भूमिपूजन के 'उत्सव' में भूली जनता की 'तकलीफ': सीवर लाइन के गड्ढों में हिचकोले खाती कटनी की सड़कें
कटनी। नगर पालिक निगम कटनी में इन दिनों नए-नए विकास कार्यों के भूमिपूजन की होड़ सी मची हुई है। विज्ञापनों और मीडिया की खबरों में शहर के 'कायाकल्प' के दावे जोर-शोर से चमक रहे हैं। लेकिन अगर आप कागजी दावों से इतर कटनी की सड़कों पर उतरें, तो यथार्थ की तस्वीर किसी को भी दहलाने के लिए काफी है। सीवर लाइन खुदाई के बाद बदहाल छोड़ी गई सड़कें आज शहरवासियों के अंतरात्मा तक को हिला रही हैं।
कलेक्ट्रेट के सामने 'सिस्टम' लाचार, कटाये घाट पर जर्जर स्थिति
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार इस बदहाली से आंखें क्यों मूंदे हैं?
- कलेक्ट्रेट गेट जिले के आला अधिकारियों और प्रशासनिक अमले की आवाजाही वाले कलेक्ट्रेट गेट के ठीक सामने की सड़क खुद अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है।
- कटाये घाट मोड़: कटाये घाट मोड़ के पास सड़क की स्थिति बेहद खस्ताहाल और खतरनाक हो चुकी है।
- जानलेवा गड्ढे: कटाये घाट मोड़ से आगे बढ़ने पर सड़क पर बीच-बीच में 6 इंच से लेकर 1 फुट तक के गहरे गड्ढे मुंह बाए खड़े हैं।
गड्ढों से गुजरती गाड़ियों के झटके सिर्फ वाहनों को नुकसान नहीं पहुंचा रहे, बल्कि आम जनता की कमर तोड़ रहे हैं और रोज़ाना हादसों को न्योता दे रहे हैं।
तस्वीरों और विज्ञापनों में विकास, धरातल पर सन्नाटा
बड़ा सवाल: जब सीवर लाइन के गड्ढों से पूरी कटनी हलकान है, तब नगर पालिक निगम कटनी की महापौर श्रीमती प्रीति सूरी की तरफ से इस गंभीर समस्या पर चुप्पी क्यों है? नए कार्यों के नारियल तो खूब फूट रहे हैं, लेकिन जो सड़कें पहले से सीवर खुदाई के नाम पर बर्बाद कर दी गईं, उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
बस स्टेंड मे भी है बीचो बीच गड्ढा
जनता का आक्रोश:
शहर के नागरिकों का कहना है कि सीवर लाइन का ठेका देने और काम कराने के बाद सड़कों का रेस्टोरेशन (मराम्मत) क्यों नहीं कराया गया? हर दिन धूल और गड्ढों के बीच सफर करने को मजबूर कटनी की जनता अब यह पूछ रही है कि भूमिपूजन के उल्लास के बीच जनता की इस बुनियादी पीड़ा पर महापौर और निगम प्रशासन की जुबान कब खुलेगी?
जनता की मांग नगर निगम कटनी को नए शिलान्यास करने के साथ-साथ कलेक्ट्रेट रोड, कटायै घाट मोड़ और अन्य प्रभावित मुख्य मार्गों की अविलंब मरम्मत करानी चाहिए, ताकि जनता को इस रोज़-रोज़ के जानलेवा 'सफर' से राहत मिल सके।
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