पत्रकारों के सम्मान से समझौता नहीं: 'द जर्नलिस्ट एसोसिएशन' के संघर्ष की जीत, MPWLC ने अभद्रता करने वाले आउटसोर्स कर्मचारी को सेवा से किया पृथक
कटनी/जबलपुर:
पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार और अभद्र व्यवहार के मामले में मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (MPWLC) के क्षेत्रीय कार्यालय, जबलपुर ने कड़ा संज्ञान लिया है। कटनी शाखा में पदस्थ दैनिक वेतनभोगी/आउटसोर्स कर्मचारी श्री नीरज दुबे द्वारा पत्रकारों के साथ की गई बदसलूकी और दबाव बनाने के कृत्य पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने उसे एक माह का वेतन व सूचना देते हुए तत्काल प्रभाव से कार्य से पृथक कर दिया है।
क्या था पूरा मामला?
'एम.पी. न्यूज जंक्शन' के कटनी स्थानीय संस्करण में दिनांक 20.09.2026 से लगातार प्रकाशित खबरों के माध्यम से यह मामला उजागर हुआ था। आरोप था कि कटनी शाखा पर पदस्थ कर्मचारी श्री नीरज दुबे द्वारा स्थानीय गोदाम संचालकों को डरा-धमकाकर और दबाव बनाकर शिकायतें वापस लेने हेतु बाध्य किया जा रहा था तथा ऐसा न करने पर गोदामों को ब्लैक लिस्ट करने की धमकी दी जा रही थी। इसके साथ ही, उसने कवरेज व सवाल पूछने पर पत्रकारों के साथ भी अभद्रता और बदसलूकी की, जिससे पत्रकार जगत में भारी रोष और आक्रोश व्याप्त हो गया था।
जांच समिति की रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए 'द जर्नलिस्ट एसोसिएशन' ने पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया और निगम प्रशासन को चेताया कि पत्रकारों के स्वाभिमान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने दिनांक 08.10.2026 को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी। जांच में पाया गया कि प्रकाशित खबरों में सत्यता है और कर्मचारी द्वारा पत्रकारों के साथ बदसलूकी की गई थी। जांच समिति की अनुशंसा और निगम की छवि धूमिल होने के मद्देनजर, क्षेत्रीय प्रबंधक जबलपुर ने दिनांक 09.10.2026 को आदेश जारी कर नीरज दुबे को एक माह का वेतन देकर सेवा से पृथक करने के निर्देश जारी कर दिए।
'द जर्नलिस्ट एसोसिएशन' ने जताया आभार
इस कड़ी कार्रवाई को पत्रकारों की एकजुटता और संघर्ष की बड़ी जीत माना जा रहा है। 'द जर्नलिस्ट एसोसिएशन' ने जबलपुर MPWLC क्षेत्रीय कार्यालय के इस न्यायपूर्ण और त्वरित कदम की सराहना की है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने क्षेत्रीय प्रबंधक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस निर्णय से लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का मान-सम्मान बहाल हुआ है और गलत कृत्य करने वालों को कड़ा संदेश मिला है।


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