लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार: खबर छापने पर पत्रकार को मिली जान से मारने की धमकी, कटनी के पत्रकारों ने खोला मोर्चा
मुख्य बिंदु
- मामला: बरही के 'श्रीजी रेस्टोरेंट' से जुड़ी खबर प्रकाशित करने पर विंध्य लोकवाणी के पत्रकार विकास श्रीवास्तव को दी गई धमकी।
- विरोध: आक्रोशित पत्रकारों ने पुलिस अधीक्षक (SP) को सौंपा ज्ञापन, आरोपियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग।
- चेतावनी: निष्पक्ष कार्रवाई न होने पर पत्रकारों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी।
कटनी (विशेष संवाददाता)।
मध्य प्रदेश के कटनी जिले में स्वतंत्र पत्रकारिता की आवाज को दबाने और एक सजग पत्रकार को डराने-धमकाने का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। 'विंध्य लोकवाणी न्यूज' के पत्रकार विकास श्रीवास्तव को कथित तौर पर जान से मारने और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां मिल रही हैं। इस घटना के विरोध में जिले के पत्रकार साथियों ने एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक (SP) को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और पत्रकार के परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने की पुरजोर मांग की गई है।
क्या है पूरा विवाद?
मिली जानकारी के अनुसार, विगत दिनों पत्रकार विकास श्रीवास्तव ने बरही स्थित 'श्रीजी रेस्टोरेंट' से संबंधित एक खोजी समाचार प्रकाशित किया था। आरोप है कि समाचार प्रकाशित होने के बाद से ही रेस्टोरेंट संचालक और उसके सहयोगियों के हौसले बुलंद हो गए। उन्होंने पत्रकार और उनके परिजनों पर खबर हटाने का मानसिक दबाव बनाना शुरू कर दिया।
ज्ञापन में लगाए गए गंभीर आरोप:
"आरोपियों द्वारा पत्रकार विकास श्रीवास्तव को फोन और व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से लगातार धमकी भरे संदेश भेजे जा रहे हैं। इतना ही नहीं, कुछ अज्ञात नंबरों से भी परिजनों को कॉल कर खबर न हटाने पर 'गंभीर परिणाम' भुगतने की चेतावनी दी गई है, जिससे पत्रकार का पूरा परिवार इस समय भय के माहौल में जीने को मजबूर है।"
भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कार्रवाई की मांग
पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए ज्ञापन में जिले के वरिष्ठ और युवा पत्रकारों ने साफ लफ्जों में कहा है कि इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की जाए। पत्रकारों ने मांग की है कि:
- धमकी देने वाले रेस्टोरेंट संचालक और उसके अज्ञात गुर्गों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत तत्काल मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
- पत्रकार विकास श्रीवास्तव और उनके परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया जाए।
- भविष्य में किसी भी पत्रकार के साथ ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रशासन ठोस कदम उठाए।


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