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गरीबों की गाढ़ी कमाई पर डाका: कटनी के ग्राहक सेवा केंद्रों में वित्तीय अनियमितताओं का खेल, क्या सो रहा है बैंक प्रबंधन?

विशेष खोजी रिपोर्ट (कटनी)

सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर...

कटनी। जिले के ग्रामीण और दूरदराज के आदिवासी अंचलों से एक बेहद चिंताजनक और गंभीर मामला सामने आ रहा है। सूत्रों से मिली पक्की जानकारी के अनुसार, कुछ बैंकों द्वारा संचालित ग्राहक सेवा केंद्रों (CSP) में अनपढ़, अशिक्षित आदिवासियों और अत्यंत गरीब वर्ग के सीधेपन का फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर 'वित्तीय अनियमितताएं' और धोखाधड़ी की जा रही है।

​आरोप हैं कि इन केंद्रों पर आने वाले सीधे-साधे ग्रामीणों को गुमराह किया जाता है, उनसे सरकारी योजनाओं (जैसे पीएम किसान सम्मान निधि, वृद्धावस्था पेंशन या मजदूरी) की राशि के नाम पर बार-बार बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगवा लिया जाता है, लेकिन उन्हें या तो पूरी रकम नहीं दी जाती या फिर उनके खातों से उनकी जानकारी के बिना हेरफेर कर दिया जाता है।

रूरल सीएसपी केंद्रों से लगातार आ रही हैं शिकायतें

​यह कोई पहला मामला नहीं है। कटनी जिले के ग्रामीण और रूरल ग्राहक सेवा केंद्रों से लगातार इस तरह की गड़बड़ियों की सूचनाएं प्रशासन और बैंकों तक पहुँचती रही हैं। अशिक्षा और डिजिटल साक्षरता की कमी के कारण यह गरीब तबका यह भी नहीं समझ पाता कि उनके साथ कितनी बड़ी धोखाधड़ी हो चुकी है। जब तक वे मुख्य बैंक शाखा तक पहुँचते हैं, तब तक देर हो चुकी होती है।

अब जरूरी है 'स्पेशल ऑडिट' और 'ग्राहक संतुष्टि वेरिफिकेशन'

​इस गंभीर विषय पर अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है। जिन मुख्य बैंकों (जैसे एसबीआई, सीबीआई, पीएनबी आदि) के माध्यम से ये ग्राहक सेवा केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं, उनकी जवाबदेही अब तय होनी ही चाहिए।

​अखबार/मीडिया के माध्यम से बैंक प्रबंधन और जिला प्रशासन से यह पुरजोर मांग की जाती है कि:

  • तत्काल हो स्पेशल ऑडिट: कटनी जिले के सभी ग्रामीण और संवेदनशील क्षेत्रों में चल रहे सीएसपी केंद्रों का एक स्वतंत्र और निष्पक्ष वित्तीय ऑडिट कराया जाए। हर एक ट्रांजैक्शन की कड़ाई से जांच हो।
  • 'ग्राहक संतुष्टि वेरिफिकेशन' अनिवार्य हो: बैंक अधिकारी खुद मैदान में उतरें और रैंडम तरीके से उन आदिवासी और गरीब खाताधारकों के घर जाकर 'फिजिकल वेरिफिकेशन' (भौतिक सत्यापन) करें, जिन्होंने हाल ही में सीएसपी से पैसे निकाले हैं। उनसे पूछा जाए कि "क्या आपको आपकी पूरी रकम मिली?"
  • सीसीटीवी और वॉयस कन्फर्मेशन: हर सीएसपी केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य किए जाएं और ट्रांजैक्शन होते ही स्थानीय भाषा में ग्राहक को वॉयस मैसेज के जरिए राशि की जानकारी दी जाए।

प्रशासन और बैंक चेतें, वरना उग्र होगा जनआक्रोश

​यदि मुख्य बैंकों ने अपने इन फ्रेंचाइजी केंद्रों की मनमानी पर लगाम नहीं कसी और अपनी मॉनिटरिंग व्यवस्था को नहीं सुधारा, तो वह दिन दूर नहीं जब ठगे गए ग्रामीणों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई देगा। समाज के सबसे कमजोर और वंचित वर्ग की गाढ़ी कमाई को इस तरह लुटाते हुए नहीं देखा जा सकता। बैंक प्रबंधन को तुरंत नींद से जागना होगा और इन केंद्रों का 'थर्ड पार्टी ऑडिट' करवाकर दोषियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करानी होगी।

— ब्यूरो रिपोर्ट, कटनी।

यह समाचार आलेख केवल एक प्रशासनिक और सामाजिक चेतावनी नहीं है, बल्कि उन हजारों मूक आदिवासियों की आवाज है जिनकी मेहनत की कमाई पर कुछ चंद लोग डाका डाल रहे हैं। प्रशासन को इस पर तत्काल संज्ञान लेना चाहिए।

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