वाह रे कटनी नगर निगम! पुराने काम 'भगवान भरोसे', नए कामों के भूमिपूजन की मची होड़
सीवर लाइन के गड्ढे और उभरे ढक्कन दे रहे हैं बड़े हादसों को आमंत्रण; कटाए घाट मोड़ से माधव नगर गेट तक हाईवे बना 'डेंजर जोन'।
कटनी
कटनी नगर निगम की कार्यप्रणाली इन दिनों 'चमक-दमक' और 'दिखावे' के इर्द-गिर्द सिमट कर रह गई है। शहर में विकास के नाम पर नए-नए कामों के भूमिपूजन करने की एक अंधी होड़ मची हुई है। नेता और अधिकारी नारियल फोड़ने में व्यस्त हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि जो पुराने काम सालों से चल रहे हैं, वे पूरी तरह से 'भगवान भरोसे' छोड़ दिए गए हैं। इसका सबसे बड़ा और दर्दनाक उदाहरण शहर की बदहाल सीवर लाइन परियोजना है।
मजबूत सड़कें खोदीं, पर वैसी बना नहीं पाए
नगर निगम ने सीवर लाइन बिछाने के नाम पर पूरे शहर की मजबूत और अच्छी-खासी सड़कों को बेरहमी से खोद डाला। जनता को उम्मीद थी कि काम खत्म होने के बाद सड़कें पहले जैसी या उससे बेहतर हो जाएंगी। लेकिन निगम के गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण आज स्थिति जस की तस बनी हुई है। गड्ढों को ठीक से भरा नहीं गया, जिससे थोड़ी सी लापरवाही भी राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
कटाए घाट मोड़ से माधव नगर गेट: मौत का हाईवे!
सबसे बदतर और भयावह स्थिति कटाए घाट मोड़ से लेकर माधव नगर गेट तक के हाईवे की है। इस मुख्य मार्ग पर सीवर लाइन के कई ढक्कन (मैनहोल) सड़क की सतह से काफी ऊपर उठे हुए हैं। इसके साथ ही जगह-जगह गहरे गड्ढे हो चुके हैं।
- उभरे हुए ढक्कन: तेज रफ्तार वाहनों के टायर अचानक इन उभरे ढक्कनों से टकराते हैं, जिससे गाड़ियों के अनियंत्रित होने का खतरा हर वक्त बना रहता है।
- गहरे गड्ढे: दुपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा रिस्क पर हैं। रात के अंधेरे में ये गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे कभी भी कोई भीषण दुर्घटना घट सकती है।
बड़ा सवाल: क्या नगर निगम प्रशासन और ठेकेदार किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? कागजों पर विकास की लंबी-चौड़ी बातें करने वाले जिम्मेदार जमीनी हकीकत से आंखें मूंदे बैठे हैं।
जनता में भारी आक्रोश
स्थानीय निवासियों और राहगीरों का कहना है कि नए कामों का ढिंढोरा पीटने से पहले निगम को पुराने कामों को दुरुस्त करना चाहिए। हर दिन इस मार्ग से हजारों लोग गुजरते हैं, और हर पल उनकी जान हलक में अटकी रहती है।
यदि समय रहते कटाए घाट मोड़ से माधव नगर गेट तक के इस 'डेंजर जोन' को ठीक नहीं किया गया और उभरे ढक्कनों को सड़क के समतल नहीं लाया गया, तो यहाँ कभी भी कोई बड़ी जनहानि हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कटनी नगर निगम प्रशासन की होगी।
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