कटनी कैलवारा खुर्द में वित्तीय घोटाले का आरोप, शिकायतों पर भी कार्रवाई शून्य—प्रशासन की सुस्त प्रणाली पर सवाल
Chief editor-neeraj pandey
कटनी कैलवारा खुर्द में वित्तीय घोटाले का आरोप, शिकायतों पर भी कार्रवाई शून्य—प्रशासन की सुस्त प्रणाली पर सवाल
कटनी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द से एक गंभीर का मामला सामने आया है, जहाँ वर्ष 2017 में पूर्व सरपंच माधुरी पाठक के कार्यकाल के दौरान वित्तीय प्रभार पर नियुक्त तत्कालीन सचिव द्वारा तीन विकास कार्यों में स्वीकृत राशि से अधिक राशि निकासी किए जाने के आरोप हैं। यह मामला अब एक संभावित वित्तीय घोटाले का रूप ले चुका है।
बताया जा रहा है कि इन अनियमित भुगतानों की शिकायत वर्तमान सरपंच छुट्टु कोल द्वारा लगभग छह माह पूर्व जनपद पंचायत कटनी, जिला पंचायत कटनी एवं कलेक्टर कार्यालय कटनी में लिखित रूप से की गई थी। इसके बावजूद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो दिसंबर 2025 में पुनः शिकायत दर्ज कराई गई।
आश्चर्य की बात यह है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद जनपद पंचायत कटनी के अधिकारी अब तक जांच या कार्रवाई से बचते नजर आ रहे हैं। न तो जांच समिति गठित की गई और न ही संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया गया।
मध्यप्रदेश पंचायत लेखा नियम एवं सामान्य वित्तीय नियम (GFR) के अनुसार, यदि स्वीकृत राशि से अधिक भुगतान हुआ है तो दोषियों से वसूली एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई अनिवार्य है।
प्रशासन पर सवाल :सबसे बड़ा सवाल यह है कि—
👉 क्या पंचायत स्तर पर हुए कथित घोटालों पर कार्रवाई केवल कागज़ों तक सीमित रह गई है?
👉 क्या जनपद पंचायत के अधिकारी जिम्मेदारी से बच रहे हैं?
👉 आखिर कब तक शासन की यह सुस्त प्रणाली दोषियों को संरक्षण देती रहेगी?
जनहित को देखते हुए आवश्यक है कि इस मामले में तत्काल जांच कराई जाए, दोषी पाए जाने पर राशि की वसूली, एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वास बहाल हो सके।


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