प्रशासनिक लापरवाही: कैलवारा खुर्द बाईपास फ्लाईओवर पर छाया अंधेरा, बड़े हादसे का खतरा
कैलवारा खुर्द। कैलवारा खुर्द बाईपास फ्लाईओवर के ऊपर लगी स्ट्रीट लाइटें पिछले कुछ समय से पूरी तरह बंद पड़ी हैं। रात होते ही पूरा फ्लाईओवर गहरे अंधेरे में डूब जाता है, जिससे तीनों दिशाओं से आने-जाने वाले वाहनों के लिए गंभीर दुर्घटना का अंदेशा बना हुआ है। स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों ने इस लापरवाही पर गहरा रोष जताया है।
तीन दिशाओं का मुख्य चौराहा, दृश्यता शून्य
कैलवारा खुर्द बाईपास एक प्रमुख कनेक्टिंग पॉइंट है, जहां तीन अलग-अलग दिशाओं से भारी और हल्के वाहनों का लगातार दबाव बना रहता है। लाइटें बंद होने के कारण तेज रफ्तार वाहनों को मोड़ और सामने से आ रही गाड़ियों का अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल हो रहा है। रात के समय दृश्यता (visibility) शून्य के बराबर हो जाने से रोजाना आमने-सामने की भिड़ंत की आशंका बनी रहती है।
एनएचएआई और विद्युत मंडल आमने-सामने, कौन लेगा जिम्मेदारी?
बाईपास और फ्लाईओवर के रखरखाव और सुचारू संचालन के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और स्थानीय विद्युत मंडल प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार हैं। हालांकि, लाइटों के बंद होने के बाद भी दोनों ही विभागों की ओर से अब तक कोई सुध नहीं ली गई है।
- NHAI की जिम्मेदारी: फ्लाईओवर के इंफ्रास्ट्रक्चर और यात्रियों की सुरक्षा के लिए लाइट चालू रखना प्राधिकरण के कार्यक्षेत्र में आता है।
- विद्युत मंडल का दायित्व: बिजली आपूर्ति की तकनीकी खामियों को तुरंत दुरुस्त कर लाइन बहाल करना विद्युत विभाग का काम है।
हादसे के बाद जागेगा प्रशासन?
स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभागों की अनदेखी किसी बड़े हादसे को आमंत्रण दे रही है। यदि समय रहते इन बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कर इन्हें चालू नहीं किया गया, तो कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है।
वाहन चालकों और क्षेत्रवासियों ने एनएचएआई और विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत लाइटों को सुधारा जाए और यातायात को सुरक्षित बनाया जाए।

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