दतिया उपचुनाव 2026: एग्जिट पोल का गणित और जीत की 'डबल दावेदारी'
दतिया (मध्य प्रदेश)
मध्य प्रदेश की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में से एक दतिया विधानसभा उपचुनाव में 30 जुलाई को मतदान पूरा होने के बाद सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज़ हो गई है। करीब 71.44% मतदान दर्ज होने के बाद अब सभी निगाहें 3 अगस्त को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं।
पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने से खाली हुई इस सीट पर सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस दोनों के लिए अपनी-अपनी साख का सवाल है।
एग्जिट पोल का रुझान क्या कह रहा है?
मतदान के तुरंत बाद सामने आए रुद्र रिसर्च (Rudra Research) के एग्जिट पोल के आंकड़े काफी दिलचस्प और चौंकाने वाले तस्वीर पेश कर रहे हैं:
- कांग्रेस (घनश्याम सिंह): ~44% वोट शेयर
- बीजेपी (आशुतोष तिवारी): ~39% वोट शेयर
- आज़ाद समाज पार्टी (दामोदर सिंह यादव): ~15% वोट शेयर
- अन्य/निर्दलीय: ~2% वोट शेयर
विश्लेषण: एग्जिट पोल के अनुसार कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह वोट शेयर में बढ़त बनाते दिख रहे हैं। हालांकि, आजाद समाज पार्टी (ASP) के उम्मीदवार दामोदर यादव द्वारा 15% वोट शेयर हासिल करने का अनुमान मुकाबला त्रिकोणीय बना रहा है, जिससे कई पोलिंग बूथों पर अंतिम नतीजा काफी कम अंतर (Margin) से तय होने की संभावना है।
किसकी जीत की है 'डबल दावेदारी'?
दतिया उपचुनाव में दोनों ही प्रमुख दल अपनी जीत का शत-प्रतिशत दावा पेश कर रहे हैं:
कांग्रेस की दावेदारी (घनश्याम सिंह)
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और पार्टी नेतृत्व का दावा है कि दतिया की जनता ने सत्ता के खिलाफ वोट किया है। 2023 के चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने यहां से बड़ी जीत दर्ज की थी, इसलिए पार्टी इसे अपना मजबूत गढ़ मानकर सीट बरकरार रखने का दावा कर रही है।
2. भाजपा की दावेदारी (आशुतोष तिवारी)
भाजपा ने अपने दिग्गज नेता और पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह जमीनी पकड़ रखने वाले आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा। शुरुआत में असंतोष की खबरें आई थीं, लेकिन चुनाव के अंतिम दौर में नरोत्तम मिश्रा और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पूरी ताकत झोंककर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने का दावा किया है।
फैसले का दिन: 3 अगस्त
हालांकि एग्जिट पोल में कांग्रेस को मामूली बढ़त दिखाई गई है, लेकिन आजाद समाज पार्टी द्वारा काटे गए वोटों का गणित किस दल का समीकरण बिगाड़ेगा, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा। दतिया का असली सरताज कौन बनेगा, इसका अंतिम व आधिकारिक फैसला 3 अगस्त को मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।
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