कटनी में बढ़ता ‘चाकूबाजी का क्रेज’, पुलिस की रात्रिकालीन गश्त और कानून-व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
अहम बाते
- सिटी मॉल के पास दो से तीन अज्ञात बदमाशों ने कुलदीप टीपा नामक युवक पर किया जानलेवा हमला।
- कमर पर चाकू लगने से युवक गंभीर रूप से घायल, जिला अस्पताल में इलाज जारी।
- सरेराह हुई वारदात से इलाके में अफरा-तफरी, कोतवाली पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी।
विशेष संवाददाता, कटनी
शहर के हृदय स्थल और सबसे व्यस्त इलाकों में शुमार कोतवाली थाना क्षेत्र के सिटी मॉल के पास मंगलवार की रात एक बार फिर खून से लाल हो गई। बेखौफ अपराधियों ने सरेराह एक युवक पर धारदार चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं स्थानीय नागरिकों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायल युवक कुलदीप टीपा मंगलवार रात सिटी मॉल के पास खड़ा था। इसी दौरान वहां दो से तीन अज्ञात युवक पहुंचे और किसी बात को लेकर कुलदीप से उलझ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि हमलावरों ने जेब से धारदार चाकू निकाला और कुलदीप की कमर पर दे मारा। चाकू लगते ही कुलदीप लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। सरेबाजार हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची डायल-112 की टीम ने तत्परता दिखाते हुए गंभीर रूप से घायल कुलदीप को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।
जांच में जुटी कोतवाली पुलिस
वारदात की खबर मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस भी हरकत में आई। पुलिस ने अस्पताल जाकर घायल युवक के बयान दर्ज किए हैं। कोतवाली थाना प्रभारी के मुताबिक, अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों की जल्द से जल्द पहचान कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
संपादकीय दृष्टिकोण: 'चाकूबाजी का क्रेज' और सोती हुई व्यवस्था
बड़ा सवाल: अपराधियों में कानून का खौफ खत्म क्यों?
कटनी में पिछले कुछ समय से युवाओं के बीच 'चाकूबाजी का क्रेज' तेजी से बढ़ा है। मामूली विवादों में भी सीधे धारदार हथियारों का इस्तेमाल होना शहर की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। सिटी मॉल जैसे सार्वजनिक और व्यस्त क्षेत्र में अगर रात के समय नागरिक सुरक्षित नहीं हैं, तो पुलिस की रात्रिकालीन गश्त पर सवाल उठना लाजिमी है।
जनता की मांग:
स्थानीय व्यवसायियों और नागरिकों का कहना है कि पुलिस का खौफ न होने के कारण असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं। शहर के प्रमुख चौराहों और मॉल्स के पास परमानेंट पुलिस पिकेट या सख्त चेकिंग अभियान चलाया जाना बेहद जरूरी हो गया है, ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर अंकुश लगाया जा सके।
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