Chief editor-neeraj pandey 


भीषण नवतपा के बीच अग्नि तपस्या पर बैठे अघोरी साधु श्री राम दास महाराज; दर्शनों के लिए उमड़ा जनसैलाब

मुख्य बाते 

  • स्थान:राणा प्रताप वार्ड, मां काली मंदिर से 1.5 किमी दूर, बाल ब्रह्मचारी श्री श्री 1008 नागा साधु श्री राम जी महाराज ब्रह्मलीन स्थान।
  • अवधि: 23 मई 2026 से 02 जून 2026 तक।
  • साधना: प्रचंड नवतपा की लपटों के बीच 'अग्नि तपस्या'।

मुख्य समाचार:

​जहाँ एक ओर देश के मैदानी इलाकों में सूरज की तपिश और 'नवतपा' की गर्म लपटों (लू) के कारण आम जनजीवन बेहाल है और लोग घरों से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अध्यात्म और अगाध आस्था की एक ऐसी विहंगम तस्वीर सामने आई है जिसे देखकर हर कोई दांतों तले उंगली दबा रहा है।

​बाल ब्रह्मचारी श्री श्री 1008 नागा साधु श्री राम जी महाराज के ब्रह्मलीन स्थान (महाराणा प्रताप वार्ड, मां काली मंदिर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूरी) पर एक अद्वितीय आध्यात्मिक अनुष्ठान की शुरुआत हुई है। यहाँ पूज्य अघोरी साधु श्री श्री 1008 श्री राम दास जी महाराज ने लोक कल्याण और विश्व शांति के लिए अपनी कठिन 'अग्नि तपस्या' प्रारंभ कर दी है।

नवतपा की लपटों के बीच धूनी रमाए बैठे हैं संत

​यह कठिन साधना कल यानी 23 मई 2026 से शुरू हो चुकी है, जो आगामी 02 जून 2026 तक अनवरत जारी रहेगी। आज के इस भीषण गर्मी के दौर में, जब पारा अपने उच्चतम स्तर पर है, चारों तरफ से जलती लकड़ियों और कण्डों की धूनी (आग) के बीच बैठकर साधना करना किसी आम इंसान के वश की बात नहीं है। स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि ऐसी कठिन परीक्षा और अटूट संकल्प सिर्फ और सिर्फ एक सच्चे संत की तपस्या और सिद्धियों के बल पर ही संभव है।

दर्शन के लिए उमड़ रही है भारी भीड़

​जैसे ही अघोरी साधु श्री राम दास महाराज की इस कठिन अग्नि तपस्या की खबर फैली, पूरे क्षेत्र और आस-पास के गांवों से श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया है। भीषण गर्मी की परवाह न करते हुए लोग महाराज जी के दर्शन और आशीर्वाद लेने पहुँच रहे हैं। चारों तरफ का माहौल "जय जय सीताराम" और धार्मिक जयकारों से गूंज उठा है।

श्रद्धालुओं का कहना है: "इस महा गर्मी में जहाँ लोग पंखे-कूलर से दूर नहीं रह पा रहे हैं, वहाँ महाराज जी साक्षात अग्नि के बीच बैठकर ईश्वर की आराधना कर रहे हैं। यह उनकी महानता और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाता है।"


​यह अलौकिक दृश्य इस बात का प्रमाण है कि भारत की सनातन संस्कृति में संतों का तप और त्याग आज भी जीवंत है। इस 11 दिवसीय महा-अनुष्ठान को लेकर पूरे क्षेत्र में भक्ति और कौतूहल का माहौल बना हुआ है।

जय जय सीताराम...

Comments

Popular posts from this blog

जनपद पंचायत कटनी में वर्षों से जमे रोजगार सहायक, तबादलों पर प्रशासन की चुप्पी

मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल तपस्या परिहार कटनी की नई निगमायुक्त, शिशिर गेमावत का भी तबादला, शासन ने किया बड़ा प्रशासनिक फेरबदल कई IAS अधिकारियों के तबादले

बड़ी खबर- कटनी जिला उद्योग विभाग मे फर्जीवाड़े की खुलने लगी परते