कटनी में हाईप्रोफाइल खूनी संघर्ष: वीआईपी इलाके में उद्योगपति मुकेश गुप्ता पर जानलेवा हमला, बीजेपी नेताओं सहित 35 पर 'हत्या के प्रयास' का केस दर्ज
कटनी। कटनी जिले के पॉवर सेंटर कहे जाने वाले माधवनगर थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक ऐसा खूर्शी संघर्ष हुआ, जिसने जिले के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। विश्राम बाबा स्थित काली माता मंदिर के सामने एक खाली प्लॉट पर वर्चस्व और मालिकाना हक को लेकर चल रहा विवाद उस समय खूनी खेल में बदल गया, जब क्षेत्र के नामचीन उद्योगपति मुकेश कुमार गुप्ता (सेठ) पर लाठी-डंडों और घातक हथियारों से लैस भीड़ ने जानलेवा हमला कर दिया।
इस हाईप्रोफाइल मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के रसूखदार नेताओं और उनके समर्थकों सहित करीब 35 लोगों के खिलाफ 'हत्या के प्रयास' (अटेम्प्ट टू मर्डर) का गंभीर मामला दर्ज किया है।
कलेक्टर-एसपी दफ्तर के साए में सरेराह तांडव, कानून-व्यवस्था पर सवाल
यह सनसनीखेज वारदात उस माधवनगर क्षेत्र में हुई, जहां से कुछ ही दूरी पर जिले के सर्वोच्च प्रशासनिक कार्यालय—कलेक्टर कार्यालय, पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय और एसडीएम कार्यालय स्थित हैं। रविवार को छुट्टी के दिन जब इन उच्च कार्यालयों के समीप सुरक्षा और मुस्तैदी की उम्मीद की जाती है, तब 30 से 35 लोग हथियारों के साथ जुटते हैं और वारदात को अंजाम दे देते हैं। इस घटना ने शहर की कानून-व्यवस्था की मुस्तैदी और पुलिस गश्त के दावों की सरेआम पोल खोलकर रख दी है।
जमीन पर कब्जे को लेकर घेराबंदी, मां-बहन की गालियां और ताबड़तोड़ हमला
पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, बालगंगाधर तिलक वार्ड, पन्ना मोड़ (कुटला) निवासी उद्योगपति मुकेश कुमार गुप्ता जब अपनी जमीन (खाली प्लॉट) के पास मौजूद थे, तभी जमीन पर वर्चस्व को लेकर विवाद भड़क उठा। आरोप है कि इसी दौरान भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रसूखदार नेता अपने दर्जनों समर्थकों के साथ लाठी-डंडे और घातक हथियार लेकर वहां आ धमके। हमलावरों ने उद्योगपति मुकेश सेठ को चारों तरफ से घेर लिया और मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां देते हुए, जान से मारने की नीयत से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में मुकेश गुप्ता को गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इन बीजेपी नेताओं और आरोपियों पर नामजद एफआईआर
पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपियों को नामजद किया है:
- रमेश शुक्ला (बीजेपी नेता)
- यज्ञवल शुक्ला (बीजेपी नेता)
- हर्ष पाण्डेय (बीजेपी नेता)
- कोका शुक्ला (बीजेपी नेता)
- अरमान द्विवेदी
- मनोज कुशवाहा
- मनु परौहा
- इनके अलावा 30 से 35 अन्य अज्ञात हमलावर भी इस वारदात में शामिल थे, जिनकी शिनाख्त पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर कर रही है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की इन संगीन धाराओं में घिरे आरोपी
चूंकि मामला शहर के बड़े उद्योगपति और सत्ताधारी दल के नेताओं से जुड़ा है, इसलिए पुलिस ने सख्त रवैया अपनाते हुए नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत बलवा और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर गैर-जमानती धाराएं लगाई हैं:
- धारा 109(1): हत्या का प्रयास (पुरानी IPC की धारा 307 के समकक्ष)।
- धारा 191(2) व 191(3): घातक हथियारों के साथ संगठित होकर बलवा और दंगा करना।
- अन्य धाराएं: गाली-गलौज के लिए 296(बी), गंभीर चोट पहुंचाने के लिए 115(2), जान से मारने की धमकी के लिए 351(3), इसके अलावा 119(2) और 324(4)।
मामले में नया मोड़: दूसरे पक्ष की शिकायत पर मुकेश गुप्ता पर भी 'क्रॉस केस' दर्ज
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने कानून का संतुलन बनाने की कवायद भी की है। इसी ज़मीनी विवाद को लेकर दूसरे पक्ष के रमेश कुमार शुक्ला की शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक: 607/26 दर्ज किया है। इस क्रॉस केस में पुलिस ने घायल उद्योगपति मुकेश गुप्ता, राकेश गुप्ता और आशु गुप्ता (एवं अन्य) के खिलाफ भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस कप्तान का कड़ा रुख
"किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो। दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए टीमें लगा दी गई हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।"
— पुलिस अधीक्षक, कटनी
विशेष टिप्पणी: सत्तारूढ़ दल के नेताओं का नाम इस खूनी संघर्ष में आने से कटनी की राजनीति गरमा गई है। उद्योग जगत में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि अगर सुरक्षित माने जाने वाले वीआईपी प्रशासनिक क्षेत्र में ही उद्योगपति सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता और निवेशकों में क्या संदेश जाएगा। पुलिस के लिए अब यह साख का सवाल बन चुका है।

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