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  MPWLC कटनी: पत्रकारों से अभद्रता करने वाले आउटसोर्स कर्मचारी पर गिरी गाज, सेवा समाप्त ​ 'द जर्नलिस्ट एसोसिएशन' के सदस्यों का वीडियो बनाकर कहे थे आपत्तिजनक शब्द; क्षेत्रीय कार्यालय ने लिया संज्ञान ​ विशेष संवाददाता | कटनी ​मध्य प्रदेश वॉयस एंड वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन (MPWLC) कटनी कार्यालय में पिछले दिनों 'द जर्नलिस्ट एसोसिएशन' के चार पत्रकारों के साथ हुई बदसलूकी और अभद्रता के मामले में आखिरकार बड़ी कार्रवाई हुई है। लंबे समय से सुर्खियों में छाए इस प्रकरण पर संज्ञान लेते हुए क्षेत्रीय कार्यालय ने विवादित आउटसोर्स कर्मचारी नीरज दुबे की सेवा 13 अक्टूबर 2026 को समाप्त कर दी है। ​ क्या था पूरा मामला? ​घटना MPWLC कटनी कार्यालय परिसर की है, जहाँ 'द जर्नलिस्ट एसोसिएशन' के चार पत्रकार सदस्य आधिकारिक/पेशेवर कवरेज के सिलसिले में पहुंचे थे। ​ अभद्रता और वीडियो बनाना: पदस्थ आउटसोर्स कर्मचारी नीरज दुबे ने पत्रकारों की बिना अनुमति उनका फोटो और वीडियो बनाना शुरू कर दिया। ​ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग: जब पत्रकारों ने इस बात का विरोध किया, तो कर्मचारी ने अनुचित व्यवहार कर...
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पत्रकारों पर बर्बरता के खिलाफ सड़कों पर 'द जर्नलिस्ट एसोसिएशन': कटनी में महामहिम राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन ​ दिल्ली में सीजेपी प्रदर्शन के दौरान मीडियाकर्मियों के साथ हुए दुर्व्यवहार से आक्रोश; पत्रकार सुरक्षा कानून जल्द लागू करने की उठी पुरजोर मांग ​ विशेष संवाददाता | कटनी (मध्य प्रदेश) 15 अक्टूबर 2026 ​राजधानी दिल्ली में सीजेपी (CJP) के विरोध प्रदर्शन की कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ पुलिस और प्रशासन द्वारा की गई कथित बर्बरता, धक्का-मुक्की और अभद्रता के विरोध में पूरे देश के मीडिया जगत में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस दमनकारी रवैये और देश में लगातार पत्रकारों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ 'द जर्नलिस्ट एसोसिएशन' की कटनी इकाई ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ​गुरुवार को एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने एकजुट होकर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हो रहे प्रहार के विरोध में जिलाधिकारी (कलेक्टर) एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अडिशनल एसपी) को महामहिम राष्ट्रपति तथा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ​ द जर्नलिस्ट एसोसिएशन का जोरदार प्रदर्शन ​कटनी में आयोजित इस विरोध प्र...
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  स्वार्थ की राजनीति: विकास कार्यों को ढाल बनाकर आदिवासी सरपंच को नीचा दिखाने का घिनौना प्रयास ​   कैलवारा खुर्द (कटनी) ​लोकतंत्र और पंचायती राज व्यवस्था में सरपंच और उपसरपंच को पंचायत के विकास रथ के दो पहिए माना जाता है, जिन्हें कंधे से कंधा मिलाकर गांव की उन्नति के लिए काम करना चाहिए। लेकिन कटनी जिले की ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द में उल्टी गंगा बहती नजर आ रही है। यहाँ अपने निजी स्वार्थों और राजनीतिक कुंठा से ग्रसित होकर उपसरपंच भूषण (भूरा) पाठक द्वारा लगातार वर्तमान आदिवासी सरपंच की छवि धूमिल करने और उन्हें नीचा दिखाने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। ​ तथ्य बनाम भ्रामक प्रचार: एक छोटे पुलिया विवाद का सच ​हाल ही में तथाकथित पत्रकारों और सोशल मीडिया के माध्यम से एक वीडियो वायरल करवाकर गांव के विकास कार्यों पर फर्जी आरोप गढ़े गए। लेकिन जब हमारी टीम ने धरातल पर जाकर सच्चाई की पड़ताल की, तो मामला बिल्कुल अलग निकला: ​ पुलिया का निर्माण:   लगभग 8 से 9 महीने पूर्व महज 20 से 22 हजार रुपये की छोटी लागत से एक पुलिया बनाई गई थी। ​ असली वजह: किन्हीं असामाजिक/शरारती तत्...
