शासकीय कन्या महाविद्यालय कटनी में 'तिरंगा मानव श्रृंखला' का भव्य आयोजन
कटनी
'हर घर तिरंगा' अभियान के अंतर्गत शासकीय कन्या महाविद्यालय, कटनी में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव से ओत-प्रोत 'तिरंगा मानव श्रृंखला' कार्यक्रम का शानदार आयोजन किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं और शिक्षकों में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान तथा स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों के प्रति कृतज्ञता की भावना को सुदृढ़ करना था।
🇮🇳 हाथ में तिरंगा, दिल में राष्ट्रप्रेम: परिसर में गूंजे देशभक्ति के तराने
कार्यक्रम में महाविद्यालय की सैकड़ों छात्राओं और प्राध्यापकों ने अत्यंत उत्साह के साथ भाग लिया और महाविद्यालय परिसर में एक विशाल मानव श्रृंखला (Human Chain) का निर्माण किया।
- एकता का संदेश: हाथों में गर्व से लहराता तिरंगा लेकर छात्राओं ने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता का संदेश दिया।
- सांस्कृतिक वातावरण: कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति गीतों का सामूहिक गायन किया गया, जिससे संपूर्ण महाविद्यालय परिसर राष्ट्रीय चेतना और उमंग से सराबोर हो उठा।
- लिया संकल्प: उपस्थित जनसमूह और छात्राओं ने राष्ट्रध्वज की गरिमा बनाए रखने और देश की उन्नति में योगदान देने का संकल्प लिया।
🎙️ तिरंगे का प्रत्येक रंग हमारी महान परंपरा का प्रतीक: प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात
छात्राओं को संबोधित करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात ने राष्ट्रीय ध्वज के ऐतिहासिक और नैतिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
"केसरिया रंग साहस, त्याग और वीरता का प्रतीक है; सफेद रंग शांति एवं सत्य का; तथा हरा रंग समृद्धि, हरियाली और विकास को दर्शाता है। हमारे ध्वज का अशोक चक्र देश की महान परंपरा, निरंतरता और आदर्श मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है।"
— डॉ. चित्रा प्रभात, प्राचार्य
प्राचार्य ने आगे कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र भारत में गर्व से तिरंगा लहरा रहे हैं, वह स्वतंत्रता सेनानियों और वीर सपूतों के अमूल्य त्याग और बलिदान का परिणाम है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का यह परम कर्तव्य है कि वह देश की एकता और संप्रभुता की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहे।
📜 स्वतंत्रता केवल अधिकार नहीं, जिम्मेदारी भी है: श्रीमती रश्मि सिंह
कार्यक्रम की संयोजक श्रीमती रश्मि सिंह ने स्वतंत्रता के वास्तविक अर्थ को रेखांकित करते हुए कहा:
- राष्ट्र निर्माण में भूमिका: स्वतंत्रता हमें अधिकारों के साथ-साथ नागरिक कर्तव्यों का भी बोध कराती है।
- युवाओं से आह्वान: उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे अपनी शिक्षा और ईमानदारी से दायित्वों का निर्वहन करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं और स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें।
🌟 अनुशासन और राष्ट्रीय चेतना का मिसाल बना कार्यक्रम
इस 'तिरंगा मानव श्रृंखला' कार्यक्रम ने छात्राओं में अनुशासन, संगठन और असीम देशभक्ति का संचार किया। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि तिरंगा केवल तीन रंगों का कपड़ा नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता, स्वतंत्रता, गौरव और 140 करोड़ भारतीयों की भावनाओं का अखंड प्रतीक है।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और भारत माता के जयकारों के साथ अत्यंत गरिमामय वातावरण में हुआ।


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