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कटनी की नई हुंकार: 'लोकसभा का हक तो बंटा, अब राज्यसभा से करो इस मलाल की भरपाई'
करोड़ों का राजस्व देने वाले 'मार्बल और रेलवे हब' का दर्द; भौगोलिक रूप से एक, लेकिन राजनीतिक रूप से तीन हिस्सों में बंटा है जिला।
- कटनी
मप्र का कटनी जिला। कहने को यह देश के सबसे बड़े रेलवे जंक्शनों में से एक है, एशिया की सबसे बड़ी रेल मार्सलिंग यार्ड यहाँ है और देश का नामी मार्बल (संगमरमर) उद्योग भी इसी धरती पर फलता-फूलता है। सरकार की तिजोरी में हर साल अरबों रुपये का राजस्व (टैक्स) जमा करने वाले इस जिले के माथे पर एक ऐसा राजनीतिक मलाल है, जो अब जन-आक्रोश में बदल रहा है।
इस बार कटनी के चौक-चौराहों, चाय की थड़ियों और सोशल मीडिया पर एक ही नारा गूंज रहा है— "इस बार कटनी की यही पुकार, लोकसभा सांसद नहीं तो कम से कम राज्यसभा सांसद हो हमारा यार!"
त्रिशंकु पहचान: एक जिला, तीन लोकसभा क्षेत्र
कटनी के लोगों का सबसे बड़ा दर्द इसकी भौगोलिक और राजनीतिक विडंबना है। जिला प्रशासनिक रूप से एक है, लेकिन जब लोकसभा चुनाव आते हैं, तो यह तीन अलग-अलग लोकसभा क्षेत्रों में छिन्न-भिन्न हो जाता है:
- मुड़वारा और बहोरीबंद विधानसभा: खजुराहो लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा बन जाती हैं।
- बरही और विजयराघवगढ़ का कुछ हिस्सा: शहडोल (एसटी) लोकसभा सीट में चला जाता है।
- कटनी का कुछ ग्रामीण अंचल: जबलपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
- उसे अपनी सांसद निधि का एक बड़ा हिस्सा सीधे कटनी के विकास पर खर्च करने की आजादी होगी।
- देश की संसद में कटनी की समस्याओं (जैसे- ओवरब्रिज की जरूरतें, प्रदूषण, मार्बल हब को विशेष पैकेज और रोजगार) को उठाने के लिए एक समर्पित आवाज मिलेगी।
जनता का मलाल: "चुनाव आते ही हमारे टुकड़े हो जाते हैं। विकास के बड़े मुद्दों पर जब हम बात करना चाहते हैं, तो खजुराहो, शहडोल और जबलपुर के सांसदों के बीच हमारा समन्वय ही नहीं बन पाता। कटनी का अपना कोई इकलौता 'माई-बाप' यानी स्वतंत्र सांसद नहीं है।"
स्थानीय
क्यों उठी राज्यसभा सांसद की मांग?
चूंकि परिसीमन के बिना नई लोकसभा सीट का गठन तकनीकी रूप से तुरंत संभव नहीं है, इसलिए कटनी के प्रबुद्ध वर्ग, व्यापारियों और युवाओं ने एक व्यावहारिक बीच का रास्ता निकाला है। मांग यह है कि देश के शीर्ष राजनीतिक दल (विशेषकर सत्ताधारी भाजपा या मुख्य विपक्षी कांग्रेस) मप्र के कोटे से कटनी के किसी कद्दावर स्थानीय चेहरे को राज्यसभा (उच्च सदन) भेजें।
यदि कटनी का कोई स्थानीय नेता राज्यसभा सांसद बनता है, तो:
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