माधवनगर कैंप में अवैध शराब की 'पेकारियों' का मकरजाल: जिला प्रशासन की खामोशी पर उठे सवाल
अपराध और विवाद का नया ठिकाना बनीं गली-कूचे की अवैध शराब पैकरी दुकानें
माधवनगर कैंप (विशेष संवाददाता):
माधवनगर कैंप क्षेत्र में इन दिनों कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। कहने को तो क्षेत्र में शराब की केवल एक ही लाइसेंसी दुकान स्वीकृत है, लेकिन धरातल पर नजारा बिल्कुल अलग है। इस मुख्य लाइसेंसी दुकान की आड़ में और कथित शह पर पूरे बाजार और आवासीय गली-कूचों में लगभग 20 अवैध पेकारियां (अवैध बिक्री केंद्र) बेखौफ संचालित हो रही हैं।
बीच बाजार और घनी आबादी वाले इलाकों में सुबह से देर रात तक सजने वाली इन अवैध पेकारियों के कारण स्थानीय निवासियों, खासकर महिलाओं और बच्चों का राह चलना दूभर हो गया है।
प्रशासनिक सुस्ती: आबकारी और पुलिस विभाग की भूमिका पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन अवैध ठिकानों की जानकारी हर छोटे-बड़े प्रशासनिक अधिकारी को है, इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।
- आबकारी विभाग की अनदेखी: आखिर कैसे एक वैध लाइसेंस की आड़ में 20 अन्य जगह गैर-कानूनी तरीके से शराब बेची जा रही है? क्या विभाग को इसका राजस्व नुकसान और जन-असंतोष दिखाई नहीं दे रहा?
- पुलिस की निष्क्रियता: आए दिन इन पेकारियों के आसपास मारपीट, गाली-गलौज और वाद-विवाद की घटनाएं आम बात हो चुकी हैं। इसके बावजूद स्थानीय पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है।
आम जनता के सिर पर मंडराता खतरा
"बाजार में रोज खरीदारी के लिए आने वाली महिलाओं और परिवारों के लिए सुरक्षा अब सबसे बड़ी चिंता बन गई है। शराब के नशे में धुत असामाजिक तत्वों के कारण कभी भी बड़ी वारदात हो सकती है।"
— स्थानीय निवासी, माधवनगर कैंप
कैंप जैसे संवेदनशील और व्यस्त इलाके में अवैध शराब के इस कारोबार ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। लगातार होते झगड़ों से क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण बना रहता है।
बड़ा सवाल: आखिर क्यों मौन है जिला प्रशासन?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब समस्या इतनी विकराल रूप ले चुकी है, तो जिला प्रशासन की यह खामोशी समझ से परे है।
- क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे या गंभीर अपराध का इंतजार कर रहा है?
- क्या अवैध कारोबारियों को किसी संरक्षण का लाभ मिल रहा है?
- जनहित को ध्यान में रखते हुए कैंप जैसे व्यस्त क्षेत्र में इन अवैध पेकारियों को तत्काल प्रभाव से बंद क्यों नहीं किया जा रहा?
जनता की मांग
क्षेत्रवासियों का कहना है कि आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन को तुरंत अभियान चलाकर इन 20 से अधिक अवैध पेकारियों को बुलडोजर/सील करने की कार्रवाई करनी चाहिए, अब देखना यह है कि प्रशासन इस खबर के बाद नींद से जागता है या मौन साधे रहता है।

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