कटनी RTO संतोष पाल की काली कमाई का 'महल': 2022 की वो EOW कार्रवाई, जिसने प्रदेश को हिला दिया था
आलीशान होम थिएटर, स्विमिंग पूल और करोड़ों के बंगले देख उड़े थे अफसरों के होश; वैध आय से मिला था 650% अधिक का साम्राज्य, अब कटनी में हैं पदस्थ।
कटनी
9 जुलाई, 2026
मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग में जब भी सबसे बड़ी और सनसनीखेज छापामार कार्रवाई का जिक्र होता है, तो वर्तमान में कटनी में आरटीओ (क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी) के पद पर पदस्थ संतोष पाल का नाम सबसे ऊपर आता है। साल 2022 में जबलपुर में पदस्थापना के दौरान उनके और उनकी पत्नी रेखा पाल (वरिष्ठ लिपिक) के खिलाफ आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की उस ऐतिहासिक कार्रवाई ने पूरे प्रदेश को चौंका दिया था, जिसमें वैध आय से करीब 650% अधिक की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा हुआ था।
कटनी आरटीओ संतोष पाल के उस चर्चित और विवादित अतीत पर एक विशेष रिपोर्ट, जिसके तार आज भी उनकी आय और संपत्तियों की जांच से जुड़े हुए हैं:
आधी रात को खुला था शताब्दीपुरम का 'महल'
अगस्त 2022 के उस घटनाक्रम को याद कर आज भी अधिकारी हैरान रह जाते हैं। आय से अधिक संपत्ति की पुख्ता शिकायत पर EOW के एसपी के नेतृत्व में तीन अलग-अलग टीमों ने जबलपुर के शताब्दीपुरम स्थित संतोष पाल के 10,000 वर्ग फीट में बने तीन मंजिला आलीशान बंगले पर आधी रात को दबिश दी थी।
शुरुआती जांच में ही अधिकारियों को उनके घर में ऐशो-आराम की ऐसी चीजें मिलीं, जिनकी कल्पना एक सरकारी अधिकारी के वेतन से नहीं की जा सकती। घर के भीतर लाल लग्जरी रीक्लाइनर सीटों वाला एक आलीशान निजी होम थिएटर (सिनेमा हॉल), इनडोर स्विमिंग पूल, मिनी बार, कॉन्फ्रेंस हॉल और विदेशों से मंगाए गए कीमती झूमर व आधुनिक इंटीरियर डिजाइनिंग मिली थी, जो किसी फाइव स्टार रिजॉर्ट जैसी थी।
गणित देख चौंके अफसर: वैध आय 73 लाख, संपत्तियां करोड़ों की
EOW द्वारा कोर्ट में पेश किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, संतोष पाल और उनकी पत्नी की पूरी सेवा अवधि के दौरान सभी वैध स्रोतों से कुल सत्यापित आय लगभग 73.26 लाख रुपये होनी चाहिए थी। इसके विपरीत, जांच में उनके पास 4.80 करोड़ रुपये से अधिक के खर्च और अचल संपत्तियों का पता चला, जो उनकी वैध आय से 650 प्रतिशत अधिक था।
बरामदगी और संपत्तियों का पूरा ब्यौरा:
उस बड़ी कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी को निम्नलिखित चल-अचल संपत्तियों के पुख्ता दस्तावेज और नकदी हाथ लगी थी:
- नकद और जेवर: अलमारी की तलाशी में 16 लाख रुपये नगद और लाखों रुपये मूल्य के सोने-काली के जेवरात बरामद हुए थे।
- आलीशान मकान व प्लॉट: शताब्दीपुरम में 10,000 वर्ग फीट का आलीशान मुख्य बंगला, ग्वारीघाट की पीपी कॉलोनी में 1,247 वर्ग फीट का मकान, शंकर शाह वार्ड में दो आवासीय भवन (1,150 वर्ग फीट) और कस्तूरबा गांधी वार्ड में एक अन्य मकान।
- फार्महाउस: जबलपुर के दीखाखेड़ा गांव में 1.4 एकड़ (एक एकड़ से अधिक) भूमि पर फैला एक बड़ा और कीमती फार्महाउस।
- लग्जरी गाड़ियां: एक स्कॉर्पियो, एक i20 कार और दो महंगी मोटरसाइकिलें।
EOW के बाद ED की एंट्री और वर्तमान स्थिति
इस मामले की गंभीरता और मनी लॉन्ड्रिंग (काले धन को सफेद करने) के पुख्ता सबूत मिलने के बाद, इस केस की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सौंप दी गई थी। ED ने बाद में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पाल दंपत्ति की करोड़ों रुपये की इन संपत्तियों को कुर्क (Seize) करने की कार्रवाई की थी।
लंबे समय तक विवादों और जांच के दायरे में रहने के बाद, संतोष पाल वर्तमान में कटनी आरटीओ के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। हालांकि, 2022 में लगी भ्रष्टाचार की यह बड़ी आंच और कोर्ट में चल रहे मामले आज भी परिवहन विभाग और कटनी के प्रशासनिक गलियारों में लगातार चर्चा का विषय बने रहते हैं।

Comments
Post a Comment