बुजुर्गों के सम्मान में गूंजा संदेश: "हमारे पूर्वजों के संघर्ष और परिश्रम की देन है आज की आजादी"
कैलवारा खुर्द: ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द में आजादी के पावन अवसर पर एक विशेष और भावुक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। "यह आजादी हमने नहीं ली, यह आजादी हमें हमारे पूर्वजों ने दिलाई है" — इसी केंद्रीय विचार के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में गांव के 40 से अधिक बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों का शॉल, श्रीफल व सम्मान पत्र देकर भावभीना अभिनन्दन किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र और संप्रभु भारत में सांस ले रहे हैं, वह हमारे बुजुर्गों और पूर्वजों के अनवरत परिश्रम, त्याग और संघर्ष का ही प्रतिफल है। यदि हमारे पूर्वजों ने विषम परिस्थितियों में संघर्ष न किया होता और अपनी जीवन भर की मेहनत से समाज को दिशा न दी होती, तो आज की पीढ़ी को यह आजादी और सुलभ वातावरण नहीं मिलता।
कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण:
- वरिष्ठों का अभिनंदन: गांव के 40 से अधिक वृद्धजनों को मंच पर आदरपूर्वक आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।
- संस्मरण और अनुभव साझा: सम्मानित बुजुर्गों ने अपने जीवन के अनुभव और पुराने दौर के संघर्षों को नई पीढ़ी के साथ साझा किया।
- नई पीढ़ी को संदेश: युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़े रहने, बुजुर्गों का सदैव आदर करने और उनके द्वारा स्थापित नैतिक मूल्यों को आगे ले जाने का संकल्प दिलाया गया।
समारोह के समापन पर पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने माना कि बुजुर्ग केवल उम्र में बड़े नहीं होते, बल्कि वे हमारे समाज की धरोहर और मार्गदर्शक हैं। उनके सम्मान से ही किसी समाज और गांव की वास्तविक उन्नति संभव है।


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