कटनी MPWLC है या ख़जाने की चाबी' या भ्रष्टाचार का गढ़?
एक और ₹8,000 कमाने वाले आउटसोर्स कर्मचारी ने खड़ी की करोड़ों की संपत्ति, जल्द होगा नाम का खुलासा!
विशेष संवाददाता | कटनी
कटनी। मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (MPWLC) का कटनी कार्यालय एक बार फिर भ्रष्टाचार और बेनामी संपत्ति के मामलों को लेकर सुर्खियों में है। कभी व्यवस्थाओं के सुधार का दावा करने वाला यह विभाग अब किसी 'खजाने की चाबी' से कम साबित नहीं हो रहा, जहाँ रातों-रात आउटसोर्स कर्मचारियों की किस्मत बदलते देखी जा रही है।
हाल ही में मिली पुख्ता जानकारियों के मुताबिक, एक और आउटसोर्स कर्मचारी का नाम सामने आ रहा है, जिसकी मासिक तनख्वाह महज़ ₹8,000 है। लेकिन चौकाने वाली बात यह है कि इस मामूली वेतन में गुज़र-बसर करने वाले कर्मचारी ने अल्प समय में ही करोड़ों रुपये की अचल संपत्ति हासिल कर ली है।
कैसे बनी करोड़ों की संपत्ति? उठ रहे गंभीर सवाल
सूत्रों के अनुसार, उक्त आउटसोर्स कर्मचारी के पास कटनी शहर और आसपास के इलाकों में कीमती जमीनों, अचल संपत्तियों और बेनामी लेन-देन के दस्तावेज होने का अंदेशा जताया जा रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि:
- मात्र ₹8,000 प्रति माह वेतन पाने वाला व्यक्ति आखिर करोड़ों की संपत्ति का मालिक कैसे बन गया?
- क्या यह कर्मचारी विभाग के उच्च अधिकारियों और प्रभावशाली सिंडिकेट का 'माध्यम' (फ्रंटमैन) बनकर काम कर रहा था?
- वेयरहाउसिंग और भंडारण के खेल में आखिर किन-किन रास्तों से काली कमाई का लेन-देन हुआ?
विभागीय गलियारों में हड़कंप, बहुत जल्द होगा नाम का खुलासा
इस नए नाम के सामने आते ही MPWLC और संबंधित प्रशासनिक महकमों में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार का यह जाल केवल एक कर्मचारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा होने की आशंका है।
मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े और बेनामी संपत्ति से जुड़े पुख्ता साक्ष्य एकत्र कर लिए गए हैं। बहुत जल्द इस आउटसोर्स कर्मचारी के नाम के साथ-साथ उसकी बेनामी संपत्तियों की पूरी सूची का खुलासा किया जाएगा।
"अल्प मानदेय पर काम करने वाले कर्मचारी का करोड़ों की संपत्ति बनाना सीधे तौर पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। इस मामले की उच्च स्तरीय जाँच की माँग उठने लगी है।"


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