Chief editor-neeraj pandey
कटनी में प्रशासन का कड़ा एक्शन: सार्वजनिक रास्ता रोकने पर तहसीलदार ने जारी किया 'स्टे ऑर्डर'
मध्य प्रदेश के कटनी जिले से इस वक्त की एक बड़ी खबर आ रही है, जहां तहसीलदार न्यायालय ने ग्राम पिपरौंध में अवैध निर्माण पर कड़ा रुख अपनाते हुए अंतरिम स्थगन आदेश जारी कर दिया है। ग्रामीणों की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सार्वजनिक संपत्तियों पर कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्या है मामला
कटनी के ग्राम पिपरौंध में सार्वजनिक रास्ते को लेकर चल रहा विवाद अब कोर्ट की दहलीज तक पहुँच गया है। मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत पिपरौंध के सरपंच, सचिव और समस्त ग्रामवासियों ने प्रशासन से शिकायत की थी कि गाँव के खसरा नंबर 322 और 323 के बीच स्थित 10 फीट चौड़े 'वाजिब-उल-अर्ज' (सार्वजनिक) रास्ते को कुछ लोगों द्वारा अवैध निर्माण कर बंद किया जा रहा है।
- आरोपी: न्यायालय ने मुकेश कारडा और राकेश कारडा (पिता लालचंद कारडा को इस मामले में अनावेदक बनाया है।
- प्रशासनिक आदेश: तहसीलदार ने तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य पर रोक लगाने का आदेश दिया है।
- अंतिम चेतावनी: आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि मौके पर 'यथास्थिति' (Status Quo) बनाए रखी जाए और शांति व्यवस्था भंग न की जाए।
कोर्ट की कार्यवाही:
तहसीलदार न्यायालय ने दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का मौका दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 13 मई 2026 को नियत की गई है। कोर्ट ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि अनावेदक तय तारीख पर उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी।
फिलहाल, इस आदेश की प्रति थाना प्रभारी माधव नगर, राजस्व निरीक्षक और हल्का पटवारी को भेज दी गई है ताकि मौके पर निर्माण कार्य रुकवाया जा सके। अब देखना यह होगा कि 13 मई को होने वाली सुनवाई में कोर्ट क्या अंतिम फैसला सुनाता है।

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