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पानी की बूंद-बूंद को तरसा खरखरी ग्राम का मझनहा टोला, 50 परिवार एक खराब हैंडपंप के भरोसे
"नहाएंगे तो जिंदा कैसे रहेंगे..." पानी के भीषण संकट के बीच छलका ग्रामीणों का दर्द
स्थानीय ब्यूरो / देव डोगरा
27 मई 2026
खरखरी: ग्राम पंचायत खरखरी अंतर्गत मझनवा टोला में इस समय पानी का हाहाकार मचा हुआ है। भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच यहाँ के ग्रामीण पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि टोले के करीब 50 से अधिक घर महज एक ही हैंडपंप के सहारे जीने को मजबूर हैं, और त्रासदी यह है कि वह इकलौता हैंडपंप भी महीनों से खराब पड़ा है, जिससे बूँद-बूँद पानी भी नसीब नहीं हो रहा।
तीन-तीन दिन तक नहीं नहाते ग्रामीण
पानी के इस भीषण संकट ने ग्रामीणों की जिंदगी को नरक बना दिया है। टोले के लोगों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, "स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि हम लोग तीन-तीन दिन तक नहाते नहीं हैं। पानी बचाकर सिर्फ पीने और खाना बनाने के काम में ला रहे हैं। अगर नहाने में पानी बर्बाद कर देंगे, तो प्यास से मर जाएंगे। अब आप ही बताइए, नहाएंगे तो जिंदा कैसे रहेंगे?"
प्रशासनिक उदासीनता से आक्रोश
ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पंचायत स्तर पर गुहार लगाई गई, लेकिन आश्वासन के अलावा अब तक कुछ हासिल नहीं हुआ। चापाकल (हैंडपंप) की मरम्मत न होने और नए जल स्रोतों की व्यवस्था न किए जाने से ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।
तपती गर्मी में महिलाओं और बच्चों को सिर पर बर्तन रखकर पानी की तलाश में मीलों दूर भटकना पड़ रहा है। पानी की कमी के कारण इलाके में बीमारी फैलने का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
टैंकर से पानी भेजने की मांग
मझनहा टोला के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित जल विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि जब तक हैंडपंप को ठीक नहीं किया जाता या नया बोरिंग नहीं होता, तब तक गांव में तुरंत सरकारी टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई शुरू की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस विकराल समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।


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