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MPWLC कटनी में प्रशासनिक पहेली: नए अधिकारी ने लिया चार्ज, फिर भी एक ही दफ़्तर में जमाए हैं पुराने साहब! ​ विशेष संवाददाता | कटनी ​मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन (MPWLC) के कटनी क्षेत्रीय कार्यालय में इन दिनों एक अजीबोगरीब प्रशासनिक स्थिति बनी हुई है, जो अब चर्चा और कौतूहल का विषय बन चुकी है। कार्यालय में नए कृषि अधिकारी आर. ए. मिश्रा ने आधिकारिक रूप से पूर्ण प्रभार ग्रहण कर लिया है और कॉरपोरेशन का पूरा कार्यभार संभालते हुए अपने कामकाज की शुरुआत भी कर दी है। लेकिन इस बदलाव के बीच सबसे बड़ा और यक्ष प्रश्न यह खड़ा हो गया है कि पूर्व अधिकारी योगेंद्र सिंह सेंगर को अब तक स्थानांतरित क्यों नहीं किया गया? ​जब नए अधिकारी ने नियमत: पदभार ग्रहण कर लिया है और व्यवस्था सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है, तब पुराने अधिकारी को बिना किसी आधिकारिक चार्ज के उसी कार्यालय में क्यों बिठाए रखा गया है? यह स्थिति न सिर्फ प्रशासनिक नियमों पर सवाल खड़े करती है, बल्कि विभाग की मंशा पर भी संदेह का घेरा बनाती है। ​ बिना प्रभार के क्यों बैठे हैं पूर्व अधिकारी? ​सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के अन...
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                                              सांकेतिक चित्र  ​ सलैया एथेनॉल प्लांट'मजबूत' प्रबंधन या पर्दों के पीछे छिपे गहरे राज? प्रबंधन हो तो ऐसा: सलेया एथेनॉल प्लांट, जहाँ हादसों और खामोशी की दीवारें हैं सबसे 'तगड़ी' मजदूर के दोनों पैर कटने की घटना से लेकर 'काला पानी' बहने तक... प्लांट के भीतर क्या-क्या छिपा है? सूत्रों के हवाले से सनसनीखेज खुलासे। ​  ब्यूरो रिपोर्ट कटनी / सलैया: औद्योगिक विकास और कल-कारखाने किसी भी क्षेत्र की प्रगति का पैमाना होते हैं, लेकिन जब सुरक्षा और पारदर्शिता के मानक ताक पर रख दिए जाएं, तो वही कारखाने स्थानीय जनता के लिए चिंता का विषय बन जाते हैं। इन दिनों कटनी जिले के सलेया स्थित एथेनॉल प्लांट अपनी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा के केंद्र में है। हालांकि, चर्चा प्लांट के उत्पादन को लेकर नहीं, बल्कि उसके भीतर के 'तगड़े मैनेजमेंट' और कथित तौर पर हर बात को दबा देने की कला को लेकर है। ​ 'तगड़ा मैनेजमेंट': जहाँ परिंदा भी पर नहीं मार सकता ​स्थ...
