Chief editor-neeraj pandey
सरपंच पर घर में घुसकर अभद्रता का आरोप, न्याय के लिए दर-दर भटक रहीं मां-बेटी पीड़ित रननो और उसकी मां
महिला थाना और बड़वारा थाना पुलिस से नहीं मिली मदद, अब एसपी कार्यालय कटनी से न्याय की गुहार
कटनी
ग्राम पंचायत पठरा के अंतर्गत आने वाले ग्राम पौड़ी से एक बेहद संवेदनशील और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ की निवासी एक पीड़ित महिला रननो सिंह और उसकी वृद्ध मां न्याय पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। महिला का आरोप है कि रसूखदार आरोपी के खिलाफ स्थानीय स्तर पर कोई सुनवाई नहीं की जा रही है, जिसके बाद अब उसने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय कटनी का दरवाजा खटखटाया है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता रननो सिंह गौड द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार, घटना के वक्त वह अपने घर पर अकेली थी। उसके पति और मां किसी काम से बाहर गए हुए थे। इसी सूनेपन का फायदा उठाकर ग्राम पंचायत पंचायत पठरा के वर्तमान सरपंच अशोक सिंह गौड़ जबरन उसके घर में घुस आए।
पीड़िता का आरोप: "सरपंच ने अकेलेपन का फायदा उठाते हुए मेरे ऊपर चाकू अड़ा दिया। चाकू की नोक पर उन्होंने मेरे साथ आपत्तिजनक हरकतें और अभद्रता की। जब मैंने शोर मचाने की कोशिश की, तो उन्होंने जान से मारने की धमकी भी दी।"
थानों के चक्कर काटने के बाद भी रही 'सुनवाई शून्य'
मामले में सबसे बड़ा सवाल बड़वारा थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर खड़ा होता है। पीड़िता का कहना है कि घटना के बाद वह न्याय की उम्मीद लेकर सबसे पहले स्थानीय बड़वारा थाने पहुंची, लेकिन वहां उसकी बात को अनसुना कर दिया गया। और उसको डाटकर भगा दिया गया इसके बाद पीड़ित महिला और उसकी मां 'महिला थाना' भी गईं, ताकि महिला पुलिसकर्मियों के बीच वह अपनी बात खुलकर रख सके। परंतु, आरोप है कि महिला थाने से भी उसे निराशा ही हाथ लगी और उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
हर तरफ से निराश होने के बाद, अंततः पीड़िता ने अपनी बुजुर्ग मां के साथ पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय कटनी की चौखट पर दस्तक दी है। मां-बेटी का रो-रोकर बुरा हाल है और वे सिर्फ निष्पक्ष जांच व आरोपी सरपंच की गिरफ्तारी की मांग कर रही हैं।
अब सवाल यह उठता है कि
- क्या एक रसूखदार सरपंच के दबाव में पुलिस ने शुरुआत में कार्रवाई नहीं की?
- क्या कटनी एसपी कार्यालय से इस पीड़ित मां-बेटी को न्याय मिल पाएगा?
- या फिर सत्ता और रसूख के आगे इस गरीब परिवार की आवाज एक बार फिर दबा दी जाएगी?
इस पूरे मामले में अब देखना यह होगा कि वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद पुलिस क्या कदम उठाती है।


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