Chief editor-neeraj pandey
कटनी में बिजली विभाग की मनमानी: भीषण गर्मी में घंटों गुल हो रही बत्ती, बिल आ रहा पूरा
लो-वोल्टेज और अघोषित कटौती से जनता बेहाल, मेंटेनेंस के दावों की निकली हवा
कटनी। नौतपा की इस रिकॉर्ड तोड़ भीषण गर्मी में जहाँ पारा ४३-४५ डिग्री के पार जा रहा है, वहीं कटनी जिले के नागरिक इस समय दोहरी मार झेल रहे हैं। एक तरफ सूरज की तपिश है, तो दूसरी तरफ बिजली विभाग की घोर मनमानी और लापरवाही। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक, अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। हालात ये हैं कि कई-कई घंटों तक लाइट गोल रहती है, लेकिन जब महीने का अंत होता है, तो विभाग 'पूरा' और भारी-भरकम बिल थमाने में जरा भी देरी नहीं करता।
कूलर-पंके बने शो-पीस, रात की नींद उड़ी
गर्मी के इस सीजन में जब लोगों को बिजली की सबसे ज्यादा जरूरत है, तब विभाग की चरमराई व्यवस्था सामने आ रही है। अघोषित कटौती के कारण घरों में लगे कूलर, पंखे और एसी सिर्फ शो-पीस बनकर रह गए हैं। खासकर रात के समय होने वाली कटौती से बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों की हालत बदतर हो रही है।
ग्रामीण इलाकों और शहर के बाहरी वार्डों में तो स्थिति और भी खराब है। वहां कई-कई घंटों तक ट्रिपिंग और फॉल्ट के नाम पर बिजली बंद कर दी जाती है।
लो-वोल्टेज की मार: फुंक रहे हैं उपकरण
कटौती के अलावा जो सबसे बड़ी समस्या बनकर उभरी है, वह है लो-वोल्टेज (Low Voltage)। कई इलाकों में वोल्टेज इतना कम आ रहा है कि पानी की मोटर चलना तो दूर, पंखे भी रेंगते नजर आते हैं। इस अप-डाउन और लो-वोल्टेज के कारण नागरिकों के कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे फ्रिज, टीवी और इनवर्टर फुंक रहे हैं।
"गर्मी में बिजली कब चली जाए, कोई भरोसा नहीं। फोन लगाओ तो कोई जिम्मेदारी से जवाब नहीं देता। वोल्टेज इतना कम रहता है कि कूलर सिर्फ हवा फेंकता है, ठंडक नहीं देता। लेकिन मजाल है कि बिजली बिल में एक रुपये की भी रियायत मिल जाए! बिल हमेशा बढ़कर ही आता है।"
– एक परेशान स्थानीय उपभोक्ता
कागजी साबित हुए मेंटेनेंस के दावे
गर्मी शुरू होने से पहले बिजली विभाग द्वारा हर साल 'प्री-मानसून और समर मेंटेनेंस' के नाम पर घंटों कटौती की जाती है। बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं कि इस बार निर्बाध बिजली सप्लाई होगी। लेकिन जैसे ही पहली तपन शुरू हुई, विभाग के इन दावों की पोल खुल गई। मामूली हवा चलने या तापमान बढ़ते ही ट्रांसफार्मर हांफने लगते हैं और केबल फॉल्ट की शिकायतें आम हो जाती हैं।
जनता में पनप रहा आक्रोश
कटनी की जनता अब विभाग की इस तानाशाही और मनमानी से बेहद आक्रोशित है। लोगों का कहना है कि यदि विभाग को पूरा बिल वसूलने का हक है, तो उपभोक्ताओं को २४ घंटे सुचारू बिजली देने का कर्तव्य भी निभाना चाहिए। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि अघोषित कटौती और वोल्टेज की समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन और बिजली दफ्तर का घेराव करने को मजबूर होंगे।
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