नियम कागजों पर, अनफिट बसें सड़कों पर
यही है कटनी आर टी ओ
कटनी में बड़ा हादसा: 17 साल पुरानी 'खटारा' बस पलटी, आरटीओ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल।
15 जून, 2026
कटनी। मध्य प्रदेश शासन के सख्त नियमों और दावों की धज्जियां उड़ाते हुए कटनी के कैमोर रोड पर बीते कल (14 जून) एक भीषण बस हादसा हो गया। यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि परिवहन विभाग की घोर लापरवाही और मिलीभगत का जीता-जागता सबूत है। जब प्रदेश सरकार ने 15 साल से अधिक पुरानी बसों और सवारी गाड़ियों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है, तो फिर 17 वर्ष 6 माह पुरानी मौत की रफ्तार भरती यह बस कटनी की सड़कों पर किसके संरक्षण में दौड़ रही थी?
लगभग एक वर्ष पहले कटनी आरटीओ का पदभार संभालने वाले संतोष पाल की कार्यप्रणाली अब सीधे तौर पर सवालों के घेरे में है।
दौरे सिर्फ दिखावा? ओवरलोडिंग और अनफिट वाहनों का नेक्सस
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरटीओ लगातार कैमोर क्षेत्र का दौरा करने का दावा करते रहे हैं। विभाग की ओर से बार-बार ओवरलोडिंग गाड़ियों पर कार्रवाई की बात कही जाती है। लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। 14 जून की घटना में न सिर्फ एक अवैध और बेहद पुरानी बस पलट गई, बल्कि सूत्रों के मुताबिक एक ओवरलोड गाड़ी भी इस हादसे का हिस्सा बनी।
बड़ा सवाल: सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार आरटीओ साहब खुद लगातार इसी रूट पर चेकिंग का दावा कर रहे हैं, तो क्या महीनों से दौड़ रही 17 साल 6 माह पुरानी इस बस पर कभी उनकी 'विशेष नजर' नहीं पड़ी? या फिर नजरें जानबूझकर फेर ली गईं?
पकड़ा, फिर छोड़ा... क्या हुआ 'सौदा'?
इस पूरे मामले में सबसे सनसनीखेज खुलासा विभागीय सूत्रों से हुआ है। बताया जा रहा है कि इस दुर्घटनाग्रस्त बस को कुछ समय पहले ही परिवहन विभाग की टीम ने चेकिंग के दौरान पकड़ा था। नियमतः इस बस को तुरंत जब्त कर कबाड़ (स्क्रैप) घोषित किया जाना चाहिए था। लेकिन "अदृश्य कारणों" और सांठगांठ के चलते इसे बिना किसी ठोस कार्रवाई के दोबारा सड़क पर काल बनकर दौड़ने के लिए छोड़ दिया गया।
आखिर वह कौन सा 'दबाव' या 'प्रभाव' था, जिसके कारण नियमों को ताक पर रखकर इस बस को क्लीन चिट दी गई?
कटनी आरटीओ की कार्यप्रणाली पर सुलगते सवाल
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शासन के 15 वर्षीय प्रतिबंध के बावजूद 17.5 साल पुरानी बस का परमिट और फिटनेस कैसे वैध था? |
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10 महीनों के कार्यकाल में आरटीओ ने कैमोर रोड पर चलने वाले ऐसे कितने अनफिट वाहनों पर कार्रवाई की? |
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सूत्रों के दावे के अनुसार, पकड़े जाने के बाद इस बस को किस आधार पर और किसके आदेश पर छोड़ा गया? |
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क्या कटनी परिवहन विभागकिसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा था? इस लापरवाही की जिम्मेदारी कौन लेगा? |
कटनी में पिछले लगभग एक वर्ष से आरटीओ के रूप में पदस्थ अधिकारी के कार्यकाल में यह कोई पहला मामला नहीं है, जब नियमों की अनदेखी सामने आई हो। लेकिन इस बार यात्रियों की जान दांव पर लगी थी। सूत्रों की मानें तो कैमोर और आसपास के क्षेत्रों में ऐसी दर्जनों बसें और ओवरलोड वाहन आज भी आरटीओ की नाक के नीचे बेखौफ दौड़ रहे हैं।ञ इस हादसे ने साफ कर दिया है कि आरटीओ के दौरे सिर्फ कागजी खानापूर्ति और चेकिंग के नाम पर औपचारिकता हैं। अब देखना यह है कि क्या उच्च अधिकारी इस गंभीर लापरवाही पर कटनी आरटीओ पर कोई कड़ा एक्शन लेते हैं, या फिर इस मामले को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
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