कटनी / कैलावरा खुर्द | दिनांक: 06 अगस्त 2026
आखिर क्यों नहीं थम रहा पूर्व सरपंच माधुरी पाठक और उनके पति उपसरपंच भूषण पाठक का भ्रष्टाचार तांडव?
मासूमों के निवाले पर डाका: तपोभूमि प्राथमिक शाला में 6 माह से बंद मध्यान्ह भोजन; प्रशासनिक सांठगांठ से ग्रामीण त्रस्त, CM हेल्पलाइन तक शिकायतें बेअसर!
कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले के अंतर्गत आने वाले विकासखंड कटनी की ग्राम पंचायत कैलावर खुर्द में सत्ता के दुरुपयोग, वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक तानाशाही का ऐसा नंगा नाच देखने को मिल रहा है, जिसने जनसेवा की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। पूर्व सरपंच माधुरी पाठक और उनके पति वर्तमान उपसरपंच भूषण पाठक का दबदबा और भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताज़ा व सनसनीखेज मामला शासकीय तपोभूमि प्राथमिक शाला का है, जहाँ पिछले 6 महीनों से मासूम स्कूली बच्चों को मध्यान्ह भोजन तक नसीब नहीं हो पा रहा है।
📄 दस्तावेजी सबूत: प्रधानाध्यापक ने खोला मोर्चा
प्राप्त आधिकारिक पत्र एवं शासकीय दस्तावेजों के अनुसार, कैलावरा खुर्द स्थित शासकीय तपोभूमि प्राथमिक शाला में पूर्व में संचालित स्वसहायता समूह के निष्कासन के पश्चात जुलाई 2026 से मध्यान्ह भोजन संचालन का दायित्व शाला प्रबंधन समिति (SMC) को सौंपा गया था।
परंतु हैरानी की बात यह है कि मार्च एवं अप्रैल सहित बीते 6 महीनों की प्रतिपूर्ति राशि (बजट) शाला प्रबंधन समिति के खाते में जमा ही नहीं की गई।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने विकासखंड स्रोत समन्वयक (BRC), जनपद शिक्षा केंद्र कटनी को प्रेषित पत्र (दिनांक 06/07/2026) में स्पष्ट लिखा है कि:
"6 महीने से भोजन की प्रतिपूर्ति राशि प्राप्त न होने की स्थिति में शाला प्रबंधन समिति द्वारा भोजन नहीं बनाया जा रहा है।"
पूर्व सरपंच व उपसरपंच पति की तानाशाही से आक्रोश
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत कैलावर खुर्द में पूर्व सरपंच माधुरी पाठक एवं उपसरपंच भूषण पाठक की जोड़ी पंचायत के सभी विकास कार्यों, शासकीय बजट आवंटन एवं राशन वितरण पर अपनी मनमानी चला रही है।
- मासूमों के हक पर डाका: प्राथमिक शाला के छोटे-छोटे बच्चे दोपहर में भोजन के इंतजार में भूखे पेट बैठने को मजबूर हैं।
- फर्जीवाड़ा और कमीशनखोरी: पंचायत की राशि का आहरण करने और चहेतों को लाभ पहुँचाने का खेल लंबे समय से चल रहा है।
- दबाव व धमकी: कोई भी ग्रामीण या शिक्षक जब भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता है, तो उपसरपंच पति द्वारा प्रशासनिक रसूख का डर दिखाया जाता है।
CM हेल्पलाइन भी साबित हो रही बौनी
मामले को लेकर ग्रामीणों ने राज्य की सीएम हेल्पलाइन (181) पर भी शिकायतें दर्ज कराई हैं। लेकिन निचले स्तर के अधिकारियों द्वारा गोल-मोल जवाब देकर और कागजी लीपापोती करके फाइलों को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है।
जनपद पंचायत कटनी के जिम्मेदारों की इस खामोशी से सवाल उठता है कि क्या जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच कोई अंदरूनी सांठगांठ है?
मुख्य तीखे सवाल:
- 6 महीने की मध्यान्ह भोजन राशि कहाँ गई? क्या बजट का गबन किया गया या किसी अन्य मद में डाइवर्ट कर दिया गया?
- बीआरसी और जनपद सीईओ खामोश क्यों हैं? प्रधानाध्यापक का लिखित पत्र मिलने के बावजूद तुरंत फंड जारी क्यों नहीं कराया गया?
- कठोर कार्रवाई कब? पूर्व सरपंच व उपसरपंच द्वारा पंचायत के कार्यों में किए जा रहे हस्तक्षेप और भ्रष्टाचार पर जिला प्रशासन कब लगाम लगाएगा?
📢 ग्रामीणों की चेतावनी एवं मांग
कैलावर खुर्द के निवासियों ने जिला कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ से मांग की है कि:
- शाला प्रबंधन समिति का रुका हुआ फंड तत्काल जारी कर बच्चों के भोजन की व्यवस्था शुरू कराई जाए।
- पूर्व सरपंच माधुरी पाठक व उपसरपंच भूषण पाठक के कार्यकाल की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की जाए।
- दोषी पाए जाने पर गबन की राशि वसूल कर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे कलेक्ट्रेट कार्यालय के समक्ष उग्र प्रदर्शन एवं तालाबंदी करने को बाध्य होंगे।


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