Chief editor-neeraj pandey
कटनी जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत खरखरी से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ ग्रामीणों ने पंचायत सचिव सुलेखा गुप्ता पर मनमानी, बदजुबानी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। आरोप इतने गंभीर हैं कि ग्रामीणों का कहना है— “जिम्मेदार अधिकारी मौन हैं, इसलिए सचिव सुलेखा गुप्ता बनी डॉन हैं।”
कटनी जिले की ग्राम पंचायत खरखरी ग्राम में नाली की अव्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या की शिकायत 181 हेल्पलाइन पर भी दर्ज कराई है।
क्या कहा ग्रामीणों ने
ग्रामीणों के अनुसार, जब इस संबंध में सरपंच से बात की गई तो उन्होंने आश्वासन दिया कि तकनीकी स्वीकृति (टीएस) मिलते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा। लेकिन जब यही शिकायत पंचायत सचिव सुलेखा गुप्ता से की गई, तो उनका जवाब कथित रूप से चौंकाने वाला था।
खरखरी निवासी राजेश दुबे का कहना है कि सचिव ने साफ शब्दों में कहा— “मैं कुछ नहीं करूंगी, जहाँ शिकायत करनी है कर दो, मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता।” ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव ने यहाँ तक कहा कि वे जो भी कमाती हैं उसका हिस्सा अधिकारियों तक जाता है।
क्या कहा राजेश कुमार दुबे ने
ग्रामीणों का कहना है कि खरखरी ग्राम में अव्यवस्थाएँ चरम पर हैं, लेकिन सचिव द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।
यही नहीं, इससे पहले ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द में भी, जहाँ सचिव सुलेखा गुप्ता को प्रभार दिया गया था, झुरही टोला के कुछ ग्रामीणों ने उन पर पैसों के लेनदेन का आरोप लगाया था। ग्रामीणों का आरोप था कि प्रस्ताव तैयार करने के बदले पैसों की मांग की गई। मामला कोल ड्राइव फाउंडेशन को पाँच एकड़ भूमि आवंटन के प्रस्ताव से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसे जिला कलेक्टर और भोपाल स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद पंचायत की स्वीकृति के लिए भेजा गया था।
ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच को इस प्रस्ताव पर कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन सचिव द्वारा कथित रूप से शर्त रखी गई कि पैसा देने पर ही प्रस्ताव आगे बढ़ेगा।
अब सवाल यह उठता है कि यदि ग्रामीणों के आरोप सही हैं, तो जनपद पंचायत कटनी के जिम्मेदार अधिकारी, विशेषकर सीईओ, इस मामले में क्या कार्रवाई करेंगे?
फिलहाल ग्रामीण न्याय की मांग कर रहे हैं और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की अपेक्षा कर रहे हैं।
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