बड़ी खबर: कटनी उद्योग विभाग में RTI के नाम पर तानाशाही, पत्रकार को मिली जान से मारने की धमकी!

मुख्य बाते 

  • दस्तावेज छुपाने के लिए बिछाया गया खौफ का जाल, पीड़ित पत्रकार और उनका परिवार दहशत में!
  • नौकरी के संदिग्ध दस्तावेजों पर मांगी थी जानकारी, बदले में मिला अपमान और मौत का फरमान!
  • ज्योति सिंह चौहान, राजेश पटेल, आसिफ वर्मा और दुर्गा प्रसाद सोनी पर लगे संगीन आरोप; पत्रकार ने कहा— "मुझे कुछ भी हुआ तो यही होंगे जिम्मेदार।"
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विशेष खोजी रिपोर्ट 

कटनी। जिला उद्योग विभाग कार्यालय एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में आ गया है। इस बार मामला सूचना के अधिकार (RTI) के खुलेआम उल्लंघन और एक पत्रकार को डराने-धमकाने का है। पत्रकार मनोज सिंह परिहार ने फोन पर अपनी आपबीती सुनाते हुए जिला उद्योग विभाग के आला अधिकारियों और कर्मचारियों पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं।

​पत्रकार मनोज सिंह परिहार के मुताबिक, उन्होंने कुछ समय पहले जिला उद्योग विभाग कार्यालय से आरटीआई (RTI) के तहत विभाग में पदस्थ ज्योति सिंह चौहान और सहायक प्रबंधक राजेश पटेल की नियुक्ति से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और जानकारियां मांगी थीं। पत्रकार का आरोप है कि ये नियुक्तियां संदिग्ध हैं और इन्हीं के असली दस्तावेजों को सामने लाने के लिए यह आरटीआई लगाई गई थी।

"जानकारी तो नहीं मिली, उल्टा मौत का फरमान थमा दिया!"

फोन पर जानकारी देते हुए पीड़ित पत्रकार मनोज सिंह परिहार ने कहा— "मैंने जनहित में कानूनी रूप से आरटीआई दाखिल की थी ताकि सच सामने आ सके। लेकिन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने जानकारी देने के बजाय मुझे और मेरे हक को दबाने का प्रयास किया। मुझे दफ्तर में बुलाकर सीधे तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई।"


इन अधिकारियों पर लगा गुंडागर्दी और धमकी का आरोप:

​पत्रकार मनोज सिंह परिहार ने सीधे तौर पर चार नामजद लोगों पर उन्हें और उनके परिवार को खतरे में डालने का आरोप लगाया है:

  1. ज्योति सिंह चौहान (प्रथम अपीलीय अधिकारी)
  2. राजेश पटेल (सहायक प्रबंधक)
  3. आसिफ वर्मा (सहायक प्रबंधक)
  4.  दुर्गाप्रसाद ​सोनी (विभागीय कर्मचारी)

दहशत में पत्रकार का परिवार, प्रशासन से सुरक्षा की मांग:

​पत्रकार मनोज सिंह ने बताया कि इस अप्रत्याशित धमकी के बाद से वे और उनका पूरा परिवार बेहद डरा और सहमा हुआ है। अपनी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पत्रकार ने सार्वजनिक तौर पर ऐलान किया है कि:

"यदि भविष्य में मेरे या मेरे परिवार के साथ कोई भी अप्रिय घटना घटती है, मुझे कोई नुकसान पहुंचता है या कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी समस्त जवाबदारी ज्योति सिंह चौहान, राजेश पटेल, आसिफ वर्मा और सोनी की होगी।"

                                     (पत्रकार मनोज सिंह परिहार


जनता पूछ रही है... जवाब कौन देगा?

​एक लोकतंत्र में चौथे स्तंभ (मीडिया) के प्रतिनिधि के साथ शासकीय कार्यालय के भीतर इस प्रकार का कृत्य बेहद निंदनीय है। क्या कटनी का उद्योग विभाग सूचना के अधिकार कानून से भी ऊपर हो चुका है? क्या अपनी ही नियुक्ति के कागजात दिखाने में इन अधिकारियों के हाथ कांप रहे हैं?

मांग: इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि पत्रकार सुरक्षित रहकर अपना काम कर सकें।

ब्यूरो रिपोर्ट: जनता की आवाज न्यूज़, कटनी (म.प्र.)


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