स्लोगन में 'नशा मुक्ति', ज़मीन पर 'जाम छलकाने' की छूट: कटनी के माधव नगर में 1 लाइसेंसी दुकान की आड़ में फल-फूल रहीं 15-20 अवैध पैकारियाँ
कटनी (विशेष संवाददाता):
"नशा से दूरी, है बहुत ज़रूरी..." सरकार का यह लोकलुभावन स्लोगन कटनी जिले के सबसे व्यस्ततम और व्यावसायिक क्षेत्र माधव नगर कैंप में आते-आते महज कागजी छलावा साबित हो रहा है। शहर के बीचों-बीच, जहाँ दिन-रात लोगों की चहल-पहल रहती है, वहाँ आबकारी नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए अवैध शराब के कारोबार का मकड़जाल फैल चुका है।
स्थानीय निवासियों का गंभीर आरोप है कि क्षेत्र में लाइसेंसी दुकान तो सिर्फ एक है, लेकिन उसकी शह पर 15 से 20 अवैध पैकारियाँ (गैर-कानूनी बिक्री केंद्र) बेधड़क संचालित हो रही हैं।
सवाल 1: क्या प्रशासन ने आँखें मूंद रखी हैं या मौन सहमति है?
माधव नगर के मुख्य बाजारों, तंग गलियों और रिहायशी इलाकों तक में अवैध पैकारियों का जाल फैला हुआ है।
- क्या आबकारी विभाग और जिला प्रशासन को इस बात की खबर नहीं है?
- या फिर 'सब कुछ जानते हुए भी' आँखें मूँद लेने का खेल चल रहा है?
जब एक वैध लाइसेंस की आड़ में पूरे क्षेत्र को अवैध शराब का अड्डा बना दिया जाए, तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर शराब ठेकेदारों को इस कदर 'बेखौफ' होकर कानून तोड़ने की छूट किसने दी है?
सवाल 2: माधव नगर थाना की भूमिका पर उठते गंभीर सवाल
क्षेत्र के जागरूक नागरिकों और व्यापारियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि थाने से कुछ ही दूरी पर और व्यस्ततम बाजार के बीचों-बीच यह काला कारोबार कैसे पनप रहा है?
"बिना स्थानीय पुलिस की अनदेखी या मिलीभगत के इतने बड़े पैमाने पर अवैध पैकारियों का चलना असंभव है।"
— नाम न छापने की शर्त पर एक स्थानीय रहवासी
दिन-ढलते ही इन अवैध पैकारियों के आसपास अराजकता, हुड़दंग और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा शुरू हो जाता है, जिससे आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चियों का बाजार से निकलना दूभर हो गया है।
कागज़ों पर 'नशा मुक्ति', धरातल पर 'अवैध ढील'
राज्य सरकार एक तरफ नशा विरोधी अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ कटनी के इस प्रमुख क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। यदि 15-20 अवैध पैकारियों पर कोई लगाम नहीं लगाई जा सकती, तो फिर सरकार के "नशा मुक्ति" वाले विज्ञापनों का क्या औचित्य रह जाता है?
जनता का सीधा सवाल:
- आबकारी विभाग कब नींद से जागेगा और इन अवैध पैकारियों पर सख्त कार्रवाई करेगा?
- जिला प्रशासन क्या इस पूरे मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जाँच का आदेश देगा?
- क्या माधव नगर थाना प्रभारी अपने क्षेत्र को इस अवैध शराब माफिया के चंगुल से मुक्त कराएंगे?
यदि समय रहते इस अवैध कारोबार पर पूर्ण विराम नहीं लगाया गया, तो माधव नगर की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी और जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।
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