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    ताले में कैद उम्मीदें: क्या चार साल बाद खुलेगा लाड़ली बहना का पोर्टल, या यह सिर्फ एक सियासी पैंतरा है? ​ विशेष संवाददाता भोपाल, मध्य प्रदेश ​मध्य प्रदेश की राजनीति में जिस योजना ने सबसे बड़ा भूचाल लाया और सत्ता की चाबी एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी के हाथों में सौंपी, वह थी – 'मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना'। मई 2023 में शुरू हुई इस योजना को राज्य की महिलाओं के लिए एक गेम-चेंजर के रूप में पेश किया गया था। लेकिन इस योजना के साथ एक ऐसा विरोधाभास जुड़ा है जो लोकतंत्र और प्रशासनिक न्याय पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सवाल यह है कि आखिर जो बहनें शुरुआती दौर में किन्हीं तकनीकी कारणों, दस्तावेजों की कमी या जागरूकता के अभाव के चलते इस दायरे से छूट गईं, उनके लिए इस योजना के दरवाजे हमेशा के लिए बंद क्यों कर दिए गए? ​लगभग चार साल का वक्त बीतने को है, और पोर्टल पर लगे ताले जस के तस हैं। क्या शासन कभी इनकी सुध लेगा? क्या छूटे हुए परिवारों के नुकसान की भरपाई संभव है? आइए गहराई से टटोलते हैं इस राजनीतिक और सामाजिक पहेली को। ​ सवाल नंबर 1: चार साल से पोर्टल पर ताला क्यों? क्या एक बार ...
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  पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर आर-पार के मूड में 'द जर्नलिस्ट एसोसिएशन कटनी', मुख्यमंत्री के नाम सौंपेंगे ज्ञापन   राष्ट्रीय संगठन मंत्री  म नोज सिंह परिहार, संभाग प्रभारी नीरज पांडे और जिलाध्यक्ष महेंद्र गुड्डू सोनी और एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारियो सहित  किया ऐलान; 15 अक्टूबर को सौपा जायेगा ज्ञापन  "पत्रकार सुरक्षा कानून लागू हो, पत्रकारों पर हमले और धमकियाँ बंद हों" कटनी (मध्य प्रदेश) विशेष संवाददाता ​ कटनी। देश और प्रदेश में निष्पक्ष पत्रकारिता को सुरक्षित माहौल देने और पत्रकारों पर हो रहे हमलों व धमकियों के सिलसिले पर पूर्ण विराम लगाने की मांग को लेकर 'द जर्नलिस्ट एसोसिएशन कटनी' ने बड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन 15 अक्टूबर को कटनी जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक अहम ज्ञापन सौंपेगा। ​इस बात का औपचारिक ऐलान द जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री  मनोज सिंह परिहार , संभाग प्रभारी नीरज पांडे और जिला अध्यक्ष महेंद्र गुड्डू सोनी ने संयुक्त रूप से किया है। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया ...
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पत्रकारों ने DM के सामने उठाया सड़क के गड्ढों का मुद्दा, HR हेड ने लिया संज्ञान; शुरू हुई मरम्मत, दशहरा उत्सव की सुरक्षा पर भी प्रशासन सख्त* * कैमोर* अदाणी एसीसी दशहरा उत्सव को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता दिखाई है। दशहरा मैदान में उमड़ने वाली संभावित भारी भीड़ और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए कलेक्टर (DM) एवं पुलिस अधीक्षक (SP) ने सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। वहीं, पत्रकारों द्वारा सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों का मुद्दा उठाए जाने के बाद अदाणी एसीसी प्रबंधन के HR हेड ने संज्ञान लेते हुए सड़क की मरम्मत का काम शुरू करा दिया है। इससे सड़क से गुजरने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। *पत्रकारों ने उठाई जनहित की आवाज, प्रबंधन ने शुरू कराया मरम्मत कार्य* कैमोर में सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढे वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए थे। खासकर दोपहिया वाहन चालकों और रात के समय आवागमन करने वाले लोगों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ था। आगामी दशहरा उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं, दर्शकों और वाहनों की आवाजाही बढ़ने की संभाव...
