एक साल से अधूरी सीसी रोड, सामग्री गायब!
छैघरा में सड़क निर्माण के नाम पर खेला गया 'भ्रष्टाचार' का खेल? सचिव पर शासकीय सामग्री के दुरुपयोग और फर्जी निर्माण का आरोप
कटनी:
जनपद पंचायत कटनी अंतर्गत ग्राम पंचायत कन्हवारा के वार्ड क्रमांक-6 (छैघरा) में सीसी रोड निर्माण कार्य को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। वार्डवासियों ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को लिखित शिकायत सौंपते हुए पंचायत सचिव पर अधूरा निर्माण, शासकीय सामग्री का दुरुपयोग तथा फर्जी निर्माण कार्यों के माध्यम से सरकारी राशि के गबन के गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिकायत में लगाए गए प्रमुख आरोप:
- अधूरा निर्माण: लगभग 1 वर्ष पूर्व सिर्फ 100 फुट तक गिट्टी बिछाकर निर्माण कार्य रोक दिया गया।
- सामग्री का दुरुपयोग: आधा किलोमीटर सीसी रोड के लिए लाई गई रेत, गिट्टी, सीमेंट का अन्य स्थानों पर दुरुपयोग किया गया।
- पुराने निर्माण का दोहराव: 6 वर्ष पूर्व बनी नाली को दिखाकर पुनः नाली निर्माण की स्वीकृति कराकर शासकीय राशि का दुरुपयोग।
- जानकारी छिपाना: वार्ड पंच द्वारा डिटेल व अभिलेख मांगने पर भी पंचायत सचिव द्वारा जानकारी नहीं दी जा रही।
- ग्रामीणों की परेशानी: बरसात में कीचड़ और गड्ढों से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के सवाल: 100 फुट के बाद क्यों रुका काम? कहां गई लाखों की सामग्री?
शिकायत के अनुसार लगभग एक वर्ष पूर्व वार्ड में करीब आधा किलोमीटर सीसी रोड निर्माण के लिए रेत, गिट्टी एवं अन्य सामग्री डंप की गई थी। प्रारंभ में केवल लगभग 100 फुट तक गिट्टी बिछाकर कार्य रोक दिया गया। इसके बाद सड़क निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे इस लागत में भी वार्ड निवासियों को कीचड़ और खराब रास्ते से आवागमन करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के लिए लाई गई रेत, गिट्टी और सीमेंट का उपयोग अधूरे कार्य के बाद पंचायत के अन्य स्थानों पर किया जा रहा है, जो सामग्री के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सामग्री का भौतिक सत्यापन कराया जाए।
फर्जी निर्माण की भी आशंका:
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि करीब छह वर्ष पहले जिस स्थान पर नाली का निर्माण हो चुका था, उसी स्थान पर दोबारा शासकीय राशि खर्च की जा रही है, जिससे फर्जी कार्य और वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई गई है।
वार्डवासियों का यह भी कहना है कि वार्ड पंच द्वारा निर्माण कार्यों का ब्योरा और अभिलेख मांगे जाने के बावजूद पंचायत सचिव जानकारी उपलब्ध नहीं करा रहे हैं, जिससे पूरे मामले पर संदेह और गहरा गया है।
ग्रामीणों की मांग:
"उच्चस्तरीय जांच हो, सामग्री का सत्यापन हो, दोषी सचिव व जिम्मेदार अधिकारियों पर हो कड़ी कार्रवाई

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