कटनी वेयरहाउसिंग में भ्रष्टाचार और तानाशाही का बोलबाला
कटनी में जिला प्रबंधक योगेंद्र सिंह सेंगर और आउटसोर्स कर्मचारी नीरज दुबे के लिये पिछले 5 साल रहे गोल्डन तो वही बेयर हाऊस मालिको के लिये 'काला कार्यकाल'
वेयरहाउस मालिकों और गोदाम प्रबंधकों का दर्द छलका: "ये 5 वर्ष हमारे जीवन का सबसे भयावह समय रहे"
कटनी
मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (MPWLC) कटनी में पिछले पांच वर्षों से पदस्थ जिला प्रबंधक योगेंद्र सिंह सेंगर और उनके चहेते आउटसोर्स कर्मचारी नीरज दुबे की जुगलबंदी ने जिले के गोदाम संचालकों का जीना दुश्वार कर रखा है। कटनी वेयरहाउसिंग एसोसिएशन संघ द्वारा हाल ही में उच्च अधिकारियों को भेजे गए शिकायत पत्र के बाद अब इस पूरे साम्राज्य के भ्रष्टाचार और अनैतिक कार्यप्रणाली की पोल खुलकर सामने आ गई है।
ईमानदार संचालकों का उत्पीड़न, चहेतों पर मेहरबानी
स्थानीय गोदाम संचालकों और वेयरहाउस मालिकों ने नाम न छापने की शर्त पर भारी आक्रोश जताते हुए कहा कि "योगेंद्र सिंह सेंगर और नीरज दुबे का यह 5 वर्षों का कार्यकाल हमारे व्यावसायिक जीवन का सबसे भयावह और काला कार्यकाल रहा है।"
शिकायत पत्र के अनुसार, जिला प्रबंधक योगेंद्र सिंह सेंगर पिछले 5 से अधिक वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं। उन्होंने अपने आउटसोर्स कर्मचारी नीरज दुबे को एक मोहरे और माध्यम के रूप में इस्तेमाल करते हुए ईमानदार गोदाम संचालकों पर लगातार अनैतिक दबाव बनाया। जो संचालक इनके नियमों और अवैध मांगों के आगे नहीं झुके, उन्हें लगातार प्रताड़ित किया गया, जबकि इनके कुछ चुनिंदा चहेते गोदाम संचालकों को अनुचित लाभ पहुँचाया गया। इससे विभागीय कार्यों की निष्पक्षता और पारदर्शिता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है।
संघ ने उठाई तत्काल स्थानांतरण की मांग
कटनी के दर्जनों गोदाम संचालकों (जैसे साईं कृपा एग्रो वेयरहाउसिंग, राय वेयरहाउसिंग, साईं राम वेयरहाउस, आरव फूड प्रॉडक्ट्स, माँ शारदा एग्रो, सरगम वेयरहाउस आदि) ने हस्ताक्षरित पत्र के माध्यम से अध्यक्ष, मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन, भोपाल को शिकायत प्रेषित की है। संघ ने मांग की है कि:
- योगेंद्र सिंह सेंगर का तत्काल प्रभाव से कटनी से अन्य जिले में स्थानांतरण किया जाए।
- भविष्य में उन्हें पुनः कटनी जिले में पदस्थ न किया जाए।
संपत्ति की उच्च स्तरीय जांच और कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग
जिले के प्रबुद्ध नागरिकों और प्रताड़ित वेयरहाउस मालिकों ने शासन-प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि केवल स्थानांतरण ही इस समस्या का समाधान नहीं है। शासन को इस मामले पर तत्काल सख्त एक्शन लेते हुए:
- जिला प्रबंधक योगेंद्र सिंह सेंगर की अकूत संपत्ति की गहन जांच करानी चाहिए।
- आउटसोर्स कर्मचारी नीरज दुबे की चल-अचल संपत्ति और इनकी कार्यशैली में अर्जित अवैध कमाई की निष्पक्ष जांच (EOW / लोकायुक्त) कराई जाए।
- जांच में दोषी पाए जाने पर इन दोनों के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कानूनी कार्रवाई (FIR) दर्ज की जाए, ताकि सरकारी तंत्र को दीमक की तरह चाटने वाले ऐसे अधिकारियों पर नकेल कसी जा सके।
अब देखना यह होगा कि शासन इस गंभीर शिकायत और कटनी के वेयरहाउस संचालकों के इस दर्द पर क्या कड़ा कदम उठाता है।


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