विशेष समाचार रिपोर्ट
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी सांसद निधि: कैलवारा खुर्द में करोड़ों की सड़क पर धांधली की पराकाष्ठा, PWD अधिकारियों ने साधी चुप्पी
सरपंच और पंचों की अनदेखी कर ठेकेदार मोंटी जैन की मनमानी; सरकारी पुलिया तोड़ी, आधा इंच गिट्टी पर बिछ रहा डामर, कलेक्टर से संज्ञान लेने की मांग।
कैलवारा खुर्द
ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द में विकास के नाम पर भ्रष्टाचार का एक बड़ा खेल सामने आया है। सांसद निधि से स्वीकृत करोड़ों रुपए की लागत से बन रही 'भलाई मोड़ से झुरही कटाए घाट' सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं लांघ दी गई हैं। घटिया निर्माण और ठेकेदार की दबंगई के चलते ग्रामीणों में भारी आक्रोश है, वहीं लोक निर्माण विभाग (PWD) के जिम्मेदार अधिकारी इस महाघोटाले पर आंखें मूंदकर बैठे हैं।
ठेकेदार मोंटी जैन की मनमानी: सरकारी पुलिया तोड़ी, राहगीर परेशान
ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार, सड़क का निर्माण कर रहे कांट्रेक्टर मोंटी जैन द्वारा काम में भारी लापरवाही बरती जा रही है। हद तो तब हो गई जब ठेकेदार के भारी-भरकम हाइवा वाहनों ने ग्राम पंचायत द्वारा पहले से बनाई गई एक मजबूत पुलिया को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
ग्राउंड जीरो की स्थिति:पुलिया टूटने के कारण पूरे रास्ते में भारी कीचड़ और जलजमाव की स्थिति बन गई है। इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीर और दोपहिया वाहन चालक आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं। सरपंच और पंचों द्वारा बार-बार सुधार कार्य करने की चेतावनी के बाद भी ठेकेदार द्वारा इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
तकनीकी नियमों की धज्जियां: आधा इंच गिट्टी पर डामरीकरण की तैयारी
सड़क निर्माण में हो रही धांधली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शासकीय मापदंडों को ताक पर रखकर महज आधा इंच से भी कम गिट्टी की परत बिछाई गई है। इसी बदहाल बेस पर डामर रोड बनाने की तैयारी की जा रही है, जो पहली ही बारिश में बह जाएगी। इसके अलावा, पर्याप्त शासकीय भूमि उपलब्ध होने के बावजूद भी रास्ते की कटाई (बुराई) न करते हुए जानबूझकर एक 'अंधे मोड़' का निर्माण कर दिया गया है, जो भविष्य में किसी बड़े सड़क हादसे का कारण बन सकता है।
PWD दफ्तर में 'नो रिस्पॉन्स': कमीशनखोरी के गंभीर आरोप
इस मामले में जब ग्राम पंचायत के सरपंच छुटटू कोल और स्थानीय पंचों ने प्रशासनिक स्तर पर आवाज उठानी चाही, तो उन्हें निराशा ही हाथ लगी। पंचायत प्रतिनिधि जब लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यालय पहुंचे, तो वहां की ईई (EE) श्रीमती शारदा सिंह ने जन प्रति निधियो से मिलना भी उचित नही समझा और आधा घंटा बैठाने के बाद बिना मिले ही अपनी सीट से उठकर चली गयी धन्य है कटनी का pwd विभाग जहां अधिकारियो के पास इतना समय भी नही है कि वे किसी से मिल सके
इतना ही नहीं, क्षेत्र के जिम्मेदार इंजीनियर बत्रा जी को भी पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा कई बार फोन लगाया गया, लेकिन उन्होंने फोन उठाना तक मुनासिब नहीं समझा।आखिर इस प्रकार के गैर जिम्मेदार अधिकारियो पर कब होगी कार्रवाई यह रवैया सीधे तौर पर इस बात की ओर इशारा करता है कि इस घटिया निर्माण को PWD के बड़े अफसरों का मूक संरक्षण प्राप्त है और करोड़ों की यह सड़क कमीशनखोरी की भेंट चढ़ चुकी है।
जिला कलेक्टर से त्वरित कार्रवाई की मांग
सांसद निधि के पैसों का इस तरह हो रहा दुरुपयोग और ठेकेदार-अधिकारियों की मिलीभगत अब खुलकर सामने आ चुकी है। कैलवारा खुर्द के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर से इस गंभीर मामले पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि:
- इस पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए।
- दोषी ठेकेदार मोंटी जैन पर जुर्माना लगाया जाए और पुलिया का पुनर्निर्माण हो।
- फोन न उठाने वाले और दफ्तर से गायब रहने वाले PWD अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की गई, तो करोड़ों की सरकारी राशि पानी में बह जाएगी और ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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