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इन्फ्लुएंसर्स गरबा नाइट में जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा की गरिमामयी उपस्थिति, शहर की प्रतिष्ठित हस्तियों ने बढ़ाई आयोजन की रौनक कटनी। शहर के सत्याजोत मैरिज गार्डन, नदी पार कटनी में 12 अक्टूबर 2026 को आयोजित भव्य इन्फ्लुएंसर्स गरबा नाइट कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं जिला शिक्षा समिति अध्यक्ष श्री अशोक विश्वकर्मा जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर शहर के अनेक प्रतिष्ठित नागरिकों, सोशल मीडिया क्रिएटर्स, युवाओं एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने सहभागिता कर कार्यक्रम की रौनक बढ़ाई। कार्यक्रम में श्री अशोक विश्वकर्मा जी की उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उन्होंने आयोजन से जुड़े सदस्यों एवं सोशल मीडिया टीम के लोगों से आत्मीय मुलाकात की तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजक मंडल के प्रयासों की सराहना की। इस आयोजन ने शहर के सोशल मीडिया क्रिएटर्स को एक मंच पर आने और अपनी रचनात्मकता एवं प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया। गरबा की रंगारंग प्रस्तुतियों, पारंपरिक संस्कृति और उत्साहपूर्ण माहौल ने कार्यक्रम को यादगार बनाया। आयोजन के माध्यम से भारतीय संस...
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​ एम.पी. वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन में आचार संहिता की धज्जियां! ​ आउटसोर्स कर्मचारी नीरज दुबे और 'शिवन्या वेयरहाउस' की भागीदारी पर उठे संगीन सवाल ​ विशेष संवाददाता |कटनी  ​ [कटनी]: मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (MPWLC) एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला वित्तीय अनियमियताओं और निगम के आचार संहिता (Code of Conduct) के सीधे उल्लंघन का है। विभागीय सूत्रों से मिली बेहद चौंकाने वाली जानकारी के अनुसार, निगम में पूर्व में आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में कार्यरत रहे नीरज दुबे के परिवार का एक अहम सदस्य 'शिवन्या बेयर हाउस' में व्यावसायिक पार्टनर है। ​इस खुलासे के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है और सवाल उठने लगे हैं कि आखिर जिम्मेदार अधिकारियों की नाक के नीचे हितों के टकराव (Conflict of Interest) का यह खेल लंबे समय तक कैसे चलता रहा? ​ आचार संहिता का सीधा उल्लंघन: नियम क्या कहते हैं? ​कॉर्पोरेट और सरकारी विभागों के सेवा नियमों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति किसी विभाग या निगम में कार्यरत है, तो उसके या उसके परिवार के किसी मुख्य सदस्य के नाम पर ऐसा कोई व्य...
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  ​ पत्रकारों के सम्मान से समझौता नहीं: 'द जर्नलिस्ट एसोसिएशन' के संघर्ष की जीत, MPWLC ने अभद्रता करने वाले आउटसोर्स कर्मचारी को सेवा से किया पृथक ​ कटनी/जबलपुर: पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार और अभद्र व्यवहार के मामले में मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (MPWLC) के क्षेत्रीय कार्यालय, जबलपुर ने कड़ा संज्ञान लिया है। कटनी शाखा में पदस्थ दैनिक वेतनभोगी/आउटसोर्स कर्मचारी श्री नीरज दुबे द्वारा पत्रकारों के साथ की गई बदसलूकी और दबाव बनाने के कृत्य पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने उसे एक माह का वेतन व सूचना देते हुए तत्काल प्रभाव से कार्य से पृथक कर दिया है। ​ क्या था पूरा मामला ? ​'एम.पी. न्यूज जंक्शन' के कटनी स्थानीय संस्करण में दिनांक 20.09.2026 से लगातार प्रकाशित खबरों के माध्यम से यह मामला उजागर हुआ था। आरोप था कि कटनी शाखा पर पदस्थ कर्मचारी श्री नीरज दुबे द्वारा स्थानीय गोदाम संचालकों को डरा-धमकाकर और दबाव बनाकर शिकायतें वापस लेने हेतु बाध्य किया जा रहा था तथा ऐसा न करने पर गोदामों को ब्लैक लिस्ट करने की धमकी दी जा रही थी। इसके साथ ही, उसने कवरेज व सव...
