Chief editor-neeraj pandey
पत्रकारिता के नाम पर कलंक: कटनी और रीठी में 'ब्लैकमेलिंग' का धंधा, गरीब बीड़ी मजदूर से भी वसूल लिए थे उसकी गैर मौजूदगी मे 15 हजार रूपए
कटनी।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कुछ चंद पैसों के लालची लोगों ने अपनी अवैध उगाही का जरिया बना लिया है। कटनी जिले में एक ऐसा ही शर्मनाक मामला सामने आया है, जहाँ एक तथाकथित पत्रकार ने पत्रकारिता की आड़ में वसूली का समानांतर धंधा खोल रखा है। ईमानदारी का मुखौटा पहनकर घूमने वाले इस 'ब्लैकमेलर' की करतूतें अब धीरे-धीरे बेनकाब होने लगी हैं।
गरीबों के निवाले पर डाका
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस तथाकथित पत्रकार की भूख इतनी बढ़ चुकी है कि इसने बड़े व्यापारियों को तो छोड़िए, कटनी शहर से लेकर रीठी तहसील के हथकुरी गांव तक में अपना जाल फैला रखा है। हद तो तब हो गई जब इस शख्स ने हथकुरी में दिन-रात हाड़-तोड़ मेहनत करने वाले गरीब बीड़ी मजदूर को भी नहीं बख्शा।
बताया जा रहा है कि बीड़ी बनाने वाले इस गरीब परिवार की गैर-मौजूदगी का फायदा उठाकर, उन्हें डरा-धमकाकर इस ब्लैकमेल पत्रकार ने ₹15,000 की मोटी रकम ऐंठ ली। थी जो मजदूर पाई-पाई जोड़कर अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं, उनकी गाढ़ी कमाई पर इस लुटेरे ने पत्रकारिता का धौंस दिखाकर डाका डाला है।
ईमानदारी का मुखौटा, भीतर भरा खोट
यह तथाकथित पत्रकार समाज के सामने खुद को बेहद पाक-साफ और ईमानदार दिखाता है। खबरों के नाम पर दूसरों पर उंगली उठाने वाले इस शख्स का अपना दामन पूरी तरह दागदार है। लगातार मिल रही शिकायतों से साफ है कि इसकी रोजी-रोटी खबरों से नहीं, बल्कि डराने, धमकाने और अवैध वसूली (Extortion) से चल रही है।
बहुत जल्द होगा बड़ा खुलासा: ऑडियो और नाम होंगे वायरल
इस मामले में पीड़ित और स्थानीय जागरूक नागरिक अब चुप बैठने वाले नहीं हैं। इस तथाकथित पत्रकार की काली करतूतों का पूरा कच्चा चिट्ठा तैयार हो चुका है। पुख्ता सबूतों के तौर पर इस वसूलीबाज के ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आ चुके हैं।
नोट: हमारी टीम के पास इस पूरे मामले के पुख्ता इनपुट्स हैं। बहुत जल्द इस 'वसूली भाई' का नाम और इसके काले कारनामों का ऑडियो सार्वजनिक (वायरल) किया जाएगा, ताकि पत्रकारिता को बदनाम करने वाले इस चेहरे को समाज पहचान सके और कानून के हवाले किया जा सके। (अगले अंक मे )
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