 5 प्रमुख खदानों में भंडारण: विश्वकर्मा, कंचन और इमलिया खदान समेत शहर के आसपास मौजूद 5 बड़ी खाली खदानों को विशाल जल भंडार (रिजर्वायर) में बदल दिया गया है। ​ फिल्ट...
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  MPWLC कटनी: अधिकारियों के साए में पलते आउटसोर्स कर्मचारियों के बेखौफ बोल, पत्रकारों को 'मुक्ति' दिलाने की धमकी! ​ कटनी। मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (MPWLC) कटनी का कार्यालय इन दिनों प्रशासनिक ढ्रापे और कथित अनियमितताओं को लेकर सुर्खियों में है। बीते 19 सितंबर 2026 को दोपहर लगभग 11:00 से 1:00 बजे के बीच कार्यालय परिसर में एक ऐसी घटना घटी, जिसने प्रशासनिक गलियारों से लेकर मीडिया जगत तक में खलबली मचा दी है। ​प्रभार का सवाल और आउटसोर्स कर्मचारी की गुंडागर्दी ​घटनाक्रम के अनुसार, 19 सितंबर को कटनी के चार वरिष्ठ पत्रकार— शैलेंद्र तिवारी, मनोज सिंह परिहार, नीरज पांडे और नरेश बजाज —एमपीडब्ल्यूएलसी के क्वालिटी कंट्रोल (QC) अधिकारी योगेंद्र सिंह सेंगर से आधिकारिक प्रतिक्रिया (बाइट) लेने पहुंचे थे। पत्रकारों का सवाल सीधा और वाजिब था कि नया अधिकारी आए एक महीना बीत जाने के बाद भी अब तक प्रभार का हस्तांतरण क्यों नहीं हुआ? ​पत्रकार अधिकारी से बात कर ही रहे थे कि वहां मौजूद एक आउटसोर्स कर्मचारी नीरज दुबे मीडियाकर्मियों की मोबाइल से फोटो खींचने लगा। जब पत्रकार मनो...
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  ​  जिला अस्पताल प्रांगण में नियम ताक पर: सरकारी आवास, सरकारी संसाधन... पर कमाई निजी! आखिर प्रबंधन क्यों है खामोश? ​ डॉ . आरती सोधिया के शासकीय आवास पर बरसों से निजी क्लिनिक का संचालन; मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राज सिंह और सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल। ​कटनी (विशेष संवाददाता): जिला अस्पताल कटनी, जो जिले भर के गरीब और मध्यम वर्गीय मरीजों के लिए नि:शुल्क व किफायती स्वास्थ्य सेवाओं का मुख्य केंद्र माना जाता है, वहां की व्यवस्थाओं पर अब गंभीर प्रशासनिक प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। अस्पताल प्रांगण में स्थित शासकीय आवास, जो पूर्णतः स्वास्थ्य विभाग के संसाधनों से संचालित और संधारित होता है, वहां खुलेआम निजी अस्पताल/क्लिनिक की दुकानें सजाई जा रही हैं। ​प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल प्रांगण में आवंटित शासकीय आवास से डॉ. आरती सोधिया द्वारा विगत कई वर्षों से निजी क्लिनिक का बेधड़क संचालन किया जा रहा है। मरीज सरकारी परिसर में आते हैं, लेकिन इलाज और जांच के नाम पर निजी आय अर्जित की जा रही है। ​ बड़ा सवाल: संसाधन सरकारी,...
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​ अधिकारियों की सरपरस्ती में 'डमी' बनी व्यवस्था, एमपी डब्ल्यूएलसी कटनी में आउटसोर्स कर्मचारियों की 'चौधराहट' ​ वेयरहाउस संचालकों को ब्लैकलिस्ट करने की धमकियां, 5–7 सालों में कर्मचारियों की संपत्ति 100 से 500 गुना बढ़ने के आरोप; जांच के बाद भी कार्रवाई नदारद ​कटनी।    (MPWLC) कटनी जिला कार्यालय इन दिनों प्रशासनिक लचरता और आउटसोर्स कर्मचारियों की मनमानी को लेकर गंभीर चर्चाओं के केंद्र में है। सूत्रों एवं स्थानीय वेयरहाउस स्वामियों से मिली जानकारी के अनुसार,  यहाँ पदस्थ अधिकारी नाममात्र के रह गए हैं, जबकि नीतिगत और मैदानी फैसलों की कमान आउटसोर्स कर्मचारियों के हाथों में सिमट कर रह गई है।इसी कारण से यहां पदस्थ अधिकारी का भी स्थानांतरण  हो गया है लेकिन एक महीने हो गये आज दिनांक तक नये अधिकारी को पूर्ण प्रभार तक नही सौपा जा सका है  ​अधिकारियों की निष्क्रियता और मूक सहमति के कारण स्थिति यह बन चुकी है कि नियमित दायित्व निभाने वाले प्रशासनिक पद 'डमी' की भांति प्रतीत हो रहे हैं, जिसका सीधा फायदा उठाकर आउटसोर्स कर्मचारी भ्रष्टाचार की नई पटकथा लिख रहे हैं। ​ वेयरहाउस स...