रक्षक या भक्षक? कटनी पुलिस पर भरोसे का संकट!झिंझरी चौकी प्रभारी पर गंभीर आरोप—मारपीट, ₹50 हजार नकदी, जेवर ऐंठने और झूठे केस में फंसाने की धमकी!
कटनी
कटनी जिले के माधवनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाली झिंझरी पुलिस चौकी एक बार फिर विवादों के घेरे में है। ग्राम करहियाकला निवासी पीड़ित आशीष कुमार रजक ने परिवार संग पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर चौकी प्रभारी राजेश दुबे और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
पीड़ित परिवार ने एसपी से निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
नगदी, जेवर, मोबाइल और इज्जत पर डाका!
पीड़ित आशीष कुमार रजक के अनुसार:
- पुलिसकर्मियों ने बिना किसी वैध कारण के उसके घर में प्रवेश कर मारपीट व अभद्र व्यवहार किया।
- घर की तलाशी के बहाने ₹50,000 नकद तथा सोने-चांदी के आभूषण जब्त कर साथ ले गए।
- आशीष का मोबाइल फोन (जिसका बिल उसके पास मौजूद है) चोरी का बताकर जबरन ले लिया गया।
- गंभीर आरोप यह भी है कि पीड़ित को पुल के पास ले जाकर हाथ में चाकू थमाया गया और झूठे केस में फंसाने की साजिश के तहत उसका वीडियो बनाया गया।
पीड़ित का बयान:
"घटना के वीडियो और चौकी प्रभारी की कॉल रिकॉर्डिंग मेरे पास सबूत के तौर पर सुरक्षित मौजूद हैं। मुझे झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं।"
पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप
शिकायत पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि उपनिरीक्षक राजेश दुबे जब पूर्व में सिवनी जिले में पदस्थ थे, तब भी उन पर जुआरियों को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगे थे। उन आरोपों के बाद उन्हें लाइन अटैच किया गया था।
पुलिस प्रशासन का पक्ष
मामले में डीएसपी शिवा पाठक ने कहा:
"मामला संज्ञान में आया है। दिए गए आवेदन पर दिए नंबर के जरिए शिकायतकर्ता से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन नंबर गलत/अमान्य होने के कारण तुरंत संपर्क नहीं हो पाया। शिकायतकर्ता के समक्ष उपस्थित होते ही जांच शुरू कर विधि अनुसार प्रतिक्रिया दी जाएगी।"
जनता पूछ रही सवाल—कानून किसके लिए, पुलिस किसके लिए?
कटनी पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे इन सवालों से खाकी पर दाग लगा है। अब देखना यह होगा कि क्या कटनी पुलिस प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाता है या नहीं!

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