लापता व्यवस्था: कैलवारा खुर्द में कागजों में सिमटे 'कृषि विस्तारक अधिकारी', किसान सरकारी योजनाओं से बेखबर
विशेष रिपोर्ट (कटनी)
ग्राउंड रिपोर्ट | कैलवारा खुर्द
कटनी। सरकार भले ही किसानों की आय दोगुनी करने और आधुनिक खेती की तकनीक को गांव-गांव तक पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे करती हो, लेकिन कटनी जनपद की ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द में इन दावों की हवा निकलती नजर आ रही है। स्थिति यह है कि गांव में पदस्थ 'ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी' (RAEO) सिर्फ सरकारी फाइलों और वेतन रोल तक ही सीमित हैं। ग्रामीण किसानों की मानें तो आज दिनांक तक उन्हें यह तक मालूम नहीं है कि उनकी पंचायत का कृषि विस्तारक अधिकारी आखिर है कौन?
'कौन है साहब, कभी देखा ही नहीं'
कैलवारा खुर्द के स्थानीय किसानों का कहना है कि कृषि विभाग का कोई भी नुमाइंदा आज तक गांव की चौपाल या खेतों में मार्गदर्शन देने नहीं पहुंचा। रबी और खरीफ की फसलों के समय जब किसानों को उन्नत बीज, खाद के सही उपयोग, कीट प्रबंधन और शासकीय योजनाओं (जैसे पीएम किसान, फसल बीमा, या सब्सिडी वाले यंत्र) की जानकारी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब वे पूरी तरह रामभरोसे रहते हैं।
योजनाओं के लाभ से वंचित ग्रामीण
नियमों के मुताबिक, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को सप्ताह में निश्चित दिन ग्राम पंचायतों का दौरा कर किसानों को तकनीकी सलाह देनी होती है और सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना होता है। लेकिन कैलवारा खुर्द में अधिकारी की निरंतर अनुपस्थिति के कारण:
- किसानों को कृषि विभाग की कल्याणकारी योजनाओं की सही समय पर जानकारी नहीं मिल पाती।
- कीट या बीमारी लगने पर सही दवाइयों की सलाह न मिलने से फसलों का नुकसान होता है।
- उन्नत खेती के गुर सीखने के बजाय किसान पुरानी और पारंपरिक पद्धतियों पर ही निर्भर रहने को मजबूर हैं।
जिम्मेदारों के रवैये पर उठते सवाल
गांव के जागरूक किसानों का कहना है कि जब जिम्मेदार अधिकारी मुख्यालय या आवंटित पंचायतों से नदारद रहेंगे, तो शासन की मंशा धरातल पर कैसे उतरेगी? क्या कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को इस बात की भनक नहीं है, या फिर जानबूझकर इस लापरवाही पर पर्दा डाला जा रहा है?
अब देखना यह होगा कि इस मामले की खबर सामने आने के बाद कटनी कृषि विभाग नींद से जागता है या कैलवारा खुर्द के किसान यूं ही अपने अधिकारों से वंचित रहेंगे।
प्रशासन से सीधे सवाल:
- कैलवारा खुर्द पंचायत में पदस्थ कृषि विस्तारक अधिकारी का रोस्टर (दौरे का समय) क्या है और वे कब-कब गांव पहुंचे?
- क्या विभाग द्वारा अधिकारियों की मैदानी उपस्थिति की जांच की जाती है?
- लगातार गैरहाजिर रहने वाले अधिकारी पर वरिष्ठ अधिकारी क्या दंडात्मक कार्रवाई करेंगे?

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