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​ गाँव के विकास पर 'इंजीनियरी' ब्रेक: 6 महीने तक नहीं होता मूल्यांकन, टूटे-फूटे काम का जिम्मेदार कौन? ​ विशेष संवाददाता | कटनी ​  महात्मा गांधी ने जिस 'ग्राम स्वराज' और सशक्त पंचायती राज का सपना देखा था, उसे धरातल पर उतारने की राह में शासकीय तंत्र का रवैया एक बड़ा रोड़ा साबित हो रहा है। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की गति देने का जिम्मा जिनके कंधों पर है, वही अब कार्य की प्रगति में बाधा बनते दिख रहे हैं। जनपद पंचायतों में पदस्थ उप-यंत्री (इंजीनियर), जिन पर कार्यों की तकनीकी स्वीकृति  और मूल्यांकन  की जिम्मेदारी होती है, उनकी लेट-लतीफी से सरपंच और ग्रामीण परेशान हैं। ​ महीनों अटकी रहती है तकनीकी स्वीकृति और मूल्यांकन ​विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंचों से बातचीत में यह कड़वी सच्चाई सामने आई है कि विकास कार्यों को स्वीकृति दिलाने से लेकर पूर्ण हुए कार्यों का मूल्यांकन कराने में 4 से 6 महीने तक का समय लग जाता है। ​ अगली किश्त का संकट: नियमानुसार, जब तक किसी कार्य का मूल्यांकन होकर उसकी 'मूल्यांकन पुस्तिका' (Measurement Book - MB) दर्ज नहीं होती, तब तक पं...
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कटनी MPWLC है या  ख़जाने की चाबी' या भ्रष्टाचार का गढ़? ​ एक और  ₹8,000 कमाने वाले आउटसोर्स कर्मचारी ने खड़ी की करोड़ों की संपत्ति, जल्द होगा नाम का खुलासा ! ​ विशेष संवाददाता | कटनी ​ कटनी। मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (MPWLC) का कटनी कार्यालय एक बार फिर भ्रष्टाचार और बेनामी संपत्ति के मामलों को लेकर सुर्खियों में है। कभी व्यवस्थाओं के सुधार का दावा करने वाला यह विभाग अब किसी 'खजाने की चाबी' से कम साबित नहीं हो रहा, जहाँ रातों-रात आउटसोर्स कर्मचारियों की किस्मत बदलते देखी जा रही है। ​हाल ही में मिली पुख्ता जानकारियों के मुताबिक, एक और आउटसोर्स कर्मचारी का नाम सामने आ रहा है, जिसकी मासिक तनख्वाह महज़ ₹8,000 है। लेकिन चौकाने वाली बात यह है कि इस मामूली वेतन में गुज़र-बसर करने वाले कर्मचारी ने अल्प समय में ही करोड़ों रुपये की अचल संपत्ति हासिल कर ली है। ​ कैसे बनी करोड़ों की संपत्ति? उठ रहे गंभीर सवाल ​सूत्रों के अनुसार, उक्त आउटसोर्स कर्मचारी के पास कटनी शहर और आसपास के इलाकों में कीमती जमीनों, अचल संपत्तियों और बेनामी लेन-देन के दस्तावेज होने...
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  ​ नगर निगम के लिए ‘तिलस्म’ बनी कटाये घाट मोड़ की सड़क , धूल के गुबार से फेफड़ों पर गहराता संकट विशेष संवाददाता | कटनी ​कटनी शहर की सड़कें इन दिनों विकास के दावों की पोल खोल रही हैं। पूरे शहर में बदहाल सड़कों और गड्ढों के कारण स्थिति नारकीय हो चुकी है, लेकिन कटाई घाट व बजरंगबली मंदिर के सामने का पैच नगर निगम के प्रशासनिक प्रबंधन पर सबसे बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर रहा है। ​आश्चर्य का विषय यह है कि पूरी सड़क के निर्माण के बीच इतने हिस्से को आखिर अधूरा क्यों छोड़ दिया गया? स्थानीय नागरिक अब चुटकी लेते हुए सवाल पूछ रहे हैं कि— "आखिर इस छोटे से टुकड़े को कौन सा ‘तिलस्मी’ आवरण ढके हुए है कि इंजीनियरों और ठेकेदारों की नजर इस पर नहीं पड़ती?" ​पैदल चलना भी हुआ मुहाल ​कटाये घाट स्थित प्रसिद्ध बजरंगबली मंदिर मार्ग पर रोजाना सैकड़ों श्रद्धालुओं और राहगीरों की आवाजाही होती है। लेकिन सड़क की हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि यहाँ चार पहिया या दो पहिया वाहन तो दूर, पैदल चलना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। उधड़ी हुई गिट्टियों, गहरे गड्ढों और अव्यवस्थित मलबे के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही ह...
