Chief editor-neeraj pandey
बिजली कटौती से जनता बेहाल, जिम्मेदार बेखबर
कटनी में भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती से हाहाकार; रात-रात भर जागने को मजबूर लोग, जनता में भारी आक्रोश
कटनी।
एक तरफ आसमान से बरसती आग और दूसरी तरफ विद्युत विभाग की लापरवाही—इन दोनों की दोहरी मार से इस वक्त कटनी की जनता का जीना मुहाल हो गया है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती ने लोगों को खून के आँसू रुला दिए हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इस गंभीर समस्या पर न तो बिजली विभाग के अधिकारी कुछ बोलने को तैयार हैं और न ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों के कान पर जूं रेंग रही है।
रातभर गुल रहती है बत्ती, बुजुर्ग और मरीज सबसे ज्यादा परेशान
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दिन तो जैसे-तैसे कट जाता है, लेकिन असली प्रताड़ना रात को शुरू होती है। रातभर बार-बार होने वाली ट्रिपिंग और घंटों की कटौती के कारण लोग सो नहीं पा रहे हैं।
"इस भीषण गर्मी में बिना पंखे और कूलर के रात काटना नरक जैसा हो गया है। हमारे घर में बुजुर्ग और छोटे बच्चे हैं, जो पूरी रात गर्मी से बिलखते रहते हैं। मरीजों की हालत और भी बदतर है।"
— स्थानीय निवासी
"चुनाव गर्मी में हों, तब समझ आएगा नेताओं को दर्द"
बिजली विभाग और नेताओं की बेरुखी से नाराज आम जनता का आक्रोश अब सड़कों पर दिखने लगा है। लोगों का गुस्सा इस कदर फूट रहा है कि वे व्यवस्था को जमकर कोस रहे हैं। सोशल मीडिया से लेकर चौराहों तक पर लोग यह कहते नजर आ रहे हैं कि:
- नेताओं को सिर्फ वोट से सरोकार: चुनाव खत्म होते ही जनप्रतिनिधि जनता की बुनियादी समस्याओं को भूलकर गायब हो जाते हैं।
- गर्मी में हो चुनाव: नागरिकों का कहना है कि अगर चुनाव इसी तरह मई-जून की भीषण गर्मी और बिना बिजली के माहौल में कराए जाएं, तब शायद एयर-कंडीशनर (AC) कमरों में बैठने वाले नेताओं को आम जनता की तकलीफ का अहसास होगा।
जनता को अब आश्वासन नहीं, समाधान चाहिए
बिजली गुल होने पर जब लोग शिकायत केंद्र (कंट्रोल रूम) में फोन करते हैं, तो या तो फोन उठता नहीं है या फिर 'मेन्टेनेन्स' और 'फॉल्ट' का रटा-रटाया बहाना बना दिया जाता है। कटनी की जनता अब बिजली विभाग के इन खोखले आश्वासनों से थक चुकी है। लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अघोषित बिजली कटौती पर रोक नहीं लगाई गई और निर्बाध बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए मजबूर होंगे।
बहुत अच्छा लगा तो बहुत ही ज्यादा परेशानी बन रही है। जनता बेहाल है और बिजलीविभाग बिजली कटौती पर मस्त है।
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