कटनी MPWLC: कुर्सी का 'वर्चस्व' या काली कमाई का 'कब्जा'? ट्रांसफर के एक महीने बाद भी पूर्व QC अधिकारी का मोह क्यों नहीं छूट रहा!
विशेष रिपोर्ट — कटनी
कटनी मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन (MPWLC) इन दिनों अपनी किसी प्रशासनिक कार्यकुशलता नहीं, बल्कि अंदरूनी घमासान और भ्रष्टाचार के संगीन आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। विभाग के गलियारों में चर्चा है कि यह लड़ाई महज वर्चस्व की नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के जरिए कमाई गई अकूत संपत्ति और रोजाना हो रही काली कमाई पर अपना कब्जा बरकरार रखने की है।
प्रभार देने में देरी या 'लीपापोती' की तैयारी?
मामला गुणवत्ता नियंत्रक (QC) अधिकारी के प्रभार से जुड़ा हुआ है। बीते 19 अगस्त को छतरपुर से आर ए मिश्रा का तबादला गुणवत्ता नियंत्रक अधिकारी के रूप में कटनी के लिए हुआ था। मीडिया में खबर चलने के बाद उन्होंने 9 तारीख को अपनी जॉइनिंग भी दर्ज करा ली।
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जॉइनिंग के इतने दिन बीत जाने के बाद भी पूर्व क्वालिटी नियंत्रक योगेंद्र सिंह सेंगर ने अपना प्रभार हस्तांतरित क्यों नहीं किया और वे यहां से रिलीव क्यों नहीं हुए? आखिर एक प्रभार सौंपने में इतना समय क्यों लग रहा है? क्या यह प्रशासनिक विलंब है या फिर अपने कार्यकाल के दौरान किए गए कारनामों की 'लीपापोती' की जा रही है?
कर्मचारियों की 'अकूत संपत्ति' पर उठे सवाल
इस खेल में सिर्फ अधिकारी ही नहीं, बल्कि उनके अधीनस्थ कर्मचारी भी चर्चा में हैं। पूर्व में भी यह गंभीर आरोप सामने आ चुके हैं कि नीरज दुबे और एक अन्य अधीनस्थ कर्मचारी ने बीते 3 से 5 वर्षों के भीतर अप्रत्याशित संपत्ति अर्जित की है।
जनता और जानकारों के बीच अब यह सवाल तेजी से उठ रहा है:
- आखिर 10 से 12 हजार मासिक आय वाले आउटसोर्स कर्मचारी के पास यह अकूत संपत्ति कहां से आई?
- कमाई का असली स्रोत और माध्यम क्या है?
- क्या एक सामान्य सेवा अवधि में इतनी संपत्ति अर्जित करना संभव है?
'वेयरहाउस में माल घटती, खातों में बैलेन्स बढ़ती' — क्या है कनेक्शन?
(की गयी शिकायत के अनुसार)जिले में स्थित बहोरीबंद कैप और अन्य भंडारण स्थलों पर अनाज और सामग्री की लगातार घटती (शॉर्टेज) सामने आती रही है। अब लोग खुले तौर पर यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या वेयरहाउस के सरकारी स्टॉक में हो रही इस घटती का सीधा संबंध MPWLC कर्मचारियों और अधिकारियों के निजी खातों में हो रही पैसों की 'बढ़ती' से है?
निष्पक्ष जांच की उठ रही मांग
कटनी में MPWLC की कार्यशैली को लेकर आमजन और जागरूक नागरिकों में भारी आक्रोश है। जिस तरह से ट्रांसफर के बाद भी प्रभार दबाकर बैठा गया है, उसने संदेहास्पद स्थितियों को जन्म दे दिया है। अब देखना यह होगा कि उच्च अधिकारी इस पूरे घटनाक्रम और कर्मचारियों की बेनामी संपत्ति के आरोपों पर निष्पक्ष जांच का आदेश देते हैं या फिर यह मामला भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।


Comments
Post a Comment