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कटनी में घुट रहा आम जनता का दम: धूल-धुआं से हवा हुई जहरीली, मौन बैठा निगम प्रशासन ​ विशेष | कटनी ​ कटनी। नगर निगम क्षेत्र में वायु प्रदूषण का स्तर इस कदर बढ़ चुका है कि अब आम नागरिकों का सांस लेना तक दूभर हो गया है। शहर की हवा में घुली धूल और मिट्टी के गुबार ने लोगों की सेहत पर सीधा हमला बोल दिया है, जिससे दमा (अस्थमा), टीबी, और फेफड़ों से जुड़ी अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ गया है। हैरानी की बात यह है कि स्थिति इतनी भयावह होने के बावजूद नगर निगम और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मौन साधे बैठा है। ​ शहर का कोई कोना नहीं बचा अछूता ​वर्तमान स्थिति यह है कि कटनी शहर की शायद ही कोई ऐसी मुख्य सड़क या क्षेत्र बचा हो, जहाँ वायु प्रदूषण का बेतहाशा तांडव न देखने को मिल रहा हो। ​कैलवारा खुर्द  फाटक से आजाद चौक: सुबह से शाम तक धूल की मोटी परत हवा में तैरती रहती है। ​ मिशन चौक से माधवनगर गेट: व्यावसायिक गतिविधियों और लगातार उड़ती धूल के कारण दुकानदारों और राहगीरों का जीना मुहाल है। ​कैलवारा खुर्द  अंडरब्रिज से नदी पार बस स्टैंड: इस पूरे मार्ग पर मिट्टी के गुबार के कारण दृ...
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​ लोकतंत्र का चौथा स्तंभ ही असुरक्षित, फिर कानून बनाने में देरी क्यों? ​ – जनता की आवाज न्यूज कटनी विशेष  ​जब-जब किसी लोकतांत्रिक देश में जनता की आवाज दबाने का प्रयास होता है, तब-तब सबसे पहली गाज सच लिखने वाली कलम पर गिरती है। सरकार और जनता के बीच सबसे मजबूत पुल का काम करने वाला 'चौथा स्तंभ'—मीडिया—आज खुद अपने वजूद और सुरक्षा की लड़ाई लड़ रहा है। ​ग्राउंड रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों पर शारीरिक हमले, फर्जी मुकदमे, प्रशासनिक उत्पीड़न और डिजिटल ट्रोलिंग की घटनाएं अब आम बात हो गई हैं। इसके बावजूद सवाल जस का तस बना हुआ है: आखिर केंद्र स्तर पर 'पत्रकार सुरक्षा कानून' क्यों नहीं बनाया जा रहा? ​ क्यों ठंडे बस्ते में है कानून? तीन मुख्य कारण ​पत्रकार सुरक्षा कानून की लंबे समय से उठ रही मांग के बावजूद इसे लागू न किए जाने के पीछे मुख्य रूप से तीन पहलू सामने आते हैं: ​'कानून और व्यवस्था' का तकनीकी पेच: सरकार का तर्क रहा है कि भारतीय संविधान के तहत पुलिस और कानून-व्यवस्था  राज्यों का विषय है। ऐसे में केंद्रीय कानून बनाने के बजाय राज्यों को अधिकार दिए गए हैं। ​पत्...
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  कटनी में खनिज विभाग का बड़ा एक्शन: अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग करने वाले तीन वाहन जब्त ​ कटनी: जिले में अवैध खनिज परिवहन और ओवरलोडिंग के खिलाफ जिला प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कलेक्टर आशीष तिवारी के सख्त निर्देशों के बाद खनिज विभाग की टीम ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए कोयला, गिट्टी और रेत का अवैध परिवहन कर रहे तीन वाहनों को जब्त किया है। एक सप्ताह के भीतर इस तरह के आधा दर्जन से अधिक वाहनों पर कार्रवाई की जा चुकी है, जिससे अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। ​ कार्रवाई के मुख्य बिंदु ​ बिना दस्तावेजों का कोयला परिवहन:  पीर बाबा बाईपास पर जांच के दौरान कोयले से भरे एक वाहन को पकड़ा गया, जिसके पास खनिज परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। वाहन को जब्त कर सलीमनाबाद थाने में खड़ा कराया गया है। ​ बिना नंबर प्लेट की गिट्टी और गुमराह करने की कोशिश: इसी बाईपास पर बिना नंबर प्लेट के गिट्टी ले जा रहे एक वाहन को पकड़ा गया। चालक ने जांच दल को गलत नंबर बताकर गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क अमले ने वाहन को जब्त कर यातायात पुलिस चौकी के सुपुर्द कर दिया। ​ र...
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  सबरी माता मंदिर व कटाये घाट के मनोरम तट पर द जर्नलिस्ट एसोसिएशन  कटनी का भव्य वनभोज संगठन की मजबूती और विस्तार पर हुई विशेष चर्चा; 20 से अधिक पत्रकारों और गणमान्य नागरिकों ने निभाई सहभागिता ​कटनी/कैलवारा खुर्द। द जर्नलिस्ट एसोसिएशन कटनी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा सबरी माता मंदिर के समीप स्थित सुरम्य कटाये घाट नदी तट पर एक भव्य एवं सौहार्दपूर्ण वनभोज (पिकनिक) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। प्रकृति की गोद में आयोजित इस कार्यक्रम में 20 से अधिक सदस्यों ने एक साथ जुटकर संगठन की एकजुटता और सहभागिता का परिचय दिया। ​ धार्मिक अनुष्ठान और पारंपरिक खान-पान ​कार्यक्रम का शुभारंभ सबरी माता मंदिर में दर्शन-पूजन के साथ हुआ। एसोसिएशन के सभी सदस्यों ने सबरी माता के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके उपरांत, प्राकृतिक वातावरण के बीच पारंपरिक विधि से स्वादिष्ट 'गक्कर-भरता' तैयार किया गया। सर्वप्रथम तैयार प्रसाद को माता रानी को अर्पित करने के पश्चात सभी उपस्थित सदस्यों ने एक साथ बैठकर महाप्रसाद ग्रहण किया। ​ प्राकृतिक सौंदर्य ने मोहा मन ​कटाई घाट नदी के किनारे चार...
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​ आम रास्ते पर बेरिकेडिंग से किसान हलकान: 100 साल पुराने मार्ग पर दीवार खींचने का आरोप, तहसीलदार व पुलिस से गुहार ​ विशेष रिपोर्ट — ग्राम मूड़पार (रीठी/कटनी) कटनी। जिले के बिलहरी तहसील अंतर्गत ग्राम मूड़पार (थाना रीठी) में एक बार फिर भूमि विवाद और रास्ते के अधिकार को लेकर माहौल गरमा गया है। वर्षों पुराने पारंपरिक रास्ते पर पक्की दीवार निर्माण कर उसे बंद किए जाने का मामला सामने आया है। इससे क्षेत्र के लगभग 40 से 50 किसानों और ग्रामीणों के खेतों तक आवागमन का संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित पक्ष एवं ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और रास्ते को तत्काल बहाल कराने हेतु तहसीलदार बिलहरी तथा थाना प्रभारी रीठी को लिखित आवेदन सौंपा है। ​ क्या है पूरा मामला? (न्याय-संगत पक्ष) ​प्राप्त जानकारी और प्रशासन को दिए गए आवेदनों के अनुसार: ​ शिकायतकर्ता का पक्ष: ग्राम मूड़पार निवासी मुलायम सिंह (पिता दयाराम सिंह) का कहना है कि वे खसरा नंबर 541 (रकबा 0.25) पर दशकों से खेती करते आ रहे हैं। उनके अनुसार, इस भूमि के समीप खसरा नंबर 543 से होकर लगभग 100 वर्षों से आम रास्ता संचालित था, जिससे आधा दर्जन से...